Delhi to 12 Jyotirlinga Yatra: अगर आप शिव भक्त हैं, तो आपकी जिंदगी का एक सबसे बड़ा सपना जरूर होगा— देश भर में मौजूद 12 ज्योतिर्लिंगों (12 Jyotirlingas) के दर्शन करना। कहा जाता है कि इन पवित्र स्थानों के दर्शन मात्र से इंसान के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं।
लेकिन, जब भी हम इस यात्रा का प्लान बनाते हैं, तो सबसे बड़ी परेशानी यह आती है कि शुरुआत कहां से करें? क्योंकि ये ज्योतिर्लिंग उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र के किनारे तक फैले हुए हैं। अगर आप दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रहते हैं और वहां से अपनी यात्रा शुरू करना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए किसी बेहतरीन गाइड से कम नहीं है।
आइए, आज एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आप दिल्ली से 12 ज्योतिर्लिंग यात्रा का रूट कैसे प्लान कर सकते हैं, इसमें कितने दिन लगेंगे और आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
12 ज्योतिर्लिंग क्या हैं और कहां-कहां हैं?
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, जिन 12 जगहों पर भगवान शिव स्वयं प्रकाश (ज्योति) के रूप में प्रकट हुए थे, उन्हें ज्योतिर्लिंग कहा जाता है। ये 12 ज्योतिर्लिंग देश के अलग-अलग राज्यों में हैं:
उत्तराखंड: केदारनाथ
उत्तर प्रदेश: काशी विश्वनाथ (वाराणसी)
मध्य प्रदेश: महाकालेश्वर (उज्जैन) और ओंकारेश्वर
गुजरात: सोमनाथ और नागेश्वर
महाराष्ट्र: त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर
झारखंड: वैद्यनाथ (देवघर)
आंध्र प्रदेश: मल्लिकार्जुन (श्रीशैलम)
तमिलनाडु: रामेश्वरम
दिल्ली से यात्रा की शुरुआत: कैसे बनाएं स्मार्ट रूट प्लान?
अगर आप सोच रहे हैं कि दिल्ली से निकलकर एक ही बार में गोल चक्कर लगाकर 12 ज्योतिर्लिंग घूम लेंगे, तो यह थोड़ा थका देने वाला हो सकता है। स्मार्ट तरीका यह है कि इस यात्रा को हिस्सों (Circuits) में बांट लिया जाए।
पहला चरण: उत्तर और मध्य भारत के दर्शन
दिल्ली से शुरुआत करना काफी आसान है।
केदारनाथ: सबसे पहले आप दिल्ली से हरिद्वार होते हुए केदारनाथ जा सकते हैं। (ध्यान रहे, यहां के कपाट सिर्फ गर्मियों में खुलते हैं)।
काशी विश्वनाथ: केदारनाथ से वापस आकर आप सीधे वाराणसी (काशी) की ट्रेन या फ्लाइट ले सकते हैं।
महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर: काशी दर्शन के बाद बनारस से मध्य प्रदेश के इंदौर या उज्जैन की ट्रेन लें। उज्जैन में महाकाल के दर्शन करें और वहीं से कुछ दूरी पर स्थित ओंकारेश्वर के दर्शन करके वापस दिल्ली लौट आएं।
दूसरा चरण: गुजरात और महाराष्ट्र का सफर
इस चरण में सबसे ज्यादा ज्योतिर्लिंग कवर होते हैं।
गुजरात: दिल्ली से सीधे अहमदाबाद जाएं। वहां से सोमनाथ और द्वारका के पास स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें।
महाराष्ट्र: गुजरात से आप सीधे नासिक (महाराष्ट्र) पहुंचें। नासिक में ‘त्र्यंबकेश्वर’, औरंगाबाद में ‘घृष्णेश्वर’ (एलोरा गुफाओं के पास) और पुणे के पास ‘भीमाशंकर’ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें। महाराष्ट्र के ये तीनों ज्योतिर्लिंग आप कैब करके 3-4 दिन में आसानी से घूम सकते हैं।
तीसरा चरण: दक्षिण भारत और पूर्वी भारत की यात्रा
मल्लिकार्जुन: दिल्ली से हैदराबाद की फ्लाइट लें और वहां से श्रीशैलम (मल्लिकार्जुन) के दर्शन करने जाएं।
रामेश्वरम: इसके बाद मदुरै (तमिलनाडु) पहुंचें और भारत के अंतिम छोर पर स्थित रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें।
वैद्यनाथ: दिल्ली वापस आकर या वहीं से आप सीधे झारखंड के देवघर (वैद्यनाथ) जा सकते हैं।
एक साथ करें या अलग-अलग? (कितना समय लगेगा)
अगर आप रिटायर हो चुके हैं या आपके पास 20-25 दिन की लंबी छुट्टी है, तो आप देश का पूरा चक्कर लगाकर एक बार में दर्शन कर सकते हैं। लेकिन अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो मेरी सलाह होगी कि इसे 3 या 4 अलग-अलग ट्रिप्स में बांट लें (जैसे- एक बार में सिर्फ महाराष्ट्र के तीन और एमपी के दो ज्योतिर्लिंग देख आएं)। इससे आपको सफर में थकान भी नहीं होगी और आप हर जगह का अच्छे से आनंद ले पाएंगे।
यात्रा का बजट और IRCTC के पैकेज
अगर आप एक मिडिल क्लास परिवार से हैं और खुद से ट्रेन और सस्ते होटल्स के जरिए 12 ज्योतिर्लिंग घूमना चाहते हैं, तो एक व्यक्ति का कुल खर्च लगभग 40 से 50 हजार रुपये के बीच आ सकता है।
लेकिन अगर आप टिकट और होटल की बुकिंग के झंझट से बचना चाहते हैं, तो भारतीय रेलवे (IRCTC) समय-समय पर ‘भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन’ के जरिए ‘ज्योतिर्लिंग यात्रा’ के पैकेज निकालता रहता है। दिल्ली (सफदरजंग स्टेशन) से भी ये ट्रेनें चलती हैं। इनका पैकेज काफी किफायती होता है और इसमें रहना, खाना व घूमना सब शामिल होता है।
सफर के दौरान किन बातों का रखें खास ध्यान? (Travel Tips)
केदारनाथ की प्लानिंग: केदारनाथ जाने से पहले वहां का मौसम जरूर चेक कर लें और अपना मेडिकल चेकअप करा लें, क्योंकि वहां ऑक्सीजन की कमी होती है।
एडवांस बुकिंग: महाकालेश्वर की भस्म आरती या अन्य मंदिरों में वीआईपी दर्शन (VIP Darshan) के लिए ऑनलाइन बुकिंग हफ्तों पहले फुल हो जाती है, इसलिए घर से निकलने से पहले वेबसाइट पर बुकिंग जरूर कर लें।
सामान कम रखें: यात्रा लंबी है, इसलिए अपने साथ सिर्फ जरूरत के कपड़े और जरूरी दवाइयां ही रखें। भारी बैग आपको सिर्फ थकाएगा।









