उत्तरप्रदेश:- सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने जले से निकलने के बाद पहली बार आज मीडिया के सामने अपना पक्ष रखा है। आजम खान ने कहा मेरी ऊपर दर्ज 90 फीसदी मामले मेरे अपनो की देन थे। इस घर के चिराग को घर के चिराग ने आग लगाई है। हालाकि अखिलेश यादव मुझसे मिलने नहीं आए लेकिन मैं उनसे नाराज नहीं हूं और न ही मैं हार्दिक पटेल हूँ।
आजम खान ने आगे अपनी जेल की कहानी को बयां करते हुए कहा जेल का माहौल मेरे लिए बेहतर नहीं था। एक दम सन्नाटा था जहां बाहर की कोई खबर नहीं मिलती थी। जेल अथॉरिटी जिनसे चाहती थी उनसे मुलाकात हो पाती थी बाकी किसी को मुझसे मिलने की इजाजत नहीं थी। लेकिन मैं उन सबका शुक्रिया करता हूँ जिन्होंने मेरा जेल में रहते हुए समर्थन किया वही जिन लोगो ने नहीं किया मैं उनको भी शुक्रिया ही कहूंगा।
उन्होंने आगे कहा मेरे अपने मुझसे मिलने आए जो मेरे साथ थे वह मेरे साथ है और जो नहीं आए वह मेरे साथ थे ही नहीं। मुझे माफिया कहा गया और जो मेरा जुर्म था आज वह उसी पर राज कर रहे हैं। जनता का प्यार मेरे लिए कभी कम नहीं हुआ जितने वोट मुझे जेल के भीतर रहकर मिले उतने ही जेल के बाहर मिलते थे। वोट बैंक से स्पष्ट है की आजम कही भी रहे लेकिन जनता आजम खान के साथ है।
वही अपनी रिहाई के संदर्भ में आजम खान ने कहा झूंठ तो झूंठ होता है लेकिन सच सर्वोपरि होता है। उसे छुपाया जा सकता है लेकिन दबाया नहीं जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह संविधान को ध्यान में रखते हुए मुझे अंतरिम जमानत देने का फैसला लिया वह उनका एक उम्दा निर्णय रहा है। वही अखिलेश मुझसे मिलने नहीं आई उनके पास अपनी कोई खास वजह रही होगी।
