CJP News: कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई जारी रह सकती है। पार्टी ने सरकार को अपने वादे निभाने की चेतावनी दी है।
- CJP ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर चिंता जताई।
- पार्टी का दावा—आदेश सरकार के पूर्व आश्वासन के विपरीत है।
- प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर जारी रहने की आशंका जताई।
- सरकार से सुप्रीम कोर्ट में पूरा पक्ष रखने की मांग।
- वादे पूरे नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन दोबारा शुरू करने की चेतावनी।
नई दिल्ली: कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) ने सुप्रीम कोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर चिंता जताई है, जो पार्टी के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी जनहित याचिकाओं पर सुनाया गया है। पार्टी का कहना है कि आदेश में सरकार को मौजूदा एफआईआर पर कार्रवाई और जांच जारी रखने की अनुमति मिलने से प्रदर्शनकारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
‘सरकार के आश्वासन के विपरीत है आदेश’
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि यह अंतरिम आदेश केंद्र सरकार द्वारा 25 जुलाई को दिए गए आश्वासन के विपरीत है।
पार्टी के अनुसार, सरकार ने भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएंगी और शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी आश्वासन के आधार पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन वापस लिया गया था।
सरकार के रुख पर उठाए सवाल
CJP ने आरोप लगाया कि यदि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर केंद्र और बीजेपी शासित राज्य सरकारें एफआईआर पर कार्रवाई जारी रखती हैं, तो प्रदर्शनकारियों को परेशान किया जा सकता है।
पार्टी ने यह सवाल भी उठाया कि जब सरकार और CJP के बीच सहमति बन चुकी थी, तब केंद्र सरकार के वकीलों ने अदालत में अंतरिम आदेश के दौरान अपना पक्ष स्पष्ट रूप से क्यों नहीं रखा।
सरकार से अदालत में पूरी जानकारी रखने की मांग
CJP ने मांग की कि केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारें 25 जुलाई को दिए गए आश्वासन की पूरी जानकारी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखें, ताकि अदालत के सामने सभी तथ्य स्पष्ट हों और भविष्य में किसी भी आदेश पर निर्णय पूरी जानकारी के आधार पर लिया जा सके।
दोबारा आंदोलन की चेतावनी
पार्टी ने कहा कि यदि सरकार अपने वादों को पूरा नहीं करती है, तो वह एक बार फिर देशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी।
CJP के बयान के अनुसार, यह आंदोलन केवल छात्रों या प्रदर्शनकारियों के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़े व्यापक मुद्दों को लेकर होगा।










