आबकारी और पुलिस विभाग की कमीशन खोरी ने बना दिया ओखरगढ़ को शराब का गढ़

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मस्तूरी

छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में एक छत्तीसगढ़ी कहावत बहुत ही चर्चित है जिसे छत्तीसगढ़ सरकार के विपक्षी दलों में बड़े ही चाव के साथ बोला जाता है वह कहावत यह है कि “कृष्ण राज में दूध मिले और रामराज में घी, भूपेश के राज में दारु मिली तो फिर चाउर बेच बेच के पी”यह कहावत आजकल मस्तूरी जनपद क्षेत्र के पचपेड़ी थाना अंतर्गत काफी जोरों से चल रहा है। एक और जहां जिले में पचपेड़ी थाना आबकारी एक्ट के तहत अवैध शराब बेच रहे लोग के ऊपर कार्यवाही करने के नाम पर जिले में अव्वल होने का दावा कर रही है। तो वही पचपेड़ी थाना के चारों दिशाओं में थाना से महज 2 से 3 किलोमीटर की दूरी पर कुछ कुछ ऐसे ग्राम पंचायत है जहां शराब बिक्री के नाम पर गोल्ड मेडल देने के लायक बन गया। इन ग्राम पंचायतों में 25 परसेंट लोग शराब की बिक्री बेखौफ और बेधड़क होकर करते हैं बिलासपुर जिले की मस्तूरी जनपद क्षेत्र के पचपेड़ी परीक्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जो जिले में अवैध शराब बिक्री के नाम पर अव्वल नंबर में आता है।

अवैध शराब बिक्री के संबंध में ऐसे ही एक ग्राम पंचायत है जो पचपेड़ी थाना क्षेत्र से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है जिसका नाम ओखर  है। प्रसिद्ध भगवान शिव के मंदिर होने की वजह से और प्रत्येक वर्ष मांघ पूर्णिमा भगवान शिव की वजह से सात दिवसीय मेला लगने की वजह से इस ग्राम पंचायत को महादेव की नगरी ओखर गढ़ के नाम से जाना जाता है। इस ग्राम पंचायत में कुल20 वार्ड है जहां की जनसंख्या लगभग आठ हज़ार से ऊपर है। जहां शाम होते ही शराबियों के मेले लगते हैं इस ग्राम पंचायत में तीस लोगों से ऊपर लोग देसी विदेशी मदिरा सहित कच्ची महुआ शराब का भी अवैध तरीके से बेधड़क  बेखौफ होकर शराब बिक्री करते हैं। जिनकी वजह से आजकल यह ग्राम पंचायत बहुत ही सुर्खियों में बना है।

नजदीकी पुलिस थाना और आबकारी विभाग के लोग के द्वारा शराब बेच रहे कोचियों से कमीशन खोरी लेन के कारण यहां शराब बिक्री करने वालों की संख्या भारी मात्रा में बढ़ रही है, और कहीं ना कहीं अवैध शराब बिक्री करने वालों की संख्या बढ़ने के पीछे आबकारी पुलिस और पचपेड़ी पुलिस का ही हाथ है। अवैध शराब बिक्री होने के कारण इस ग्राम पंचायत में लड़ाई झगड़ा चोरी छेड़खानी जैसे वारदातें आए दिन देखने को भी मिलती है। जैसे की ताजा मामला अभी कुछ ही दिन पूर्व छत्तीसगढ़ शासन की महत्वकांक्षी योजना का गौठान निर्माण में लगे जाली तार को जिसकी अनुमानित लागत बिस हजार है  उसको अज्ञात असामाजिक तत्वों के लोग ने चोरी करके ले गए हैं जिसका रिपोर्ट दर्ज भी पचपेड़ी थाना में हो गया है। जिसका आरोपी अभी भी नहीं पकड़ाया है। इन्हीं सब कारणों की वजह से देवगढ़ कहने वाला ओखरगढ अब शराब का गढ़ बना हुआ है।

गांव में अवैध शराब बिक्री होने की वजह से युवा पीढ़ी है सबसे ज्यादा प्रभावित

ग्राम पंचायत ओखर में अवैध शराब बिक्री होने की वजह से गांव के महिला पुरुष युवा बुजुर्ग सहित 45% से अधिक लोग शराब सेवन करने के आदी हो गए हैं जिसमें सबसे ज्यादा युवा पीढ़ी नशे की शिकार हो रहे हैं। जिसके कारण गांव की छोटी उम्र के युवा जिनकी उम्र अभी पढ़ने लिखने के हैं वह भी शराब के नशे में चूर नजर आते हैं।

पचपेड़ी क्षेत्र मेंअवैध शराब बिक्री को लेकर जनप्रतिनिधि करेंगे एसपी कार्यालय का घेराव

क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध शराब बिक्री को लेकर जिला पंचायत सदस्य से लेकर कई ग्राम पंचायतों के सरपंच व राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने बहुत ही जल्द पचपेड़ी क्षेत्र में बिक रहे अवैध शराब को लेकर बिलासपुर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय का घेराव करने का मनसा बना लिए हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब का जिम्मेदार कहीं ना कहीं अबकारी विभाग व नजदीकी थाना प्रभारी की सुस्त रवैया के वजह से अवैध शराब का कारोबार फल-फूल रहा है।

जवाबदार अधिकारी नहीं उठाते फोन, आखिर लोगों की समस्या कौन सुने

क्षेत्र में बिक रहे अवैध शराब के बारे में अगर आबकारी विभाग या फिर पुलिस विभाग के किसी जवाबदार अधिकारी को फोन लगाया जाता है दोनों विभाग के जवाबदार अधिकारी फोन ही नहीं उठाते, इस खबर को लिखते वक्त भी इस खबर के संबंध में अधिकारी से बाइट या वर्जन लेने के लिए जब दोनों विभाग के अधिकारी को फोन लगाया गया तो फोन ही रिसीव नहीं किया गया आखिरकार जवाबदार अधिकारी अपने कर्तव्य से क्यों मुंह मोड़ रहे हैं यह समझ से परे है।

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