राष्ट्रीय चिन्ह पर आपस मे भिड़ा पक्ष ओर विपक्ष, लेकिन मूर्तिकार ने कही बड़ी बात

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संसद:- संसद भवन पर जैसे ही राष्ट्रीय चिन्ह अशोक स्तम्भ का अनावरण किया गया यह विवादों के बीच घिर गया। विपक्ष ओर आम लोग सरकार पर सवाल करने लगे। विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि केंद्र की मोदी सरकार ने राष्ट्रीय चिन्ह के साथ छेड़छाड़ की है ओर अब उसकी आकृति में परिवर्तन हुआ है। जो अशोक स्तम्भ पहले शन्ति का प्रतीक था वह अब खूंखार दिखाई दे रहा है जो कई संकेत दे रहा है। 

विपक्ष के कड़े सावालो के बाद अब राष्ट्रीय चिन्ह को डिजाइन करने वाले मूर्तिकार सुनील देवड की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सुनील ने कहा उनके द्वारा बनाई गई मूर्ति ओर मूल संरचना के बीच कुछ मामूली अंतर हो सकता है। लेकिन वास्तविकता यही है कि राष्ट्रीय चिन्ह के साथ कोई छेड़छाड़ नही की गई है ओर न उसमे बदलाव हुआ है। 
इस विवाद पर बीजेपी वॉइस की ओर से ट्वीट किया गया है कि बिना वज़ह विरोध करने वालों, यह सारनाथ का वही असली स्तंभ है जिसे हम हर जगह अपने ऐतिहासिक प्रतीक चिन्ह के रूप में उपयोग करते हैं। असली सारनाथ स्तंभ पर विराजमान शेरों का मुख खुला हुआ है। और संसद में लगी प्रतिमा हुबहू असली वाले की तरह ही बनाई गई है।

 

 

देखे यूजर की प्रतिक्रिया:- 

विरोध करने वालों ने तो खुद हमारे नोट पर से अशोक स्तंभ हटाकर उसपर एक आदमखोर की फोटो लगा दी थी।