किया खुलासा राहुल और केएल राहुल ने, क्या करके वो लय में बने रहते हैं नहीं तो फॉर्म हो जाती है खराब

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पुणे। केएल राहुल तीन महीने तक प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेल पाने के कारण कुंद पड़ गए थे, लेकिन दायें हाथ के इस बल्लेबाज को अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा था, जिसके कारण वह इंग्लैंड के खिलाफ यहां पहले वनडे के दौरान फॉर्म में वापसी करने में सफल रहे।

राहुल टी-20 सीरीज में रन बनाने के लिए जूझते रहे, लेकिन पहले वनडे में उन्होंने अर्धशतक बनाने के अलावा अच्छी विकेटकीपिंग भी की। राहुल ने कहा, ‘एक बल्लेबाज होने के नाते मुझे लगता है कि मैच खेलने से मैं अच्छी लय में रहता हूं। मैं क्रीज पर जितना अधिक समय बिताना चाहता था उतना समय मुझे नहीं मिला। मेरे कहने का मतलब यह नहीं है कि यह बात मेरे दिमाग में थी। आप चाहे अभ्यास करो या नेट सत्र में समय बिताओ, आपको अच्छी तरह से तैयार रहने का रास्ता खोजना पड़ता है। इस लिहाज से मैंने अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ तैयारी की, लेकिन मैच खेलते हुए जो समय बिताया जाता है उसका कोई सानी नहीं।’

रिषभ पंत की सीमित ओवरों की टीम में वापसी और इशान किशन के मौकों का फायदा उठाने के कारण राहुल समझते हैं कि खेल के छोटे प्रारूपों में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद वह टीम में अपना स्थान पक्का नहीं मान सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘जब आप इस भारतीय टीम का हिस्सा होते हो तो जानते हो कि प्रतिस्पर्धा वास्तव में कड़ी है और आप कभी अपने स्थान को लेकर सहज होकर नहीं बैठ सकते। आपको हमेशा चुनौती का सामना करना होगा। हमारे देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और आपको हमेशा अपने खेल पर काम करना होता है। आपको जो भी मौका मिलता है उसका पूरा फायदा उठाना होता है।’

यकीन था कर्नाटक से अगला खिलाड़ी प्रसिद्ध ही होगा : आइपीएल में कोलकाता नाइटराइडर्स के लिए शानदार प्रदर्शन करके मशहूर हुए प्रसिद्ध कृष्णा ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण करके चार विकेट चटकाए। राहुल ने कहा, ईमानदारी से कहूं तो मैं उसके प्रदर्शन पर हैरान नहीं हूं। मुझे हमेशा से यकीन था कि कर्नाटक से भारतीय टीम में अगला खिलाड़ी वही होगा। हम एक ही बैच के नहीं है, लेकिन मैंने उसे जूनियर क्रिकेट खेलते काफी देखा है और नेट्स पर भी उसने अपने प्रदर्शन से ध्यान खींचा था। वह काफी लंबा है और तेज गेंद डालता है। उसे विकेट से काफी उछाल मिलती है। विजय हजारे और मुश्ताक अली ट्रॉफी में उसके साथ खेलकर मुझे अहसास हो गया कि वह काफी बहादुर भी है।’

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