US Politics: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इन दिनों काफी उथल-पुथल मची हुई है। अगर आप दुनिया भर की खबरों पर नजर रखते हैं, तो आपको पता होगा कि इसराइल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के कारण इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) पर कई अंतरराष्ट्रीय दबाव हैं।
हाल ही में एक ऐसी खबर आई जिसने सबको चौंका दिया। चर्चा शुरू हो गई कि क्या इसराइली पीएम नेतन्याहू जब अमेरिका के दौरे पर जाएंगे, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा? इस पूरी बहस के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की एंट्री हो गई है। ट्रंप ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए एक बहुत ही कड़ा बयान दिया है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर अमेरिका में नेतन्याहू की गिरफ्तारी की बात कहां से उठी, ट्रंप ने क्या कहा है और इस पूरे विवाद के पीछे की असली कहानी क्या है।
आखिर क्या है पूरा मामला? (गिरफ्तारी की बात कहां से आई)
शायद आप सोचें कि एक देश का प्रधानमंत्री जब दूसरे देश जाता है, तो उसे गिरफ्तार करने की बात भला कौन कर सकता है? दरअसल, यह पूरा विवाद न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) के एक बयान के बाद शुरू हुआ।
इस साल सितंबर के महीने में न्यूयॉर्क में ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा’ (UNGA) की एक बहुत बड़ी बैठक होने वाली है। उम्मीद है कि इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए बिन्यामिन नेतन्याहू भी अमेरिका (न्यूयॉर्क) आएंगे। इसी को लेकर मेयर ममदानी ने एक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि अगर नेतन्याहू सितंबर में न्यूयॉर्क आते हैं, तो उनका कार्यालय (मेयर ऑफिस) अब भी इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या उनकी गिरफ्तारी संभव है या नहीं। इसी बयान के बाद कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया।
डोनाल्ड ट्रंप का दो टूक जवाब: ‘अमेरिका में नहीं होगी गिरफ्तारी’
जैसे ही न्यूयॉर्क के मेयर का यह बयान वायरल हुआ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तुरंत नेतन्याहू के बचाव में उतर आए। ट्रंप और नेतन्याहू की पुरानी दोस्ती किसी से छिपी नहीं है।
सोमवार रात को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ (Truth Social) पर एक लंबी पोस्ट लिखी। उन्होंने बिल्कुल साफ और कड़े शब्दों में कहा कि, “बिन्यामिन नेतन्याहू को अमेरिका में रहते हुए किसी भी हाल में और किसी भी तरह से गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।” ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक वे वहां हैं, अमेरिका की धरती पर इसराइल के प्रधानमंत्री को कोई हाथ भी नहीं लगा सकता।
ट्रंप का ईरान पर तीखा हमला (आंकड़ों की जुबानी)
अपने इसी पोस्ट में ट्रंप ने सिर्फ नेतन्याहू का बचाव ही नहीं किया, बल्कि ईरान पर बहुत ही तीखा और सीधा हमला बोला। उन्होंने नेतन्याहू के युद्ध को जायज ठहराते हुए कहा कि वे (नेतन्याहू) उस ईरान के खिलाफ लड़ रहे हैं जो आतंकवाद फैला रहा है।
ट्रंप ने कुछ गंभीर आंकड़े सामने रखते हुए लिखा, “ईरान ने हाल ही में 52,000 बेगुनाह प्रदर्शनकारियों की जान ली है। इतना ही नहीं, पिछले 47 सालों से ईरान अमेरिकी सैनिकों और कई अन्य निर्दोष लोगों की हत्याएं करता आ रहा है।”
ट्रंप का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने अपने देश के पुराने राष्ट्रपतियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी तो असल में उन लोगों की होनी चाहिए जिन्होंने ईरान को मौत और तबाही का यह खेल खेलने की छूट दी। ट्रंप के मुताबिक, यह समस्या तो अमेरिका के पुराने राष्ट्रपतियों को कई साल पहले ही खत्म कर देनी चाहिए थी।
नेतन्याहू पर गिरफ्तारी की तलवार क्यों लटक रही है? (ICC का वारंट)
अब आपके मन में यह सवाल जरूर आ रहा होगा कि आखिर नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की नौबत क्यों आ रही है? उन्होंने ऐसा क्या किया है?
इसकी जड़ें 7 अक्टूबर 2023 से जुड़ी हैं। 7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इसराइल पर एक बहुत बड़ा और भयानक आतंकी हमला किया था। इसके जवाब में इसराइल ने गाजा पट्टी (Gaza) में एक लंबा युद्ध छेड़ दिया। इस युद्ध में गाजा में भारी तबाही हुई और हजारों आम लोगों की जान गई।
इसी तबाही को देखते हुए ‘अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय’ (ICC – International Criminal Court) ने साल 2024 में बिन्यामिन नेतन्याहू और इसराइल के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ ‘गिरफ्तारी वारंट’ जारी कर दिया था। आईसीसी ने उन पर गाजा में ‘युद्ध अपराध’ (War Crimes) करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। चूंकि आईसीसी का वारंट जारी हो चुका है, इसलिए तकनीकी रूप से जब भी नेतन्याहू विदेश जाते हैं, तो उन पर गिरफ्तारी का खतरा मंडराता रहता है।
कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान इसराइल के लिए एक बहुत बड़ी राहत है। ट्रंप ने दुनिया को यह साफ संदेश दे दिया है कि आईसीसी का वारंट चाहे जो भी कहे, अमेरिका इसराइल के साथ मजबूती से खड़ा है। अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सितंबर में जब संयुक्त राष्ट्र की बैठक होगी, तो न्यूयॉर्क में क्या राजनीतिक ड्रामा देखने को मिलता है।













