विदेश: लेबानन के एक अधिकारी ने घोषणा की है कि हर महीने 15 हजार सीरियाई शरणार्थियों को उनके देश वापस भेजा जा सकता है। उनके इस बयान के बाद कनाडा के अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री हरजीत सज्जन ने लेबनान की अपनी यात्रा को इंगित करते हुए कहा है कि अभी सीरियाई शरणार्थियों वापस लौटन असुरक्षित है। उन्होंने लेबनान की यात्रा के दौरान अस्थाई आवासों में रह रहे सीरियाई शरणार्थियों से मुलाकात की।
जानकारी के लिए बता दें 11 वर्ष पहले संघर्ष हुआ था जिसके बाद लगभग 50 लाख लोग सीरिया छोड़कर चले गए थे। यह लोग अपने पड़ोसी देश तुर्की, लेबनान और जॉर्डन में रह रहे हैं। वही लेबनान इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहा है। यहाँ 10 लाख सीरियाई शरणार्थियों का ढेरा है। अपनी आर्थिक स्थिति से परेशान लेबनान यह तैयारी कर रहा है कि वह किसी भी प्रकार से सीरियाई शरणार्थीयों को उनके देश वापस भेज सके।
बताते चले सीरिया के स्थानीय प्रशासन मंत्री हुसैन मखलूफ ने कहा था कि अब सीरिया के हालात पहले की अपेक्षा काफी बेहतर है। जो लोग स्वदेश वापसी करना चाहते हैं वह पुनः अपने देश लौट सकते हैं। उन्होंने अपने बयान में यह स्पष्ट किया था कि जो भी सीरिया वापस लौटेगा उसे अधिकारियों से पूरी सहायता मिलेगी।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी और मानवाधिकारों ने सीरिया शरणार्थियों के लिए चिंता जाहिर की है। क्योंकि उन्हें अभी भी वहां की हालत खस्ता लग रही है। सीरिया के कुछ नागरिक जो वापस लौटे उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. कनाडा के मंत्री सज्जन ने भी कुछ इसी प्रकार की चिंता व्यक्त की है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है अभी वहां के हालात ठीक नही है वहां जाना असुरक्षित है।
