जल्द नासा पृथ्वी पर लाएगा मंगल ग्रह के नमूने

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NASA: नासा आय दिन अपने शोध से लोगो को चौंका देता है। वही अब खबर है कि नासा ने मंगल के नमूने पृथ्वी पर लाने की समय सीमा को तय कर दिया है। बताया जा रहा है कि 2023 में नासा मंगल ग्रह के नमूने पृथ्वी पर ले आएगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नासा ने इस मिशन को पूरा करने के लिये अपने ‘मार्स सैंपल रिटर्न प्रोग्राम’ (Mars Sample Return Program) को पूरा कर लिया है वही अब नासा इसके लिये Conceptual Design Phase पूरा करने वाला है।

जानकारी के लिये बता दें इस चरण के दौरान, प्रोग्राम टीम ने वैज्ञानिक रूप से चयनित नमूनों को वापस लाने के लिए आर्किटेक्चर का मूल्यांकन और परिष्करण (Evaluated and Refined) किया, जो वर्तमान में लाल ग्रह (Red Planet) के जेजेरो क्रेटर में नासा के पर्सेवरेंस रोवर द्वारा संग्रह प्रक्रिया में हैं। इस अभियान में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency) का योगदान शामिल है, जिससे भविष्य में मिशन की जटिलता कम होने और सफलता की संभावना बढ़ने की उम्मीद है।
नासा के सहयोगी प्रशासक थॉमस ज़ुर्बुचेन ने कहा कि यह डिजाइन तब तक पूरा नही होगा जब तक मिशन के सभी पहलुओं की जांच न हो जाए। मंगल ग्रह के नमूनों को पृथ्वी पर लाने के लिये कुछ परिवर्तन किये जा रहे हैं। इसका सम्पूर्ण श्रेय जेजेरो में पर्सवेरेंस रोवर की हालिया सफलताओं और हमारे मंगल हेलीकॉप्टर के अद्भुत प्रदर्शन को दिया जा सकता है। बताते चले मंगल ग्रह से नमूना प्राप्त करके लाने वाले लैंडर में दो सैंपल रिकवरी हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। जो इनजेनिटी हेलीकॉप्टर (Ingenuity helicopter) की तकनीक पर आधारित होंगे।
इनजेनिटी एक छोटा रोबोट कोएक्सियल रोटर हेलीकॉप्टर है, जो नासा के हिस्से के रूप में मंगल ग्रह पर काम कर रहा है। इस हेलीकॉप्टर ने अबतक मंगल ग्रह पर 29 उड़ानें भरी हैं और अपने निर्धारित जीवनकाल से एक वर्ष से अधिक समय तक काम करता रहा। ये हेलीकॉप्टर मंगल की सतह पर संचित नमूनों को पुनः प्राप्त करने के लिए एक द्वितीयक क्षमता प्रदान करेंगे।

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