अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित चोरी को लेकर छिड़ा विवाद अब राजनीतिक रूप ले चुका है। उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच के बीच, रविवार (5 जुलाई) को कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘चंदा चोरी’ और बड़ा घोटाला करार दिया है। वहीं, दूसरी ओर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या पुलिस को पत्र लिखकर प्रियंका गांधी और अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्षी नेताओं के बयान दर्ज करने की मांग की है।
विपक्ष का भाजपा-आरएसएस पर सीधा हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीटीआई वीडियो से बातचीत में आरोप लगाया कि राम मंदिर के चंदे में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने इस मुद्दे पर आरएसएस के बयान को शर्मनाक बताया। जयराम रमेश ने दावा किया कि चंदे का हेरफेर किया गया है, जिसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से कराई जानी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की इस मुद्दे पर चुप्पी पर सवाल उठाए।
पणजी में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस के एक अन्य महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर हाई कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उत्तर प्रदेश सरकार की एसआईटी की शुरुआती जांच के बाद 25 जून को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने छह आरोपियों के पास से करीब 80 लाख रुपये नकद और कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की है।
VHP अध्यक्ष ने पुलिस को लिखी चिट्ठी, विपक्ष के बयानों की जांच की उठाई मांग
चढ़ावा चोरी के विवाद पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अनुरोध किया है कि प्रियंका गांधी वाड्रा, अरविंद केजरीवाल, रामगोपाल यादव और संजय सिंह जैसे विपक्षी नेताओं के बयान दर्ज किए जाएं।
आलोक कुमार का कहना है कि ये नेता राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में करोड़ों रुपये की चोरी का दावा कर रहे हैं, जबकि जांच दल ने अब तक कुछ लाख रुपये ही बरामद किए हैं। ऐसे में पुलिस को इन नेताओं से उनके आरोपों के आधार, स्रोत और संबंधित दस्तावेज मांगने चाहिए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर भाजपा और मंदिर प्रबंधन को घेरते हुए कहा था कि इस घटना से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है।
चोरी के खुलासे के बाद राम मंदिर में बदले दान गिनती के नियम
चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने काउंटिंग रूम (दान गिनती कक्ष) के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब नोटों की गिनती टेबल-कुर्सी पर बैठकर नहीं, बल्कि जमीन पर गद्दे और प्लाईवुड बिछाकर की जा रही है, ताकि कोई भी कर्मचारी अपने कपड़ों या मेज के नीचे पैसे न छिपा सके।
इसके साथ ही पूरे काउंटिंग रूम पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। नए नियमों के अनुसार, दान गिनने के दौरान कर्मचारियों को आपस में बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी। बार-बार बाथरूम जाने वाले या कैंटीन में अधिक समय बिताने वाले कर्मचारियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। नोट गिनने वाले कर्मचारियों के लिए डार्क ब्लू (गहरे नीले) रंग का ड्रेस कोड तय किया गया है ताकि उन पर दूर से भी नजर रखी जा सके।
FAQ:
Q1: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले में अब तक क्या कानूनी कार्रवाई हुई है?
A1: इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है और छह आरोपियों से करीब 80 लाख रुपये नकद व कुछ विदेशी मुद्रा बरामद की है।
Q2: विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने पुलिस से क्या मांग की है?
A2: वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को पत्र लिखकर प्रियंका गांधी वाड्रा, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और रामगोपाल यादव जैसे विपक्षी नेताओं के बयान दर्ज करने की मांग की है, ताकि वे अपने करोड़ों रुपये की चोरी के आरोपों के सबूत और स्रोत बता सकें।
Q3: चोरी की घटना के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने नोटों की गिनती के नियमों में क्या बदलाव किए हैं?
A3: ट्रस्ट ने अब टेबल-कुर्सी पर बैठकर नोट गिनने की व्यवस्था बंद कर दी है। अब कर्मचारी जमीन पर गद्दे और प्लाईवुड बिछाकर नोट गिनेंगे। पूरे कमरे की सीसीटीवी से निगरानी होगी, आपसी बातचीत पर रोक रहेगी और कर्मचारियों के लिए डार्क ब्लू ड्रेस कोड तय किया गया है।











