Monsoon Travel Guide: जब भी हमारे सामने ‘राजस्थान’ (Rajasthan) का नाम आता है, तो दिमाग में सबसे पहले क्या तस्वीर बनती है? उड़ती हुई रेत, तपती धूप, ऊंट की सवारी और पसीने से तर-बतर कर देने वाली गर्मी। है न? इसी गर्मी के डर से लोग अक्सर गर्मियों में राजस्थान जाने से कतराते हैं।
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि जैसे ही मानसून की पहली बारिश राजस्थान की धरती पर गिरती है, इस राज्य का पूरा रंग-रूप ही बदल जाता है। तपते हुए पहाड़ एकदम से हरी चादर ओढ़ लेते हैं, सूखी हुई झीलें पानी से लबालब भर जाती हैं और मौसम इतना सुहावना हो जाता है कि आपका वापस लौटने का मन ही नहीं करेगा। अगर आप इन गर्मियों और उमस से ब्रेक लेकर किसी शानदार ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं, तो मानसून में राजस्थान घूमना आपके लिए एक ‘पैसा वसूल’ फैसला साबित हो सकता है। आइए, एक दोस्त की तरह आपको बताते हैं कि बारिश के मौसम में आपको राजस्थान की किन जगहों पर जरूर जाना चाहिए।
मानसून में राजस्थान ही क्यों? (बदल जाती है पूरी तस्वीर)
बारिश के मौसम में राजस्थान जाने के दो सबसे बड़े फायदे हैं। पहला- मौसम बहुत ठंडा और सुहावना हो जाता है, जिससे आप बिना थके आराम से घूम सकते हैं। दूसरा- इस समय यहां टूरिस्ट्स की भीड़ थोड़ी कम होती है (ऑफ-सीजन होने के कारण)। इसलिए आपको होटल से लेकर फ्लाइट तक में अच्छी खासी छूट मिल जाती है और आप शांति से हर जगह को एक्सप्लोर कर पाते हैं।
1. माउंट आबू: राजस्थान का इकलौता और सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन
अगर आप मानसून में राजस्थान जा रहे हैं, तो अपनी लिस्ट में सबसे ऊपर ‘माउंट आबू’ (Mount Abu) को रखें।
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क्या देखें: यह राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है। बारिश के समय यहां के पहाड़ बादलों से घिर जाते हैं और जगह-जगह छोटे-बड़े झरने बहने लगते हैं।
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क्यों जाएं: नक्की झील (Nakki Lake) में बोटिंग करना हो या सनसेट पॉइंट से डूबते सूरज को देखना, बारिश के बाद यहां की ठंडी हवाएं सारी थकान मिटा देती हैं। इसके अलावा, यहां का मशहूर ‘दिलवाड़ा जैन मंदिर’ भी जरूर देखें।
2. उदयपुर: झीलों के शहर का वो रोमांटिक अंदाज
उदयपुर को ‘झीलों की नगरी’ (City of Lakes) कहा जाता है। जब बारिश होती है, तो यहां की सभी झीलें पानी से फुल हो जाती हैं।
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क्या देखें: पिछोला झील और फतेह सागर झील के किनारे बैठकर चाय-कॉफी पीना या वहां बोटिंग करना, अपने आप में एक जादुई अनुभव है।
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क्यों जाएं: अरावली की हरी-भरी पहाड़ियों से घिरा यह शहर मानसून में बहुत रोमांटिक हो जाता है। अगर आप अपने पार्टनर के साथ जा रहे हैं, तो सिटी पैलेस और मानसून पैलेस (सज्जनगढ़ फोर्ट) से पूरे शहर का नजारा देखना बिल्कुल मत भूलिएगा।
3. बूंदी: बावड़ियों और किलों का शांत शहर
अगर आप भीड़भाड़ से दूर किसी बहुत ही शांत और ऐतिहासिक जगह की तलाश में हैं, तो ‘बूंदी’ (Bundi) आपके लिए बेस्ट है।
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क्यों जाएं: यह शहर अपनी प्राचीन बावड़ियों (Stepwells) और महलों के लिए जाना जाता है। बारिश के पानी से धुलने के बाद ये पुरानी इमारतें एकदम नई सी चमकने लगती हैं।
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क्या देखें: बारिश के दौरान यहां का तारागढ़ किला और जैत सागर झील का नजारा इतना खूबसूरत होता है कि आप बस वहां बैठे रहना चाहेंगे।
4. कुंभलगढ़ और चित्तौड़गढ़: बादलों के बीच छिपा इतिहास
इतिहास और हरियाली का ऐसा संगम आपको कहीं और नहीं मिलेगा।
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कुंभलगढ़ (Kumbhalgarh): चीन की दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार इसी किले की है। बारिश के मौसम में यह विशाल किला जब बादलों के बीच छिप जाता है, तो लगता है जैसे आप किसी पुरानी फिल्म के सेट पर आ गए हैं।
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चित्तौड़गढ़ (Chittorgarh): इसी तरह, हल्की बारिश और धुंध के बीच चित्तौड़गढ़ का ऐतिहासिक किला भी बेहद आकर्षक लगता है।
5. रणथंभौर और पुष्कर: हरियाली और सुकून का कॉम्बिनेशन
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रणथंभौर (Ranthambore): जो लोग जंगलों और वाइल्डलाइफ से प्यार करते हैं, उनके लिए मानसून में रणथंभौर जाना एक अलग ही रोमांच है। बारिश में जंगल पूरी तरह हरे-भरे हो जाते हैं और यहां के बफर जोन में जीप सफारी करने का अपना अलग ही मजा है।
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पुष्कर (Pushkar): वहीं, अगर आप थोड़ा आध्यात्मिक सुकून चाहते हैं, तो पुष्कर जाएं। बारिश के दौरान पुष्कर झील के किनारे का शांत माहौल और ब्रह्मा जी के मंदिर के दर्शन मन को बहुत शांति देते हैं।
जयपुर, जोधपुर और जैसलमेर: बिना भीड़ और पसीने वाली ट्रिप
आमतौर पर जयपुर (Jaipur), जोधपुर (Jodhpur) और जैसलमेर (Jaisalmer) में गर्मियों के दौरान बहुत ज्यादा पसीना और धूप होती है। लेकिन मानसून में यहां का तापमान काफी गिर जाता है।
मौसम ठंडा होने के कारण आप यहां के बड़े-बड़े किलों (जैसे आमेर फोर्ट, मेहरानगढ़ फोर्ट), महलों और लोकल मार्केट्स में बिना थके और बिना पसीना बहाए आराम से पैदल घूम सकते हैं। भीड़ कम होने से आपकी तस्वीरें भी बहुत शानदार आएंगी।
मानसून ट्रिप के लिए कुछ जरूरी टिप्स (कैसे करें तैयारी?)
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अपने साथ एक अच्छी क्वालिटी का छाता और रेनकोट जरूर रखें।
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पहाड़ी और फिसलन वाले रास्तों (जैसे किलों की सीढ़ियों) पर चलने के लिए अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें।
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बारिश के कारण कई बार रास्ते खराब हो सकते हैं, इसलिए अपने ट्रिप के प्लान को थोड़ा ‘फ्लेक्सिबल’ (लचीला) रखें।













