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राजनीति– लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) प्रमुख चिराग पासवान का बीजेपी के प्रति समर्पण देंखने को मिल रहा है। वह लगातार बीजेपी के पक्षधर बने हुए हैं और अमित शाह व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरीफ करने का कोई मौका नही छोड़ रहे हैं।
इतना ही नही चिराग पासवान ने बिना किसी शर्त के बीजेपी का साथ देने का बीड़ा उठा लिया है। वह बीजेपी के लिए न सिर्फ प्रचार प्रसार कर रहे हैं अपितु बीजेपी की उम्दा छवि गढ़ने में अहम योगदान भी दे रहे हैं। उनके इस रुख से राजनैतिक गलियारों में हलचल मची हुई है कि आखिर बीजेपी के प्रति चिराग पासवान का इतना प्रेम क्यों उमड़ रहा है।
क्यों बीजेपी पर उमड़ा पासवान का प्यार-
अगर हम अतीत के पन्ने पलटते है तो हमे इस सवाल का जवाब आसानी से मिल जाएगा कि चिराग का बीजेपी के प्रति इतना झुकाव क्यों है। असल में चिराग पासवान के पिता रामविलास पासवान एनडीए के सदस्य थे। यह बीजेपी सरकार के मंत्री भी रहे हैं। लेकिन इनकी मौत के बाद लोजपा में बिखराव देंखने को मिला।
चिराग पासवान के पिता की मौत हुई नही की घर मे सियासत खेल शुरू हो गया था। चिराग के अपने उनके सामने खड़े हो गए। चिराग पासवान और उनके चाचा पशुपति पारस में विरासत को लेकर युद्ध छिड़ गया और लोजपा बिखर गई। लेकिन चिराग का बीजेपी के प्रति मोह अब भी जिंदा था। वह अपने पिता की नीतियों पर चलकर अपनी पार्टी को खड़ा करना चाहते हैं।
कैसे छुप कर किया समर्थन –
चिराग पासवान ने कभी बीजेपी का साथ नही छोड़ा। जब साल 2020 में उनकी पार्टी ने अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा तो उन्होंने उस समय भी उस जगह से अपना उम्मीदवार नही उतारा था। जहां से बीजेपी के उम्मीदवार मैदान में उतरे थे। चिराग पासवान की इस नीति से साल 2020 में ही यह स्पष्ट हो गया था की उनके लिए बीजेपी उनकी विरोधी नही अपितु बीजेपी के समर्थक हैं।
क्यों बीजेपी की तारीफ में जुटे हैं चिराग-
चिराग पासवान को यह पता है कि बिहार में उनका राजनैतिक करियर तभी आगे बढ़ेगा। जब उन्हें किसी बड़े दल का सहारा मिलेगा। क्योंकि वह अकेले अभी इतने मजबूत नही हुए हैं कि वह खुद को बिहार में स्थापित कर ले। चिराग बीजेपी की तारीफ और पैरवी इसलिए भी कर रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि बिना बीजेपी के उनकी एनडीए में एंट्री सम्भव नही है और बिना किसी सपोर्ट के वह अपने राजनैतिक करियर को उड़ान नही दे सकते हैं।
