देश- भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से राहुल गांधी लगातार इस कोशिश में लगे हुई है कि वह कांग्रेस में जान डाल सकें और स्वयं को हर जाति धर्म का नेता बना पाए। मोटा मोटा समझें तो राहुल मानवता के नेता बनना चाहते हैं और शायद इस यात्रा के माध्यम से वह यह कर पाने में सफल भी हुए हैं।
वहीं अब जब उनकी भारत जोड़ो यात्रा पंजाब के दोआब में कदम रखती है तो वह बहुसंख्यक समाज के लोगों के दिल मे अपनी जगह बनाने की कोशिश करते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने यहां कांशीराम की बहन स्वर्ण कौर से मुलाकात की। यह वही है जो बसपा सुप्रीमो मायावती के खिलाफ खड़ी हैं।दावा किया जा रहा है राहुल की ओर स्वर्ण कौर की मुलाकात के बड़े राजनीतिक मायने हैं।
वहीं राहुल गांधी ने उनसे उसी स्थल पर मुलाकात की है। जहां से काशीराम ने अपनी राजनीति शुरू की थी। इस जगह से साल 1996 में काशीराम सांसद चुने गए थे। यह अनुसूचित जाति का गढ़ माना जाता है। बताया जा रहा है पंजाब की राजनीति में यह राहुल का यह दांव बड़ा बदलाव ला सकता है।
बता दें काशीराम के बाद से यहां बसपा को जनता का समर्थन नहीं मिला। वहीं इस मुलाकात के बाद आदमपुर से कांग्रेस विधायक सुखविंदर कोटली जोकि कांशीराम के निकटवर्ती रहे हैं ने कहा, बसपा अपने मार्ग से भटक गई है। इसलिए हमने कांग्रेस का साथ दिया। अगर काशीराम की बहन और उनका पूरा परिवार कांग्रेस के साथ खड़ा हो गया तो यह एक ऐतिहासिक परिवर्तन होगा।
