Rahul Gandhi JPSC JSSC Protest: राहुल गांधी ने रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से फोन पर बात कर उनकी मांगों का समर्थन किया। जानिए क्या हैं छात्रों की मांगें, विवाद और राजनीतिक मायने।
झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलन को नया राजनीतिक समर्थन मिला है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आंदोलन कर रहे छात्रों से फोन पर बातचीत कर उनकी मांगों का समर्थन करने का भरोसा दिया। राहुल गांधी की यह पहल ऐसे समय आई है जब झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज हो रहा है और सरकार पर पारदर्शी जांच की मांग बढ़ रही है।
राहुल गांधी ने क्या कहा?
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्टूडेंट लीडर पीयूष कुमार के मुताबिक, राहुल गांधी को छात्रों की सभी प्रमुख मांगों से अवगत कराया गया। पीयूष कुमार ने बताया कि उन्होंने परीक्षा रद्द करने, निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग रखी। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों की मांगों के साथ खड़ी है और सरकार से इस संबंध में बातचीत करेगी ताकि उनकी मांगों पर उचित निर्णय लिया जा सके।
क्या हैं छात्रों की प्रमुख मांगें?
रांची में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें हैं:
- JPSC परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच
- कथित पेपर लीक की जांच
- परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करना
- भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
- मामले की जांच CID के बजाय CBI या ED से कराना
- भविष्य की परीक्षाओं के लिए मजबूत सुधार लागू करना
विवाद कैसे शुरू हुआ?
विवाद 2 जुलाई को JPSC 14वीं प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद शुरू हुआ।
इसके बाद अभ्यर्थियों ने कई गंभीर सवाल उठाए:
- कैटेगरी-वाइज कटऑफ जारी नहीं की गई।
- एक अभ्यर्थी की कथित OMR शीट सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि केवल 48 प्रश्न हल करने के बावजूद वह मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हो गया।
- जारी परिणामों पर आयोग के अध्यक्ष, सचिव या सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे, जबकि छात्रों का दावा है कि नियमानुसार ऐसा होना चाहिए।
इन आरोपों के बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए और आंदोलन शुरू कर दिया।
25 जुलाई से जारी है आंदोलन
इन मुद्दों को लेकर छात्र 25 जुलाई से रांची में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारी परीक्षा प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं। इस बीच छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल भी गठित किया है। हालांकि, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पीयूष कुमार का कहना है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
राजनीतिक मायने भी अहम
झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में राहुल गांधी द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों से सीधे बातचीत करना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भर्ती विवाद लंबा खिंचता है, तो यह आने वाले समय में राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है।












