Article 370: अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर महबूबा मुफ़्ती ने इसकी बहाली, 35A की वापसी और बंदियों की रिहाई की मांग दोहराई। इस बीच जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एक बार फिर विशेष दर्जे की बहाली की मांग उठाई है। वहीं, इस अवसर पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
क्या बोलीं महबूबा मुफ़्ती?
5 अगस्त की पूर्व संध्या पर महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा,
“जम्मू-कश्मीर के लोग मुर्दा लोग नहीं हैं, हम ज़िंदा कौम हैं। पीडीपी और हमारी कौम मिलकर कश्मीर की समस्याओं को हल करने के साथ-साथ अनुच्छेद 370, 35A और देश की जेलों में बंद हमारे लोगों की रिहाई के लिए जद्दोजहद करेगी।”
सेना और व्यापार को लेकर भी रखी मांग
महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि यदि केंद्र सरकार का दावा है कि जम्मू-कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं, तो इसका प्रमाण भी दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा,
“अगर सरकार कहती है कि हालात ठीक हो गए हैं, तो सेना को सिविल इलाकों से हटाकर बैरकों में वापस भेजा जाए। मुज़फ़्फ़राबाद और रावलाकोट के लिए खुले व्यापारिक मार्गों को भी दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।”
सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी
समाचार एजेंसियों पीटीआई और एएनआई के अनुसार, अनुच्छेद 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने के मद्देनज़र जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियां सार्वजनिक स्थानों, प्रमुख सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रख रही हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
क्या हुआ था 5 अगस्त 2019 को?
5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त करते हुए अनुच्छेद 370 के अधिकांश प्रावधानों को निष्प्रभावी कर दिया था। इसके साथ ही अनुच्छेद 35A भी समाप्त हो गया और तत्कालीन राज्य का पुनर्गठन कर उसे जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया।











