देश भर के व्यापारियों की जनसख्यां का NPR की तर्ज़ पर कैट बनाएगा रजिस्टर, 1 मार्च से पूरे देश में चलेगा अभियान

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धर्मशाला। नेशनल पापुलेशन रजिस्टर की तर्ज़ पर कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के व्यापारियों एवं उनके यहां कार्यरत कर्मचारियों का एक डेटा तैयार करेगा, जिससे देश भर के व्यापारियों की बुनियादी समस्याओं को बेहतर तरीके से सरकार के सामने रखा जाए और सरकार उस डेटा के आधार पर व्यापारी वर्ग के लिए नीतियां बना सके। कैट ने यह अभियान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल के उस सुझाव पर तैयार करने का निर्णय लिया है जो उन्होंने 27 जनवरी को दिल्ली में कैट द्वारा आयोजित एक व्यापारी सम्मेलन में दिया था। कैट ने माना है कि गोयल का सुझाव बेहद तार्किक है और देश के रिटेल व्यापार के लिए केंद्र एवं अन्य राज्यों में सरकारों से सुविधाओं के अधिकार को मांगने एवं व्यापार के लिए समर्थन नीति बनवाने में इस डेटा का बहुत महत्व होगा।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी.भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की एनएसएसओ के एक सर्वे के मुताबिक देश में लगभग 7 करोड़ छोटे व्यवसाय है और यह लगभग 45 करोड़ लोगों को रोज़गार देते हैं तथा प्रतिवर्ष लगभग 45 लाख करोड़ रुपए का व्यापार करते हैं। देश की अर्तव्यवस्था के इतने महत्वपूर्ण सेक्टर के लिए आज तक किसी भी सरकार ने इसका डेटा तैयार करने हेतु एक भी कदम नहीं उठाया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। रिटेल सेक्टर से जुड़े सभी अन्य वर्गों के लिए अलग से नीति भी है और मंत्रालय भी है, लेकिन रिटेल व्यापार के लिए न कोई नीति है अथवा न कोई मंत्रालय है। इस डेटा के तैयार होने के बाद कैट बेहद मजबूती से पृथक रूप से एक मंत्रालय गठित करने की मांग करेगा।

भरतिया एवं खंडेलवाल ने बताया कि कैट का यह राष्ट्रीय ” व्यापारी जनसंख्या अभियान ” 1 मार्च से शुरू होगा और 30 सितम्बर तक देश भर में चलेगा। कैट व्यापारियों के विवरण को एकत्र करने के लिए एक मोबाइल एप बनाएगी जिसके जरिये देश भर के व्यापारी अपना विवरण उसमें दर्ज़ कर सकेंगे। यह अभियान देश भर में फैले 40 हजार से ज्यादा व्यापारी संगठनों की मदद से चलाया जाएगा। इस डेटा में व्यापारी प्रतिष्ठान का नाम, मालिक का नाम , परिवार में कितने लोग है ,पता, फोन नंबर, मोबाइल नंबर, किस वस्तु का व्यापार है, वेबसाइट एवं ई मेल पता, कितने कर्मचारी काम करते हैं और कितने लोग उनके परिवार में हैं आदि विवरण मांगा जाएगा और यह सारा डेटा बेहद गोपनीय रहेगा और आवश्यकतानुसार कैट इसका इस्तेमाल कर सकेगी। इस प्रकार के डेटा से जहां देश में कुल कितने व्यापारी हैं, कितने लोगों को रोज़गार देते हैं, कितना कारोबार करते हैं, किस वस्तु में देश भर में कितने व्यापारी व्यापार में संलग्न है आदि का पूरा डेटा रहेगा। मोबाइल एप के अलावा कैट देश के विभिन्न शहरों में डाटा एकत्र करने के लिए बड़ी संख्यां में लोगों को भी नियुक्त करेगा।

 

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