Dharmendra Pradhan News: पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के संसद पहुंचने पर बीजेपी और NDA सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। विपक्ष ने इसे छात्रों का अपमान बताते हुए सरकार पर निशाना साधा।
- संसद पहुंचने पर धर्मेंद्र प्रधान का बीजेपी और NDA सांसदों ने भव्य स्वागत किया।
- संसद परिसर में “धर्मेंद्र प्रधान ज़िंदाबाद” के नारे लगे।
- राहुल गांधी ने इसे “लाखों छात्रों के भविष्य की बर्बादी का जश्न” बताया।
- कांग्रेस नेताओं ने स्वागत को छात्रों का अपमान बताया।
- बीजेपी नेताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल और शिक्षा सुधारों की सराहना की।
नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के संसद पहुंचने पर सोमवार को बीजेपी और एनडीए सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। संसद परिसर में उनके समर्थन में “धर्मेंद्र प्रधान ज़िंदाबाद” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए गए। कई सांसदों ने उनसे हाथ मिलाया, शॉल और पारंपरिक सम्मान के साथ उनका अभिनंदन किया।
यह स्वागत ऐसे समय हुआ है जब हाल ही में नीट पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर हुए देशव्यापी छात्र आंदोलन के बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।
विपक्ष ने बताया ‘छात्रों के भविष्य की बर्बादी का जश्न’
लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने इस स्वागत की आलोचना करते हुए कहा कि यह “लाखों छात्रों के भविष्य की बर्बादी का जश्न” है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं के प्रतीक बन चुके हैं तथा उनका इस्तीफा नैतिक जिम्मेदारी से नहीं बल्कि छात्रों के आक्रोश के कारण हुआ।
कांग्रेस ने भी उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Jairam Ramesh ने कहा कि बीजेपी सांसदों का यह स्वागत देश के युवाओं और छात्रों का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छात्रों पर कार्रवाई और विरोध प्रदर्शनों के बाद भी सरकार इसी तरह का संदेश देना चाहती है।
कांग्रेस प्रवक्ता Shama Mohamed ने भी कहा कि असली पीड़ित वे छात्र और उनके परिवार हैं जो परीक्षा विवाद से प्रभावित हुए, न कि पूर्व मंत्री।
बीजेपी ने किया धर्मेंद्र प्रधान का बचाव
ओडिशा सरकार में मंत्री Bibhuti Jena ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री रहते हुए कई महत्वपूर्ण सुधार किए और परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए।
इससे पहले गृह मंत्री Amit Shah, संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath सहित कई नेताओं ने भी उनके कार्यकाल की सराहना की थी।
नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों ने कई सप्ताह तक विरोध प्रदर्शन किए थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल था। विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।









