Personal Finance: जुलाई का महीना आ चुका है और इसके साथ ही टैक्स रिटर्न (ITR Filing) भरने का सीजन भी पूरे शबाब पर है। एक आम नौकरीपेशा या मिडिल क्लास इंसान अपनी गाढ़ी कमाई और टैक्स बचाने के लिए सीए (CA) के चक्कर लगाता है और हर मुमकिन विकल्प तलाशता है।
अक्सर बढ़ती उम्र के साथ हमारे माता-पिता को हेल्थ इंश्योरेंस (मेडिकल पॉलिसी) मिलना मुश्किल हो जाता है, या उसका प्रीमियम इतना महंगा होता है कि लोग उसे खरीद नहीं पाते। लेकिन, अगर आपके या आपके माता-पिता की उम्र 60 साल के पार हो चुकी है और उनके पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। इनकम टैक्स विभाग (Income Tax Department) आपको उनके इलाज पर हुए खर्च के बदले पूरे 50,000 रुपये तक की टैक्स छूट का सीधा फायदा दे रहा है।
आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आप इनकम टैक्स की धारा 80D के तहत यह भारी-भरकम छूट कैसे ले सकते हैं और आपको किन गलतियों से बचना है।
क्या है धारा 80D का यह खास नियम? (Old Tax Regime है जरूरी)
इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक, ‘धारा 80D’ वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को इलाज के खर्च पर टैक्स बचाने की सुविधा देती है। जो बुजुर्ग 60 साल या उससे अधिक उम्र के हैं और किसी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में नहीं आते, वे इस नियम का फायदा उठा सकते हैं।
लेकिन, यहां एक बहुत बड़ी शर्त है जिसे आपको ध्यान में रखना होगा। इस 50 हजार रुपये की शानदार छूट का फायदा आपको तभी मिलेगा, जब आप अपना आईटीआर (ITR) ‘पुरानी टैक्स व्यवस्था’ (Old Tax Regime) के तहत दाखिल करेंगे। अगर आपने रिटर्न भरते समय ‘नई टैक्स व्यवस्था’ (New Tax Regime) को चुना, तो आपको इस छूट का एक रुपये का भी लाभ नहीं मिलेगा।
किन मेडिकल खर्चों पर मिलेगी टैक्स की छूट? (समझें पूरा गणित)
धारा 80D के तहत आप मुख्य रूप से तीन तरह के खर्चों पर अपनी टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं:
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हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम (अगर पॉलिसी है तो)।
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बिना इंश्योरेंस वाले बुजुर्गों की बीमारियों का इलाज, अस्पताल का बिल और दवाइयों का खर्च।
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प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप (बीमारी से बचाव के लिए कराए गए रूटीन टेस्ट)।
इसे एक उदाहरण से समझते हैं:
मान लीजिए आपके पिताजी की उम्र 65 साल है। उनके पास कोई पॉलिसी नहीं है। इस साल उनके इलाज और दवाइयों पर आपका 45,000 रुपये खर्च हुआ है। ऐसे में आपको अपने आईटीआर में पूरे 45,000 रुपये की टैक्स छूट मिल जाएगी।
वहीं, अगर किसी बड़ी बीमारी के कारण अस्पताल का बिल 90,000 रुपये आ गया है, तब भी आपको अधिकतम 50,000 रुपये तक की ही छूट मिलेगी (क्योंकि नियम के तहत यही अधिकतम सीमा है)। इसी 50 हजार की लिमिट के अंदर आप 5,000 रुपये तक के ‘रूटीन हेल्थ चेकअप’ का क्लेम भी कर सकते हैं।
बच्चों के लिए राहत: माता-पिता के इलाज पर आप भी बचा सकते हैं टैक्स
यह नियम सिर्फ उन बुजुर्गों के लिए नहीं है जो खुद अपना टैक्स भरते हैं।
अगर आपके माता-पिता 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं, उनके पास पॉलिसी नहीं है और उनके इलाज का सारा खर्च आप (बेटा या बेटी) उठा रहे हैं, तो आप भी अपने आईटीआर में इस 50,000 रुपये की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं। बस शर्त इतनी है कि उन बिलों का भुगतान उसी वित्त वर्ष (Financial Year) के दौरान किया गया हो, जिसका आप रिटर्न भर रहे हैं।
कैश (नकद) में पेमेंट किया तो हो जाएगा बड़ा नुकसान!
अक्सर हम मेडिकल स्टोर या अस्पताल में जल्दबाजी में कैश (Cash) पकड़ा देते हैं। लेकिन टैक्स बचाते समय आपकी यह छोटी सी आदत भारी पड़ सकती है।
नियम बिल्कुल साफ है— अगर आप इलाज या दवाइयों का पेमेंट नकद (Cash) में करते हैं, तो इनकम टैक्स विभाग आपको धारा 80D के तहत कोई छूट नहीं देगा। टैक्स छूट पाने के लिए बिल का भुगतान बैंक खाते, चेक, कार्ड, यूपीआई (UPI) या किसी भी डिजिटल माध्यम से होना अनिवार्य है।
हालांकि, विभाग ने थोड़ी सी राहत दी है। अगर आप 5,000 रुपये तक का ‘प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप’ (रूटीन टेस्ट) कराते हैं, तो आप उसका पेमेंट कैश में कर सकते हैं और उस पर छूट ले सकते हैं।
जुर्माने से बचना है तो डायरी में नोट कर लें ITR की ये तारीखें
सरकार आपको टैक्स बचाने के इतने मौके दे रही है, लेकिन यह सब तभी काम आएगा जब आप सही समय पर अपना रिटर्न दाखिल करेंगे। अगर आप तय तारीख तक आईटीआर नहीं भरते हैं, तो आप पर भारी जुर्माना (Penalty) और ब्याज लग सकता है। नीचे दी गई लिस्ट को ध्यान से देख लें:
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31 जुलाई 2026: वेतनभोगी (Salaried) और सामान्य करदाताओं के लिए (ITR-1 और ITR-2)
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31 अगस्त 2026: उन बिजनेस के लिए जिनका ऑडिट नहीं होता (ITR-3 और ITR-4)
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31 अक्टूबर 2026: ऑडिट वाले बिजनेस के मामले में (ITR-3 और ITR-4)
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30 नवंबर 2026: ट्रांसफर प्राइसिंग वाले बिजनेस के लिए
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31 दिसंबर 2026: बिलेटेड रिटर्न (लेट फीस के साथ) भरने की आखिरी तारीख
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31 मार्च 2027: रिवाइज्ड रिटर्न (गलती सुधारने के लिए) की आखिरी तारीख












