Jantar Mantar Protest: दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों युवाओं और छात्रों के गुस्से से सुलग रहा है। देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। सोमवार, 20 जुलाई 2026 को इस आंदोलन ने तब एक उग्र रूप ले लिया, जब छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर ‘संसद मार्च’ (Parliament March) निकालने की कोशिश की।
इस मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारी युवाओं के बीच भारी बवाल देखने को मिला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धरना स्थल से सीजेपी का मंच तक हटा दिया। लेकिन, इसके बावजूद आज (मंगलवार) जंतर-मंतर पर युवाओं का जोश कम होने के बजाय और दोगुना नजर आ रहा है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि सोमवार को असल में क्या-क्या हुआ, पुलिस पर क्या गंभीर आरोप लग रहे हैं और इस मामले में सरकार के मंत्रियों से बातचीत का क्या नतीजा निकला।
‘संसद मार्च’ में हुआ भारी बवाल: पुलिस ने हटाया मंच
सोमवार को सीजेपी और उनके समर्थक छात्रों ने तय किया था कि वे अपनी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए संसद की ओर मार्च करेंगे। लेकिन जैसे ही यह मार्च शुरू हुआ, दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की।
देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए बल प्रयोग किया और जंतर-मंतर पर लगे सीजेपी के मंच को भी हटा दिया। प्रशासन को लगा था कि मंच हटने से आंदोलन कमजोर पड़ जाएगा, लेकिन मंगलवार सुबह होते-होते वहां और भी ज्यादा युवा जुटने लगे।
‘बच्चों के सिर फोड़े, बाल खींचे’- पुलिस पर लगे गंभीर आरोप
इस पुलिसिया कार्रवाई के बाद सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने न्यूज़ एजेंसी ‘एएनआई’ (ANI) से बात करते हुए दिल्ली पुलिस और सरकार पर बहुत ही सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए हैं।
रांका ने अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि, “हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि हमारे साथ इतनी बर्बरता की जाएगी।” उन्होंने पुलिस पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा:
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लाठीचार्ज और चोटें: पुलिस ने शांति से प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठियां भांजीं। कई बच्चों के सिर फोड़ दिए गए और उन्हें सड़क पर बुरी तरह घसीटा गया।
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महिलाओं से बदसलूकी: सबसे हैरान करने वाला आरोप यह है कि मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि के साथ भी बदसलूकी की गई। रांका ने बताया कि पुलिस ने गीतांजलि के बाल खींचकर उन्हें ट्रक से बाहर निकालने की कोशिश की।
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गाड़ियों में तोड़फोड़: प्रदर्शनकारियों के ट्रक के शीशे तोड़ दिए गए। पुलिस की इस धक्का-मुक्की में सीजेपी के एक वॉलंटियर (कार्यकर्ता) की पसलियां तक टूट गई हैं।
आशुतोष रांका का साफ कहना है कि दिल्ली पुलिस ने कल अपनी सारी हदें पार कर दी थीं और यह सब ऊपर से मिले आदेशों के कारण किया गया था।
जेपी नड्डा से 5 घंटे की मीटिंग: क्या निकला नतीजा?
जब सड़कों पर इतना बवाल हो रहा था, तब क्या सरकार से कोई बातचीत नहीं हुई?
इस सवाल पर सीजेपी प्रवक्ता ने बताया कि सोमवार को उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से हुई थी। लेकिन यह बातचीत पूरी तरह से बेनतीजा रही।
रांका ने निराशा जताते हुए कहा, “हमारी उनसे 5 घंटे तक बातचीत हुई, लेकिन उन्होंने हमें कोई साफ जवाब नहीं दिया। हमारे 5 घंटे पूरी तरह बर्बाद हो गए।”
“अब सरकार खुद चलकर आएगी”- क्या है सीजेपी की आगे की रणनीति?
सरकार के रवैये से नाराज सीजेपी ने अब अपना रुख और भी सख्त कर लिया है। आशुतोष रांका ने खुले शब्दों में चेतावनी दी है कि यह आंदोलन अब दबने वाला नहीं है, बल्कि यह और बड़ा होगा।
उन्होंने कहा कि सोमवार को जितने लोग दिल्ली पहुंचे थे, पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के बाद अब उससे भी कई गुना ज्यादा लोग दिल्ली की तरफ कूच करेंगे। बातचीत को लेकर उन्होंने एक बड़ी बात कही— “अब अगर सरकार को हमसे बात करनी है, तो उनके मंत्री खुद हमारे पास जंतर-मंतर आएंगे, अब हम किसी के पास चलकर नहीं जाएंगे।”
आखिर क्या है छात्रों की मुख्य मांग?
इस पूरे बवाल और आंदोलन के पीछे एक ही सबसे बड़ी मांग है। सीजेपी और वहां मौजूद युवा लगातार मांग कर रहे हैं कि देश के शिक्षा तंत्र और परीक्षाओं में जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उसकी जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपना इस्तीफा दें। छात्रों का साफ कहना है कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, वे जंतर-मंतर से एक इंच भी नहीं हिलेंगे।











