Nissan Tekton vs Rivals: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इन दिनों कॉम्पैक्ट एसयूवी (Compact SUV) का क्रेज सबसे ज्यादा है। हर कोई एक ऐसी गाड़ी चाहता है जो देखने में बड़ी लगे, फीचर्स से भरपूर हो और जिसकी कीमत भी जेब पर भारी न पड़े। इसी रेस में शामिल होने और अपनी बिक्री को एक नई रफ्तार देने के लिए निसान (Nissan) ने भारतीय बाजार में अपनी बिल्कुल नई कॉम्पैक्ट SUV ‘Tekton’ (निसान टेक्टन) को लॉन्च कर दिया है।
कंपनी को इस गाड़ी से बहुत बड़ी उम्मीदें हैं। पहली ही नजर में यह गाड़ी अपने मस्कुलर डिजाइन, शानदार इंटीरियर और आक्रामक कीमत की वजह से लोगों का ध्यान खींच रही है। अगर आप भी 2026 में एक नई एसयूवी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आइए एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि निसान टेक्टन में क्या-क्या खास है और किन मामलों में यह गाड़ी थोड़ी पीछे रह गई है।
निसान टेक्टन का डिजाइन: सड़क पर दिखेगा ‘भौकाल’
किसी भी गाड़ी को हम सबसे पहले उसकी शक्ल (डिजाइन) से जज करते हैं, और इस मामले में टेक्टन आपको बिल्कुल निराश नहीं करेगी।
यह एसयूवी देखने में काफी बड़ी और चौड़ी लगती है, जिससे सड़क पर इसका एक मजबूत ‘रोड प्रेजेंस’ महसूस होता है। इसका डिजाइन बहुत ही साफ-सुथरा (Clean) और आज के जमाने का (Modern) है। अगर आप इसे ध्यान से देखेंगे, तो इसके लुक्स में आपको निसान की सबसे महंगी और प्रीमियम गाड़ी ‘Patrol SUV’ की झलक साफ दिखाई देगी। इसके बड़े अलॉय व्हील्स और फ्रंट ग्रिल इसे एक दमदार लुक देते हैं।
प्रीमियम इंटीरियर: टचस्क्रीन के साथ फिजिकल बटन का सुकून
आजकल ज्यादातर कार कंपनियां हर चीज के लिए टचस्क्रीन दे रही हैं, जो कई बार ड्राइविंग करते समय ध्यान भटकाता है। लेकिन निसान ने यहां समझदारी दिखाई है।
टेक्टन के अंदर बैठते ही आपको एक बहुत ही प्रीमियम फील आता है। अच्छी बात यह है कि बड़ी टचस्क्रीन के साथ-साथ कंपनी ने एसी (AC) और म्यूजिक वॉल्यूम जैसी जरूरी चीजों के लिए ‘फिजिकल बटन’ (Physical Buttons) भी दिए हैं। इससे गाड़ी चलाते वक्त फीचर्स का इस्तेमाल करना बहुत आसान हो जाता है। इसमें वो सारे मॉडर्न और एडवांस फीचर्स मौजूद हैं, जो इस सेगमेंट की बाकी महंगी गाड़ियों में मिलते हैं।
पावरफुल इंजन: स्पीड और परफॉर्मेंस के दीवानों के लिए
अगर आपको तेज रफ्तार और बढ़िया पिकअप वाली गाड़ियां पसंद हैं, तो टेक्टन का इंजन आपको खुश कर देगा।
निसान ने इसमें शुरुआत से ही टर्बो (Turbo) पेट्रोल इंजन का दांव खेला है। आपको इसमें दो ऑप्शन मिलेंगे:
-
1.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन
-
1.3 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन
इसका 1.3 लीटर वाला टर्बो इंजन अपने कई राइवल्स (प्रतियोगियों) के मुकाबले ज्यादा पावरफुल है। इसके साथ कंपनी ने ‘वेट-क्लच डुअल-क्लच ऑटोमैटिक’ (DCT) गियरबॉक्स दिया है, जो गियर बदलने के झंझट को खत्म करता है और एक बहुत ही स्मूद और तेज ड्राइविंग एक्सपीरियंस देता है।
212 मिमी का ग्राउंड क्लीयरेंस: खराब रास्तों की छुट्टी
भारत की सड़कों का हाल हम सब जानते हैं। बड़े-बड़े स्पीड ब्रेकर और गड्ढों वाली सड़कों पर गाड़ी का नीचे से टकराना आम बात है।
निसान टेक्टन की एक बहुत बड़ी खासियत इसका 212 मिलीमीटर (mm) का शानदार ग्राउंड क्लीयरेंस है। यह इस सेगमेंट की कई गाड़ियों से ज्यादा है। इसका सीधा मतलब है कि आप इसे ऊबड़-खाबड़ रास्तों, कीचड़ या गांव की कच्ची सड़कों पर भी बिना किसी डर के आराम से चला सकते हैं।
कीमत और बिल्ड क्वालिटी: क्या यह ‘पैसा वसूल’ है?
निसान ने इस गाड़ी की कीमत (Pricing) बहुत ही चालाकी से तय की है। इसकी कीमत बाजार में मौजूद दूसरी राइवल एसयूवी से कम रखी गई है, जो इसे ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन ‘वैल्यू फॉर मनी’ (Value for money) ऑप्शन बनाती है।
सबसे अच्छी बात यह है कि कम कीमत रखने के चक्कर में कंपनी ने इसकी क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया है। गाड़ी की पेंट फिनिश बहुत शानदार है और इसकी ओवरऑल बिल्ड क्वालिटी भी काफी मजबूत महसूस होती है।
गाड़ी में क्या हैं कमियां? (जानें वो चीजें जो मिसिंग हैं)
भले ही यह गाड़ी बहुत अच्छी है, लेकिन कुछ चीजें हैं जो ग्राहकों को निराश कर सकती हैं:
-
कोई डीजल इंजन नहीं: भारत में आज भी बहुत से लोग लंबे सफर और अच्छे माइलेज के लिए डीजल कारें पसंद करते हैं, लेकिन टेक्टन में आपको डीजल इंजन का विकल्प नहीं मिलेगा।
-
नॉर्मल इंजन गायब: इसमें सिर्फ टर्बो इंजन दिए गए हैं। ‘नेचुरली एस्पिरेटेड’ (Normal) पेट्रोल इंजन का कोई ऑप्शन नहीं है, जो आमतौर पर माइलेज के लिए अच्छा माना जाता है और सस्ता भी होता है।
-
कोई हाइब्रिड मॉडल नहीं: नई रेनो डस्टर जैसी गाड़ियां हाइब्रिड तकनीक (बैटरी और पेट्रोल) के साथ आ रही हैं, लेकिन टेक्टन में यह सुविधा नहीं है। (हालांकि कंपनी का तर्क है कि हाइब्रिड देने से कार बहुत महंगी हो जाती)।
-
ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का पेंच: अगर आप 1.0 लीटर टर्बो इंजन वाला सस्ता मॉडल लेते हैं, तो उसमें आपको ऑटोमैटिक गियरबॉक्स नहीं मिलेगा। ऑटोमैटिक का मजा लेने के लिए आपको सीधा महंगा वाला (1.3 लीटर) मॉडल ही खरीदना पड़ेगा।












