देश- बिहार सरकार की शराबबंदी नीति सवालों के घेरे में है। भाजपा सांसद लगातार जहरीली शराब के सेवन से हो रही मौतों के परिपेक्ष्य में नीतीश कुमार को घेर रहे हैं। लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शराबबंदी की असफलता को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं।
लेकिन क्या आपको पता है कि बिहार में शराबबंदी से मौत का यह पहला मामला नहीं है। बिहार के अलावा कई अन्य ऐसे राज्य हैं जहां शराब के सेवन से लोगों की जान जा रही है।
अगर हम एनसीआरबी के आकड़े को देखें तो बीते 6 साल में मध्य प्रदेश में सबसे अधिक शराब के सेवन से मौत हुई हैं। इसके बाद कर्नाटक, पंजाब और छत्तीसगढ आते हैं। वही बिहार और गुजरात जहरीली शराब से मरने वाले लोगों की लिस्ट में टॉप 5 में आते हैं।
हालाकि बीते 6 साल में जहरीली शराब के सेवन से मरने वाले लोगों की संख्या में कमी आई है। साल 2016 में शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या 1054 थी, जो 6 साल बाद घटकर 2021 में 782 पहुंच गई है।
बिहार और गुजरात मे शराबबंदी है। यदि हम आकड़ो की माने तो शराबबंदी का प्रभाव दिखा है और इन राज्यो में मौत का आकड़ा कम हुआ है।
