Kisan Andolan 2026: पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित शंभू बॉर्डर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। अगर आप आज इस रास्ते से गुजरने की सोच रहे हैं या टीवी पर खबरें देख रहे हैं, तो आपको वहां भारी पुलिस बल और बड़े-बड़े बैरिकेड्स नजर आएंगे।
दरअसल, पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान एक बार फिर दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इस बार का उनका यह ‘दिल्ली कूच’ किसी एमएसपी (MSP) या पुराने कानून को लेकर नहीं है, बल्कि वजह कुछ और है। किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए शंभू बॉर्डर पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर किसान दिल्ली क्यों जाना चाहते हैं, पुलिस उन्हें क्यों रोक रही है और इस पूरे मामले में किसान नेताओं का क्या कहना है।
शंभू बॉर्डर पर क्या हैं मौजूदा हालात?
इस वक्त शंभू बॉर्डर का नजारा किसी किले जैसा हो गया है। हरियाणा सरकार ने किसानों को अपने राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी है।
पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाली घग्गर नदी के पुल पर सीमेंट के भारी-भरकम ब्लॉक रख दिए गए हैं और लोहे के बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। पंजाब के कई इलाकों से किसान बसों में भरकर दिल्ली के लिए निकल चुके हैं, लेकिन इन बैरिकेड्स की वजह से उन्हें शंभू बॉर्डर पर ही रुकना पड़ रहा है।
आखिर क्यों दिल्ली जा रहे हैं किसान? क्या है मुख्य मांग?
अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि अचानक किसान दिल्ली क्यों जाना चाहते हैं? दरअसल, यह पूरा विरोध प्रदर्शन भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित एक ‘व्यापार समझौते’ (Trade Agreement) को लेकर है।
किसानों का कहना है कि यह समझौता देश और खेती के हित में नहीं है। इसी समझौते का विरोध करने के लिए दिल्ली के ‘किसान घाट’ पर एक दिन की ‘किसान महापंचायत’ बुलाई गई है। यह महापंचायत “देश बचाओ मोर्चा” के बैनर तले आयोजित की जा रही है। किसान नेताओं ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि इस महापंचायत में पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों से भारी संख्या में किसान शांतिपूर्ण तरीके से हिस्सा लेने पहुंचेंगे।
किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने हरियाणा के CM पर क्यों साधा निशाना?
किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोके जाने के बाद पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने मंगलवार सुबह हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला।
फ़तेहगढ़ साहिब में पत्रकारों से बात करते हुए पंढेर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि किसान बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार उन्हें रोककर तानाशाही कर रही है। पंढेर ने तंज कसते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री सैनी पंजाब आते हैं, तो लोगों से बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन आज शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोककर उन्होंने अपना ‘असली चेहरा’ दिखा दिया है। पंढेर ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को पूरी तरह से रद्द किया जाना चाहिए।
हरियाणा पुलिस का एक्शन: गुरनाम सिंह चढूनी हिरासत में
इस महापंचायत को रोकने के लिए पुलिस सिर्फ बैरिकेडिंग ही नहीं कर रही है, बल्कि कई किसान नेताओं को हिरासत में भी लिया जा रहा है।
सोमवार को ही भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी को हरियाणा पुलिस ने कुरुक्षेत्र में हिरासत में ले लिया था। वे भी इस महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली की ओर निकल रहे थे। इसके अलावा, संगठन के प्रवक्ता प्रिंस वड़ैच ने दावा किया है कि हरियाणा पुलिस उनके कई कार्यकर्ताओं को लगातार हिरासत में ले रही है, ताकि दिल्ली के प्रदर्शन को कमजोर किया जा सके और भीड़ को इकट्ठा होने से रोका जा सके।
आगे क्या होगी किसानों की रणनीति?
शंभू बॉर्डर पर रोके जाने के बाद अब किसानों का अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने साफ कर दिया है कि वे शंभू बॉर्डर पहुंचेंगे और वहां मौजूद अन्य किसान नेताओं के साथ बातचीत करके आगे की रणनीति तय करेंगे।
क्या किसान वहीं धरने पर बैठ जाएंगे या बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करेंगे? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। फिलहाल, शंभू बॉर्डर पर तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।











