Jharkhand Paper Leak Protest: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत के बाद पानी पी लिया। जानिए पूरी घटना।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से फोन पर बातचीत के बाद पानी पी लिया। डॉक्टरों की चेतावनी और वांगचुक की अपील के बाद उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया।
क्या बोले देवेंद्रनाथ महतो?
फोन पर बातचीत के दौरान देवेंद्रनाथ महतो ने सोनम वांगचुक से कहा,
“मैं 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठा हूं। मैं बहुत थक गया था। यहां 26 साल से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार छात्रों के हित में कोई निर्णय नहीं ले रही है। डॉक्टरों ने कहा कि अगर मैंने पानी नहीं पिया तो मुझे अस्पताल में भर्ती करना पड़ेगा।”
सोनम वांगचुक ने क्या सलाह दी?
सोनम वांगचुक ने महतो से स्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा,
“देवेंद्र जी, आप पानी पीजिए। नहीं तो यह आत्महत्या के बराबर होगा। इस आंदोलन को समय चाहिए। इसमें कुछ दिन या एक-दो सप्ताह भी लग सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि उससे पहले सरकार को सद्बुद्धि आएगी और वह उचित फैसला लेगी।”
किस मुद्दे पर चल रहा है आंदोलन?
देवेंद्रनाथ महतो झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) से जुड़े हैं। वे राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, अनियमितताओं और युवाओं को रोजगार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
उन्होंने 25 जुलाई से रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित गांधी प्रतिमा के सामने धरना शुरू किया था, जिसके बाद उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी थी चिंता
लगातार भूख हड़ताल के कारण महतो की तबीयत बिगड़ने लगी थी। डॉक्टरों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि यदि उन्होंने पानी नहीं पिया तो स्वास्थ्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है और अस्पताल में भर्ती करना पड़ सकता है। इसके बाद सोनम वांगचुक की सलाह पर उन्होंने पानी पीने का निर्णय लिया।











