E20 Petrol News: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में बताया कि E20 पेट्रोल से BS-4 और BS-6 वाहनों के इंजन को कोई बड़ा नुकसान नहीं होता। जानिए माइलेज पर कितना असर पड़ता है और किन पुरानी गाड़ियों में कुछ पार्ट्स बदलने पड़ सकते हैं।
नई दिल्ली: देशभर में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद में E20 फ्यूल को लेकर कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि अब तक के परीक्षणों में E20 पेट्रोल से BS-4 और BS-6 वाहनों के इंजन को किसी बड़े नुकसान का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
E20 पेट्रोल से कितना कम होगा माइलेज?
नितिन गडकरी ने बताया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों का माइलेज 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकता है। हालांकि, यह असर सभी गाड़ियों में समान नहीं होगा और यह वाहन की श्रेणी, इंजन तकनीक और उम्र पर निर्भर करेगा।
उन्होंने बताया कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI), सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) द्वारा किए गए संयुक्त अध्ययन में भी माइलेज में हल्की कमी दर्ज की गई।
हालांकि, अध्ययन में यह भी पाया गया कि:
- एक्सेलरेशन बेहतर हो सकता है।
- राइड क्वालिटी में सुधार देखा गया।
- कार्बन उत्सर्जन में करीब 30% तक कमी आ सकती है।
क्या BS-4 गाड़ियों को नुकसान होता है?
सरकार के अनुसार, अब तक के लैब टेस्ट और रोड टेस्ट में BS-4 और BS-6 वाहनों के इंजन, ड्राइविंग परफॉर्मेंस, स्टार्टिंग क्षमता, धातु और प्लास्टिक के पार्ट्स पर कोई असामान्य प्रभाव नहीं पाया गया।
नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल के कारण इंजन में किसी प्रकार का बदलाव कराने की आवश्यकता नहीं है और परीक्षणों में इंजन फेल होने का कोई मामला सामने नहीं आया है।
किन गाड़ियों में बदलने पड़ सकते हैं पार्ट्स?
मंत्री ने बताया कि 1 अप्रैल 2005 से लागू BS-3 मानकों वाले और 2016 से पहले निर्मित कुछ पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग पर कुछ रबर होज़, सील और गैस्केट बदलने की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि यह बदलाव सामान्य सर्विसिंग के दौरान आसानी से किए जा सकते हैं और इसे बड़ी तकनीकी समस्या नहीं माना जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर फैल रहे दावों पर सरकार का जवाब
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर इंजन खराब होने, माइलेज में भारी गिरावट और पुरानी गाड़ियों के अनुपयोगी हो जाने जैसे कई दावे किए जा रहे थे।
इस पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इन दावों के समर्थन में कोई प्रमाणित वैज्ञानिक सबूत उपलब्ध नहीं हैं। सरकार ने कहा कि:
- भारत में उपलब्ध E20 पेट्रोल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों के अनुसार तैयार किया जाता है।
- इसकी गुणवत्ता की नियमित जांच होती है।
- वाहन निर्माता कंपनियां E20 अनुकूल वाहनों पर पहले की तरह वारंटी दे रही हैं।
- अब तक किसी वैज्ञानिक अध्ययन में E20 पेट्रोल से इंजन फेल होने का प्रमाण नहीं मिला है।











