नोट पर देवी-देवताओं का चित्र अनुचित: महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि बोले

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डेस्क। पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने नोट पर देवी-देवताओं के चित्र छापने को अनुचित करार दिया है। उन्होंने कहा कि कागज पर देवी देवता के चित्र छपने से उनके अपमान की आशंका से इनकार भी नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि देवी देवता पूज्य है। और मंदिरों में विराजमान उनकी मूर्तियों की पूजा की जाती है। ऐसे में नोट पर देवी देवता के चित्र छापना कहीं से भी उचित नहीं है।
महामंडलेश्वर बनने के बाद पहली बार बरेली आए कैलाशानंद गिरि ने पत्रकार वार्ता में कई अहम मुद्दों पर अपनी राय पेश की और उन्होने कहा कि देश में सनातन धर्म की रक्षा करना एवं उसका प्रचार करना बहुत ही जरूरी है। 
इसी के साथ ज्ञानवापी के सवाल पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि साक्ष्य कोर्ट में दिए जा चुके हैं, और कोर्ट जरूर हमारे पक्ष में फैसला देगा। जहां श्री नन्दी हैं, वहां भला भगवान शिव के होने का साक्ष्य क्यों। आगे उन्होंने कहा सनातन धर्म के सनातन गुरुओं को सनातन अनुयायियों को बल मिल रहा है। साथ ही धर्म का राजा धर्म की रक्षा कर रहा है। 
आगे वो बोले देश के बड़े बड़े पीठ काशी विश्वनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ का जीर्णोद्धार हो रहा है।  वहीं बरेली नाथों की नगरी है। बरेली के 9 नाथ है, जिसके नाथ स्वयं भगवान शिव है और उन्हीं की मंगल कामना से आज मैं यहां तक पहुंच पाया हूं। 

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