सरकार अतिथि अध्यापकों को वादे के अनुसार करे नियमित: सतपाल शर्मा

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चंडीगढ़। 14 साल बाद तो राम का बनवास कटकर राज्याभिषेक भी हो गया था, लेकिन अभी तक गेस्ट टीचरों की जायज मांगे भी पूरी नहीं हुई है। गेस्ट टीचरों को भी कॉलेज कैडर के कर्मचारियों की तरह नियमित करने तक समान काम समान वेतन मिलना चाहिए। उक्त शब्द हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने शिक्षा सदन पंचकूला के निदेशक के समक्ष अपनी मांगे रखते हुए कहे। उन्होंने मांग की है कि शिक्षा विभाग व सरकार तुरन्त प्रभाव से उनकी मांगों को पूरा करे ताकि गेस्ट टीचरों का शोषण बंद हो।
हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अजय लोहान ने बताया कि निदेशक मौलिक शिक्षा द्वारा शिक्षा सदन पंचकूला में प्रदेश के शिक्षक संगठनों की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ -22 के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा के नेतृत्व में 5 सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल ने भाग लिया। इस दौरान संघ के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल शर्मा ने जोरदार तरीके से अपनी मांगे रखते हुए कहा कि सरकार द्वारा किये गए वायदे के बावजूद भी प्रदेश के 14000 अतिथि अध्यापकों को रेगुलर नहीं किया गया है। अतिथि अध्याप 14 साल से रेगुलर होने की बाट जोह रहे है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार गेस्ट टीचर्स को रेगुलर करने का प्रोसेस चलाए तब तक उनको समान काम-समान वेतन दिया जाए।
इसके अलावा उन्हें मेडिकल, पीएफ एवं एलटीसी समेत अन्य सभी सुविधाएं दी जाए। प्रदेश अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि प्रदेश में तीन सौ से ज्यादा गेस्ट टीचर अन्य जिलों के कार्यरत है। वे प्रतिदिन 100 से 200 किलोमीटर का सफर करने पर विवश है। उनको वापस उनके गृह जिले में भेजा जाए। संघ के संयोजक राजिंदर शास्त्री ने कहा कि अनेक जिलों में काफी संख्या में गेस्ट टीचर सरप्लस है उनको कई महीनों से वेतन नहीं दिया जा है। उनको वेतन दिया जाए व उनका समायोजन जिला स्तर पर किया जाए। शास्त्री ने कहा कि कैप्ट वेकैंसी खोली जाए। उन्होंने गेस्ट टीचर्स के बढ़ाये हुए पारश्रमिक का पत्र जारी करने की भी मांग की।

शिक्षा मंत्री से भी की मुलाकात: अतिथि अध्यापक संघ ने निदेशालय में आयोजित हुई बैठक से पूर्व शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर से भी चण्डीगढ़ स्थित उनके निवास पर मुलाकात करके उनके समक्ष अपनी मांगे रखी।