घाटी में आतंक फैलाने में इस अलगाववादी नेता का था हाथ

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डेस्क। अलगाव समर्थित नेता यासीन मलिक ने मंगलवार (10 मई) को कबूल कर लिया कि जम्मू कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में वह भी शामिल था। दिल्ली की एक अदालत के सामने यसीम ने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा, “हां, मैं जम्मू कश्मीर में आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहा हूं।”

जानकारी के अनुसार, अलगाववादी नेता को 2017 में कश्मीर घाटी में अलगाववादी और आतंकवाद से संबंधित घटनाओं के एक मामले में कोर्ट ने कठोर गैरकानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (UAPA) सहित सभी आरोपों के लिए दोषी ठहराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मलिक ने अदालत को बताया कि वह यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी अधिनियम), 17 (आतंकवादी अधिनियम के लिए धन जुटाने), 18 (आतंकवादी कृत्य करने की साजिश) , 20 (आतंकवादी गिरोह या संगठन का सदस्य होने के नाते) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश) एवं 124-ए (देशद्रोह) के तहत खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देना चाहता है।

जानकारी के लिए बता दें कि अदालत ने फारूक अहमद डार उर्फ ​​बिट्टा कराटे, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, मोहम्मद यूसुफ शाह, आफताब अहमद शाह, अल्ताफ अहमद शाह, नईम खान, मोहम्मद अकबर खांडे, राजा मेहराजुद्दीन कलवाल, बशीर अहमद भट, जहूर अहमद शाह वटाली, शब्बीर अहमद शाह, अब्दुल राशिद शेख और नवल किशोर कपूर सहित अन्य कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के खिलाफ भी ऑफिशियली आरोप तय किए हैं।