Bankipur By-Election: जब भी देश में किसी चुनाव या किसी नेता का जिक्र होता है, तो अक्सर हमारे दिमाग में एक ही तस्वीर बनती है— करोड़ों की संपत्ति, महंगी गाड़ियां, बड़े-बड़े बंगले और मुकदमों की लंबी लिस्ट। लेकिन, बिहार की राजधानी पटना की सबसे हाई-प्रोफाइल ‘बांकीपुर विधानसभा सीट’ पर हो रहे उपचुनाव में एक बिल्कुल अलग और सादगी भरी तस्वीर सामने आई है।
बांकीपुर उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नीरज सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है। सोमवार, 13 जुलाई को नीरज सिन्हा ने पटना कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन (Nomination) दाखिल कर दिया है। चुनाव आयोग को दिए गए उनके शपथ पत्र (हलफनामे) ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस हलफनामे से पता चलता है कि बीजेपी के इस उम्मीदवार के पास न तो अपना कोई घर है, न गाड़ी और न ही इन पर कोई पुलिस केस दर्ज है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि नीरज सिन्हा कौन हैं और उनके पास कुल कितनी जमा-पूंजी है।
बांकीपुर से बीजेपी का चेहरा: कौन हैं नीरज सिन्हा?
चुनावी हलफनामे के अनुसार, नीरज कुमार सिन्हा की उम्र 32 वर्ष है और वे अभी अविवाहित (शादीशुदा नहीं) हैं। उनका स्थायी पता पटना के मीठापुर बी एरिया (पोस्ट ऑफिस के पास) का है। मतदाता सूची के हिसाब से वे बांकीपुर विधानसभा के ही वोटर हैं। नीरज ने चुनाव आयोग को बताया है कि वे पेशे से एक सामाजिक कार्यकर्ता (Social Worker) और व्यापारी हैं।
ना अपना घर, ना गाड़ी: आखिर कितनी है कुल संपत्ति?
अक्सर नेताओं के हलफनामे देखकर आम आदमी के होश उड़ जाते हैं, लेकिन नीरज सिन्हा का हलफनामा एक आम मिडिल क्लास युवा जैसा ही है।
शपथ पत्र के मुताबिक, 32 वर्षीय नीरज के नाम पर कोई भी आवासीय भवन (खुद का घर) नहीं है। इसके अलावा उनके नाम पर कोई कार या दोपहिया वाहन भी दर्ज नहीं है। अगर उनकी कुल संपत्ति (Total Assets) की बात करें, तो वह 20 लाख 28 हजार 554 रुपये है। इसमें से उनकी चल संपत्ति (नकद, बैंक बैलेंस और गहने) की कीमत 12,28,554.74 रुपये बताई गई है।
बैंक बैलेंस और गहनों का पूरा हिसाब-किताब
नीरज की चल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उनके बैंक खातों में सुरक्षित रखा हुआ है।
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उनका मुख्य बैंक खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की मीठापुर (पटना) ब्रांच में है। इस खाते में उनके 8,99,704.74 रुपये जमा हैं।
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इसके अलावा यूको बैंक (UCO Bank) की एजी ऑफिस ब्रांच, पटना में भी उनका एक खाता है, जिसमें सिर्फ 25,000 रुपये जमा हैं।
अगर हम आभूषणों (गहनों) की बात करें, तो नीरज के पास 1 लाख 32 हजार रुपये कीमत की एक सोने की चेन, 4 ग्राम की एक सोने की अंगूठी और करीब 200 ग्राम चांदी मौजूद है।
कितनी है सालाना कमाई? (Income Details)
नीरज सिन्हा ने बताया है कि उनकी कमाई का मुख्य जरिया खेती (कृषि) और उनका अपना व्यापार है। उन्होंने पिछले तीन सालों के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का ब्योरा भी साझा किया है, जिससे पता चलता है कि उनकी कमाई हर साल धीरे-धीरे बढ़ रही है:
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वित्तीय वर्ष 2024-25: 4.89 लाख रुपये
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वित्तीय वर्ष 2025-26: 4.97 लाख रुपये
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वित्तीय वर्ष 2026-27: 6.71 लाख रुपये
पढ़ाई-लिखाई और आपराधिक रिकॉर्ड का सच
अगर एजुकेशन की बात करें, तो नीरज ने साल 2012 में हाई स्कूल गोना से बिहार बोर्ड के जरिए अपनी मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा पास की थी। इसके काफी समय बाद, हाल ही में साल 2024 में उन्होंने जहानाबाद के सकुराबाद स्थित ‘मगध महाविद्यालय’ से अपने ग्रेजुएशन (स्नातक) की डिग्री पूरी की है।
राजनीति में आपराधिक मामलों (Criminal Records) का होना आजकल आम बात हो गई है, लेकिन नीरज सिन्हा का दामन इस मामले में बिल्कुल साफ है। उनके खिलाफ किसी भी थाने या कोर्ट में कोई भी मुकदमा या आपराधिक मामला लंबित (Pending) नहीं है।
कब होगी बांकीपुर में वोटिंग?
आपको बता दें कि पटना जिले की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हैं। नामांकन की प्रक्रिया अब पूरी हो चुकी है। इस हाई-प्रोफाइल सीट की जनता 30 जुलाई 2026 को अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगी और अपना नया विधायक चुनेगी।
कुल मिलाकर देखा जाए तो बीजेपी ने बांकीपुर सीट पर एक ऐसे युवा चेहरे पर दांव खेला है, जिसकी छवि बिल्कुल साफ-सुथरी है। बिना घर, बिना गाड़ी और जीरो क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले नीरज सिन्हा का यह हलफनामा यह साबित करता है कि राजनीति में सिर्फ पैसे वाले ही नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े आम कार्यकर्ता भी अपनी जगह बना सकते हैं। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि बांकीपुर की जनता 30 जुलाई को किस पर अपना भरोसा जताती है।











