Neha Bora News: AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे और दिल्ली पुलिस आयुक्त को हटाने की मांग दोहराई है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए पेपर लीक विरोधी छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग एक बार फिर दोहराई है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अब केवल पेपर लीक के मुद्दे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने का अभियान बन चुका है।
‘गिरफ्तार छात्रों की रिहाई तक जारी रहेगी मांग’
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में नेहा बोरा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार को हटाने की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और प्रदर्शनकारियों की रिहाई सुनिश्चित नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा कि जवाबदेही केवल निचले स्तर के अधिकारियों तक सीमित नहीं हो सकती।
‘सिर्फ निलंबन काफी नहीं’
नेहा बोरा ने आरोप लगाया कि इस मामले में राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उनके अनुसार, केवल किसी निचले स्तर के अधिकारी का निलंबन पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के लिए गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आयुक्त दोनों की भूमिका पर सवाल उठते हैं।
पेलेट गन और कीलों वाली लाठियों पर उठाए सवाल
AISA अध्यक्ष ने सरकार से पूछा कि सुरक्षा बलों को पेलेट गन और कीलें लगी लाठियां क्यों उपलब्ध कराई गई थीं।
उन्होंने कहा कि चाहे कार्रवाई किसी मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई हो या वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर, इसकी राजनीतिक जिम्मेदारी अंततः केंद्रीय गृह मंत्री की बनती है।
‘राजनीतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए’
नेहा बोरा ने कहा,
“अगर यह कार्रवाई मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई, तब भी गृह मंत्री की भूमिका पर सवाल उठता है। और अगर यह आपके निर्देश पर हुई, तो यह गंभीर प्रश्न है कि आम नागरिकों पर पेलेट गन चलाने वाला कैसा शासन चलाया जा रहा है।”
‘आंदोलन अब सिर्फ शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं’
नेहा बोरा ने कहा कि यह आंदोलन अब केवल पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक अब यह सवाल सरकार की जवाबदेही, पुलिस कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ गया है।
उन्होंने दावा किया कि छात्रों और युवाओं का असंतोष अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस प्रशासन की ओर केंद्रित हो गया है।












