छात्रों की आवाज को लाठी की मार से दबाने की हो रही कोशिश

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देश- बिहार के युवाओं का रोजगार के लिए संघर्ष जारी है। पुलिस ने एक बार पुनः युवाओं पर लाठियां बरसाई है और सरकार ने युवाओं पर हो रहे लाठीचार्ज के परिपेक्ष्य में मौन धारण कर रखा है।
जानकारी के लिए बता दें कल बीएसएससी के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने बिना सूचना के उनपर लाठीचार्ज कर दिया। वहीं प्रशासन ने सफाई देते हुए महज इतना कहा कि युवाओं ने कानून हाथ मे लेने का प्रयास किया। जिसके चलते मजबूरी में हमें यह कदम उठाना पड़ा।
पुलिस के लाठी चार्ज के कई छात्रों को चोट आई है और लोगों के मन मे नीतीश सरकार के खिलाफ काफी गुस्सा है। कई युवाओं का कहना है कि आज तक जो विपक्ष में होते हुए हमारे साथ खड़े थे। अब जब सत्ता में हैं तो हमारे पक्ष में बोलने से और निर्णय लेने से घबराते हैं। 
23 दिसंबर को बिहार स्टाफ़ सेलेक्शन कमीशन के ग्रेजुएट लेवल की दो चरणों की परीक्षा हुई थी। 24 दिसंबर को इसके तीसरे चरण की परीक्षा हुई, लेकिन 23 तारीख़ की परीक्षा के पहले चरण का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद इसे रद्द कर दिया गया। छात्रों का यह प्रदर्शन तीसरे चरण की परीक्षा रद्द करवाने के संदर्भ में था।
छात्रों ने यह कहा, हम शांति पूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। जब एक पेपर लीक हुआ तो आप यह कैसे कह सकते हैं कि दूसरा पेपर लीक नहीं हुआ होगा। वो हमसे सबूत मांग रहे हैं। हम कहां से लाएंगे? 2 हजार 250 सीटों के लिए परीक्षा हुई थी, जिसमें 9 लाख बच्चे शामिल हुए थे। हमारी मांग बस परीक्षा को रद्द करवाने की है। लेकिन हमारी बात को लाठियों की मार से दबाने का हर सम्भव प्रयास किया जा रहा है।

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