Karti Chidambaram vs Nishikant Dubey: संसद परिसर में कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के बीच ब्रिटेन में पंजीकृत एक कंपनी को लेकर तीखी बहस हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के दावों पर प्रतिक्रिया दी।
- संसद परिसर में कार्ति चिदंबरम और निशिकांत दुबे के बीच तीखी बहस।
- ANI के वीडियो में दोनों नेताओं के बीच कंपनी को लेकर सवाल-जवाब।
- ब्रिटेन में पंजीकृत कंपनी को लेकर निशिकांत दुबे ने लगाए आरोप।
- कार्ति चिदंबरम ने आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वे कंपनी कानून समझाने को तैयार हैं।
- मामले को संसद में उठाने की बात कही गई।
नई दिल्ली: मंगलवार देर रात संसद परिसर में कांग्रेस सांसद Karti Chidambaram और बीजेपी सांसद Nishikant Dubey के बीच ब्रिटेन में पंजीकृत एक कंपनी को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। इस घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
वीडियो में क्या हुआ?
समाचार एजेंसी ANI द्वारा जारी वीडियो में कार्ति चिदंबरम कहते सुनाई देते हैं कि “नॉमिनी डायरेक्टर कंपनी से लिंक होता है…”।
इस पर निशिकांत दुबे उनसे सवाल करते हैं, “डायरेक्टर क्यों हैं?”
जवाब में कार्ति चिदंबरम कहते हैं,
“मैं आपको विस्तार से समझाऊंगा कि कंपनियां कैसे काम करती हैं।”
उस समय कार्ति चिदंबरम संसद भवन की ओर जा रहे थे, जबकि निशिकांत दुबे अपनी कार में बैठे हुए थे।
कार्ति चिदंबरम का जवाब
बाद में मीडिया से बातचीत में कार्ति चिदंबरम ने कहा,
“मुझे नहीं लगता कि निशिकांत दुबे को यह समझ है कि ब्रिटेन में कंपनियां कैसे रजिस्टर होती हैं, कहां स्थित होती हैं या कैसे संचालित की जाती हैं। मैं कल उन्हें मुफ़्त में ट्यूटोरियल देने के लिए तैयार हूं।”
निशिकांत दुबे ने क्या आरोप लगाए?
इससे पहले निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया था कि एक भारतीय सांसद ने वर्ष 2003 में ‘Backups Limited UK’ नाम की कंपनी रजिस्टर कराई थी।
उन्होंने दावा किया कि:
- कंपनी का पंजीकृत पता 2 Frangley Way, London है।
- कंपनी के दो निदेशक Lovgrove और McKnight हैं।
- उनके अनुसार, Lovgrove 1,000 से अधिक कंपनियों और McKnight सैकड़ों कंपनियों में निदेशक हैं।
- उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसी पते पर दर्ज कई अन्य कंपनियों का संबंध ऐसे मीडिया संस्थानों से है जो भारत से जुड़ी खबरें प्रकाशित करते हैं।
निशिकांत दुबे ने कहा कि वह इस पूरे मामले को संसद में उठाएंगे और संबंधित सांसद तथा कंपनी के संबंधों पर सवाल करेंगे।
मामले पर सियासी बहस तेज
इस घटनाक्रम के बाद दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक जांच या निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं हुआ है।











