अंतरराष्ट्रीय:- मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में हुए एक सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि उनके यहां के लोगो का मानना है कि लोकतंत्र उनके यहां आर्थिक स्थिरता लाने में विफल रहा है। लोगो का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था से आर्थिक हालात खराब हुए हैं। बीबीसी की खबर के मुताबिक अरब बैरोमीटर नेटवर्क ने बीबीसी न्यूज़ अरेबिक के लिए नौ अरब देशों और फ़लस्तीनी क्षेत्र के 23 हज़ार लोगों से सवाल पूछे हैं। जिसमे से ज्यादातर लोगों का मानना था कि लोकतंत्र के कारण अर्थव्यवस्था खराब हुई है।
जानकारी के लिए बता दें इस सर्वे के नतीजे तब आए जब अरब देशों में लोकतंत्र को लेकर अरब स्प्रिंग में आंदोलन छिड़ा हुआ है ओर लोग लोकतंत्र को अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बता रहे हैं। लोगो का कहना है कि लोकतंत्र के आने से हालात खराब हुए हैं इसके कोई फायदे नजर नहीं आये हैं। जानकारी के लिए बता दें लोकतंत्र के विरोध के बाद सिर्फ ट्यूनीशिया में लोकतंत्र बरकरार रहा था.लेकिन पिछले सप्ताह यहां के लिए मसौदा तैयार हुआ ओर अब अगर संविधान राजी हुआ तो यहां का लोकतंत्र खत्म हो जाएगा ओर यह पुनः तनाशाही के दौर में लौट जाएगा।
इस सर्वे के दौरान जिन देशों के लोगो से सवाल पूंछे गए उन सबने लोकतंत्र को नकारा दिया ओर कहा यह बेकार तरीका है इससे अर्थव्यवस्था खराब हुई है और हमारे यहां का विकास रुक गया है। बीबीसी के अनुसार ईआईयू डेमोक्रेसी इंडेक्स ने इस विषय मे कहा कि मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका का प्रदर्शन लोकतंत्र के मामले में सबसे खराब है। इसके अलावा इसराइल के लोकतंत्र में खराबी बताई गई है. ट्यूनीशिया और मोरक्को को ‘हाइब्रिड शासन’ के तहत रखा गया है. बाकी के इलाके को ‘अधिनायकवादी शासन’ के तहत रखा गया है।
