ऋषि सुनक के पीएम बनने से बढ़ी इन भारतीयो की समस्याएं

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डेस्क। ऋषि सुनक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने मंत्रिमंडल की घोषणा की है तो उसमें पिछली सरकार की गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन को इसी मंत्रालय में बनाए रखा गया है। सुएला ब्रेवरमैन भारतीय प्रवासियों के ब्रिटेन आकर बसने के खिलाफ बयान देने के कारण काफी चर्चा में रहीं हैं।
उन्होंने हाल ही में यह कहा था कि – ‘ब्रिटेन में विदेशों से आकर बसने वालों को देखिए जो लोग यहां आकर नियम से ज्यादा टिक जाते हैं, उनमें भारतीय ही सबसे अधिक हैं।
इसी के साथ यह माना जाए कि ऋषि सुनक सरकार प्रवासियों के लिए उसी नीति पर चलेगी जिस नीति का समर्थन करती सुएला ब्रेवरमैन नजर आती हैं। वहीं इस बारे में अभी और बातें स्पष्ट होनी हैं पर ब्रिटिश मीडिया को ऐसा लगता है कि ऋषि सुनक आप्रवासियों की आमद में कटौती भी कर सकते हैं।
ये भारतीय लोगों के लिए बुरी खबर होगी क्योंकि हाल ही के वर्षों में ब्रिटेन में सबसे ज्यादा दक्षिण एशिया और खासकर भारत के लोग जाकर भी बस रहे हैं। वहीं ब्रिटेन में वीजा नियम सख्त होते हैं तो इसका सबसे ज्यादा असर भारतीय लोगों पर पड़ेगा।
जानकारी के लिए बता दें इससे पहले ब्रिटेन की गृहमंत्री रहीं प्रीति पटेल भी आप्रवासियों के आने पर सख्ती करने के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने फ्रांस से समुद्र के रास्ते नावों से आने वाले प्रवासियों और रिफ्यूजी लोगों को वापस धकेल देने की नीति भी बनाई थी। इसे पुशबैक पॉलिसी नाम से भी जाना जाता है। वहीं तब के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस नीति पर कभी अमल होने नहीं दिया और समुद्र से आने वाले प्रवासियों का मामला गृह मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय को सौंप दिया गया था।
सुनक, ब्रेवरमैन और पटेल तीनों यूरोपियन यूनियन से ब्रिटेन के बाहर आने (ब्रेक्जिट) के समर्थक बताए जाते हैं। इसकी एक वजह ये है कि यूरोपियन यूनियन में देशों के बीच आने-जाने पर पाबंदी नहीं और ब्रेक्जिट समर्थकों को लगता है कि यूरोपियन यूनियन में रहने से तमाम तरह के प्रवासी ब्रिटेन यहां आकर बस भी जाएंगे।

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