डेस्क। भाजपा ने दो बार सत्ता जीतकर अभी तक 8 साल शासन करने का रिकॉर्ड कायम किया है और एक बार फिर से सत्ता पर राज करने के आसार साफ दिखाई दे रहे है। विपक्ष देश में और भी कमजोर होता दिखाई दे रहा है। हाल ही में अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) के प्रदेश अध्यक्ष और CPI (M) के राज्य सचिवालय के सदस्य पबित्रा कर ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए चुनावों में लोकतांत्रिक तरीके से भाजपा सरकार को हटाने का प्रण किया है।
पबित्रा ने राजनगर विधानसभा क्षेत्र में किसानों के साथ-साथ AIKS के नेताओं और कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में इस बात की घोषणा की। पबित्रा बोले कि “किसानों के हित में आंदोलन करने के लिए हमें अगले कुछ महीनों एकजुट होकर काम करना चाहिए, वर्ना किसानों की पीड़ा का कोई अंत नहीं।”
उन्होंने कहा कि उर्वरकों और कीटनाशकों की कीमतों में तेज लगातार बढ़ती जा रही हैं। देश का किसान पानी की कमी के कारण फसल का उत्पादन नहीं कर पा रहे पर राज्य सरकार की ओर से पानी के स्रोतों की मरम्मत और उन्हें बहाल करने के लिए कोई पहल नहीं हो रही। इसलिए कारण हमें इस अक्षम और जनविरोधी सरकार के खिलाफ जनमत बनाकर इसे संविधान के दायरे में रहकर दरकिनार करना चाहिए।”
पबित्रा ने अपने संबोधन के समय मौजूद सभी नेताओं से AIKS कार्यकर्ताओं और नेताओं से एआईकेएस के अधिक से अधिक सदस्यों को नामांकित कर साथ लेने का आह्वान किया। बता दें कि यह अधिवेशन राजनगर में बेलोनिया में AIKS की 8 स्थानीय या क्षेत्रीय समितियों के किसान-सदस्यों के साथ आयोजित किया गया।
जहां एक ओर AIKS के अध्यक्ष पबित्रा कर मुख्य वक्ता थे, वहीं सम्मेलन को वरिष्ठ नेताओं बाबुल देबनाथ और तपन सरकार ने भी इस अधिवेशन को संबोधित किया। इसका संचालन द्विजेंद्र मजूमदार ने किया। विभिन्न क्षेत्रों के AIKS के कुल 11 किसान-सदस्यों ने त्रिपुरा में किसानों की समस्याओं को लेकर भी चर्चा की।
