बरेली, लव जिहाद के नए कानून के लागू हाेने के बाद शनिवार देर रात देवरनियां थाने में पहला मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपित पिछले एक साल से पीड़िता छात्रा और उसके स्वजनों पर जबरन धर्म-परिवर्तन कर निकाह का दवाब बना रहा था। स्वजनों के विरोध पर आरोपित ने शनिवार को घर में घुस कर धमकी दी। जिसके बाद पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम (लव जिहाद) में मुकदमा दर्ज किया।
देवरनियां के एक गांव निवासी छात्रा को एक लड़के की स्कूल के समय से ही लड़की से पहचान हुई। धीरे-धीरे लड़के ने छात्रा को प्रेमजाल में फंसाया।इंटर के बाद दोनों स्कूल से अलग हो गए। छात्रा के स्वजनों के संज्ञान में मामला सामने आने के बाद उन्होंने विरोध किया। विरोध पर बीते एक साल पहले आरोपित कुछ दिन तो शांत रहा। बावजूद जब भी छात्रा जब भी बाहर निकलती आरोपित उसे परेशान करने लगा। छात्रा ने मना किया तो रास्ता रोककर उठा ले जाने की धमकी दी। फोन पर धमकी दी। इससे छात्रा मानसिक रूप से परेशान हो गई। रोती-बिलखती छात्रा ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी स्वजनों को दी। मामले की जानकारी पर पीड़ित छात्रा के पिता ने आरोपित को समझाने का प्रयास किया लेकिन, वह नहीं माना। शनिवार को छात्रा के घर में घुसकर उसके स्वजनों को धमकाया कि छात्रा का निकाह हुआ तो मुझसे होगा और धर्म-परिवर्तन भी करना पड़ेगा। स्वजनों ने विरोध किया जो आरोपित ने तमंचा निकाल लिया। पीड़िता के पिता ने आरोपित उवैश अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। तहरीर मिलते ही पुलिस ने आरोपित के घर दबिश दी लेकिन, वह फरार मिला।
पुलिस ने कहा
एसपी देहात संसार सिंह का कहना है कि आरोपित उवैश अहमद के खिलाफ विधि विरूद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के साथ अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपित की पकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है।

