जातिगत रैलियों पर हमेशा के लिये लगना चाहिए प्रतिबंध

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देश– इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने यूपी के मुख्य राजनीतिक दल सपा, बसपा, कांग्रेस और भाजपा के लिए नया नोटिस जारी करने की बात कही है। कोर्ट ने कहा, राज्यों में जातिगत रैलियों में हमेशा के लिये प्रतिबंध लगा देना चाहिए। वही जो लोग इस नियम का उल्लंघन करें उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।
जानकारी के लिये बता दें 9 साल पहले अपने अंतरिम आदेश पर कार्यवाही न होने के बाद कोर्ट ने यह बात कही है और आयोग से सवाल पूंछा है। इस परिपेक्ष्य में दाखिल याचिका में कहा गया है कि कोर्ट की इस तरह की गतिविधियों के कारण कम जातियों वाले लोग अपने ही देश मे दोयम दर्जे के नागरिक बन गए हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने हाल ही में वकील मोतीलाल यादव द्वारा दायर एक पुरानी जनहित याचिका पर ये आदेश पारित किया।
जिसमें यूपी में जाति-आधारित रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी. रविवार को अपलोड किए गए अपने आदेश में पीठ ने सुनवाई की अगली तारीख 15 दिसंबर तय करते हुए इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (chief election commissioner-CEC) को नोटिस भी जारी किया है।

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