Siwan Violence: बिहार के सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस जवान के AK-47 तानने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासी घमासान तेज हो गया है। तेजस्वी यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि पुलिस ने जवान को निलंबित कर जांच शुरू कर दी है।
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सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 तानने का वीडियो वायरल।
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तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर “पुलिस स्टेट” चलाने का आरोप लगाया।
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वायरल वीडियो में दिख रहे एसआईटी जवान अभिषेक पटेल निलंबित।
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पुलिस ने कहा—घायलों को AK-47 की गोली नहीं लगी, जांच जारी।
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घटना के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज।
पटना: बिहार के सिवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस जवान द्वारा प्रदर्शनकारियों की ओर AK-47 राइफल तानने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। घटना के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
तेजस्वी यादव ने लगाए गंभीर आरोप
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए सरकार बिहार को “गुंडों के सहारे चलने वाला पुलिस स्टेट” बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि यदि नीट पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार छात्रों के सामने झुक चुकी थी, तो फिर बिहार में प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार क्यों किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और पहली बार किसी छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 जैसी राइफल का इस्तेमाल देखने को मिला।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहा था प्रदर्शन
25 जुलाई को सिवान में छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बीजेपी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
पुलिस ने जवान को किया निलंबित
सिवान के पुलिस अधीक्षक (SP) पूरण झा ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले बिहार पुलिस के एसआईटी जवान अभिषेक पटेल को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
उन्होंने बताया कि तीन प्रदर्शनकारी गोली लगने से घायल हुए हैं, लेकिन शुरुआती जांच में किसी को भी AK-47 की गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, AK-47 की फायरिंग हवा की ओर थी और अन्य दो लोगों को गोली कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
घटना के बाद विपक्ष सरकार पर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्य सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।











