Road Trip Guide: गर्मियों की छुट्टियां हों या वीकेंड का लंबा ब्रेक, पहाड़ों की ठंडी हवाएं और खूबसूरत वादियां हम सभी को अपनी तरफ खींचती हैं। हर कोई चाहता है कि वह हिमालय की उन ऊंचाइयों पर जाए, जहां से दुनिया बिल्कुल अलग और शांत नजर आती है। लेकिन जब भी ऊंचे पहाड़ों की बात आती है, तो हमारे दिमाग में भारी-भरकम बैकपैक, मीलों लंबी ट्रेकिंग (Trekking) और पैरों में होने वाले दर्द का खयाल आ जाता है।
अगर आपके साथ भी ऐसा है कि आप पहाड़ों की ऊंचाई तो नापना चाहते हैं, लेकिन पैदल चढ़ाई करने से आपको डर लगता है, तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है। भारत में कई ऐसे खूबसूरत और बादलों के बीच बसे सुदूर गांव (High-altitude villages) हैं, जहां पहुंचने के लिए आपको अपने पैरों को कष्ट नहीं देना पड़ेगा। आप आराम से अपनी कार या बाइक की सीट पर बैठकर सीधे इन गांवों तक पहुंच सकते हैं। आइए, एक दोस्त की तरह आपको बताते हैं भारत के कुछ ऐसे ही शानदार गांवों के बारे में, जहां का सफर आपकी जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव बन सकता है।
पहाड़ों का शौक और ट्रेकिंग का डर? ये है समाधान
अक्सर हम सिर्फ शिमला, मनाली या नैनीताल तक जाकर ही वापस लौट आते हैं क्योंकि हमें लगता है कि इससे ऊपर जाने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ेगी। लेकिन बॉर्डर रोड ऑर्गनाइजेशन (BRO) और सरकार की अच्छी सड़क परियोजनाओं के कारण अब हिमालय के कई दूरदराज वाले गांवों तक पक्की सड़कें पहुंच चुकी हैं। आप अपनी गाड़ी से सीधे इन गांवों के होमस्टे (Homestay) के दरवाजे तक जा सकते हैं।
1. कॉमिक (Komic) – स्पीति: दुनिया का सबसे ऊंचा गांव जहां जाती है गाड़ी
अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं और सीधे आसमान को छूना चाहते हैं, तो हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी (Spiti Valley) में स्थित ‘कॉमिक’ गांव आपके लिए है।
क्या है खास: समुद्र तल से करीब 15,027 फीट की ऊंचाई पर बसा कॉमिक दुनिया का सबसे ऊंचा गांव माना जाता है जहां तक मोटर वाली गाड़ी (Motorable road) जा सकती है। यहां दुनिया का सबसे ऊंचा पोस्ट ऑफिस भी है।
कैसा है नजारा: यहां हरियाली नहीं, बल्कि भूरे और सफेद बर्फ से ढके पहाड़ नजर आते हैं। यहां गाड़ी चलाते हुए आपको ऐसा लगेगा जैसे आप चांद की सतह पर आ गए हैं। आप काजा (Kaza) से सीधे अपनी कार या टैक्सी के जरिए कुछ ही घंटों में यहां पहुंच सकते हैं।
2. जुलुक (Zuluk) – सिक्किम: 32 घुमावदार मोड़ों वाला खूबसूरत सफर
अगर आप नॉर्थ-ईस्ट (पूर्वोत्तर भारत) घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सिक्किम का ‘जुलुक’ गांव आपकी लिस्ट में जरूर होना चाहिए।
क्या है खास: यह गांव समुद्र तल से लगभग 9,400 फीट की ऊंचाई पर बसा है। यह इलाका कभी पुराने व्यापारिक ‘सिल्क रूट’ (Silk Route) का हिस्सा हुआ करता था।
कैसा है नजारा: जुलुक तक पहुंचने का रास्ता ही अपने आप में एक अजूबा है। यहां पहुंचने के लिए आपको 32 घुमावदार हेयरपिन मोड़ों (Hairpin bends) से गुजरना पड़ता है। जब आप अपनी कार से इन मोड़ों को पार करते हुए ऊपर पहुंचते हैं, तो वहां से दुनिया की तीसरी सबसे ऊंची चोटी ‘कंचनजंघा’ (Kanchenjunga) का जो नजारा दिखता है, वो आपकी सारी थकान मिटा देगा।
3. नाको (Nako) – हिमाचल प्रदेश: बर्फ और शांत झील का अनोखा संगम
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के बिल्कुल सुदूर कोने में और स्पीति घाटी की शुरुआत में एक बेहद ही शांत और आध्यात्मिक गांव बसा है, जिसका नाम है ‘नाको’।
क्या है खास: यह खूबसूरत बौद्ध गांव करीब 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां तक पहुंचने का रास्ता बहुत ही रोमांचक है।
कैसा है नजारा: नाको गांव के बीचों-बीच एक बेहद सुंदर और शांत झील है। गर्मियों में यह झील नीली दिखती है और सर्दियों में पूरी तरह जम जाती है। यहां कोई शोर-शराबा या ट्रैफिक नहीं है। आप सीधे गाड़ी से यहां पहुंचकर किसी लोकल होमस्टे में रुक सकते हैं और ‘बटर टी’ (Butter Tea) पीते हुए असली हिमालयी संस्कृति का मजा ले सकते हैं।
4. कल्पा (Kalpa) – हिमाचल प्रदेश: सेब के बाग और ‘किन्नौर कैलाश’ का व्यू
अगर आपको भूरे पहाड़ों के बजाय हरे-भरे पहाड़ और सेब के बागान पसंद हैं, तो किन्नौर जिले का ‘कल्पा’ गांव आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है।
क्या है खास: लगभग 9,700 फीट की ऊंचाई पर बसा कल्पा, शिमला से कुछ घंटों की ड्राइव पर है। सड़कें अच्छी हैं और आप आराम से कार से पहुंच सकते हैं।
कैसा है नजारा: कल्पा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां से ‘किन्नौर कैलाश’ (Kinnaur Kailash) की विशाल और बर्फ से ढकी चोटियां बिल्कुल सामने नजर आती हैं। जब सुबह के समय सूरज की पहली किरण इन बर्फीली चोटियों पर पड़ती है, तो वो सोने की तरह चमकने लगती हैं।
सफर पर जाने से पहले इन 3 बातों का रखें खास ध्यान (Travel Tips)
चूंकि आप गाड़ी से सीधे 10 हजार से 15 हजार फीट की ऊंचाई पर जा रहे हैं, इसलिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी होंगी:
एल्टीट्यूड सिकनेस (AMS) से बचें: जब आप बिना ट्रेकिंग किए तेजी से गाड़ी से ऊंचाई पर जाते हैं, तो शरीर को कम ऑक्सीजन की आदत नहीं होती। इससे सिरदर्द या उल्टी हो सकती है। इसलिए सफर के बीच में रुकें और शरीर को मौसम के हिसाब से ढलने दें।
गर्म कपड़े हमेशा साथ रखें: ऊंचाई वाले इन गांवों में जून-जुलाई की गर्मियों में भी रात का तापमान माइनस या 2-3 डिग्री तक पहुंच जाता है, इसलिए भारी जैकेट जरूर रखें।
गाड़ी की कंडीशन: पहाड़ों पर खड़ी चढ़ाई होती है, इसलिए अपनी कार के ब्रेक, टायर और क्लच की जांच पहले ही करवा लें।
पहाड़ों की खूबसूरती देखने के लिए हमेशा पैरों को तकलीफ देना जरूरी नहीं है। भारत के ये छिपे हुए और ऊंचे गांव इस बात का सबूत हैं कि एक अच्छी रोड ट्रिप (Road Trip) भी आपको सीधे जन्नत के दरवाजों तक ले जा सकती है। तो बस अपनी गाड़ी की चाबी उठाइए, दोस्तों या परिवार के साथ प्लान बनाइए और निकल पड़िए बादलों के बीच बसे इन गांवों की सैर पर!












