Parliament Row: लोकसभा में पेपर लीक रोकने के लिए गठित शिक्षा सुधार समिति को लेकर प्रियंका गांधी की टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने इसे आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि का अपमान बताया।
- लोकसभा में शिक्षा सुधार समिति को लेकर विवाद।
- प्रियंका गांधी ने समिति के सदस्य को लेकर “गोमूत्र विशेषज्ञ” टिप्पणी की।
- बीजेपी सांसदों ने बयान पर जताई नाराजगी।
- अनुराग ठाकुर ने प्रियंका गांधी पर प्रतिष्ठित शिक्षाविद का अपमान करने का आरोप लगाया।
- प्रोफेसर वी. कामकोटि IIT मद्रास के निदेशक और ‘शक्ति’ माइक्रोप्रोसेसर परियोजना के प्रमुख रहे हैं।
- पेपर लीक रोकने वाले संशोधन विधेयक पर संसद में बहस जारी।
नई दिल्ली: लोकसभा में मंगलवार को शिक्षा सुधार समिति को लेकर कांग्रेस सांसद Priyanka Gandhi Vadra की एक टिप्पणी पर जमकर हंगामा हुआ। प्रियंका गांधी ने समिति के एक सदस्य को लेकर “गोमूत्र विशेषज्ञ” शब्द का इस्तेमाल किया, जिस पर बीजेपी सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई।
बीजेपी ने इसे एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने सरकार की परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों को लेकर सवाल उठाए।
पेपर लीक रोकने के लिए बनाई गई है हाई-पावर्ड टास्क फोर्स
केंद्र सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में संशोधन के लिए पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026 संसद में पेश किया है।
इस विधेयक के तहत पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताओं को रोकने के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स यानी शिक्षा सुधार समिति बनाई गई है।
इस समिति में शामिल हैं:
- तकनीकी विशेषज्ञ Nandan Nilekani
- इसरो के पूर्व अध्यक्ष S. Somanath
- आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका
- आईआईटी मद्रास के निदेशक V. Kamakoti
- पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
- लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने नई समिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बार-बार समितियां बना रही है, लेकिन पहले की सिफारिशों पर अमल नहीं किया गया।
उन्होंने कहा,
“इस नई कमेटी में तो एक पूर्व आईबी चीफ, एक आईटी कंपनी के संस्थापक और एक गोमूत्र विशेषज्ञ भी हैं। इन्हें शिक्षा के बारे में क्या पता। यही सच है।”
हालांकि प्रियंका गांधी ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी को व्यापक रूप से आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि की ओर इशारा माना गया।
अनुराग ठाकुर का पलटवार
बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री Anurag Thakur ने प्रियंका गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शिक्षाविद का अपमान किया है।
अनुराग ठाकुर ने कहा,
“उन्होंने आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि के बारे में इस तरह की टिप्पणी की। वह एक महान वैज्ञानिक हैं और कई महत्वपूर्ण संस्थाओं से जुड़े रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि किसी व्यक्ति का किसी संगठन या विचारधारा से जुड़ाव होना गलत नहीं है।
प्रोफेसर वी. कामकोटि और गोमूत्र पर विवाद
प्रोफेसर वी. कामकोटि पहले भी गोमूत्र के कथित औषधीय गुणों को लेकर चर्चा में रहे हैं।
जनवरी 2025 में चेन्नई के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि गोमूत्र में फंगल संक्रमण, बैक्टीरिया और सूजन के खिलाफ प्रभावी गुण पाए जाते हैं।
उन्होंने दावा किया था कि इस विषय पर वैज्ञानिक शोध प्रकाशित हुए हैं।
हालांकि, उनके इस बयान के बाद वैज्ञानिक समुदाय के कुछ वर्गों ने सवाल उठाए और इन दावों की वैज्ञानिक प्रमाणिकता पर बहस हुई।
प्रोफेसर कामकोटि ने अपने बचाव में कहा था कि गोमूत्र पर कई शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं और कुछ अध्ययनों में इसके जैविक गुणों का अध्ययन किया गया है।
कौन हैं प्रोफेसर वी. कामकोटि?
प्रोफेसर वीझिनाथन कामकोटि ने 17 जनवरी 2022 को Indian Institute of Technology Madras (IIT मद्रास) के निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला।
उनकी पहचान कंप्यूटर विज्ञान और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विशेषज्ञ के रूप में है।
उनकी प्रमुख उपलब्धियां:
- भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर ‘शक्ति’ के विकास का नेतृत्व।
- कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में लंबे समय तक फैकल्टी सदस्य रहे।
- नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजरी बोर्ड सहित कई सरकारी संस्थाओं से जुड़े रहे।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी सरकारी टास्क फोर्स के चेयरमैन रहे।
उन्हें कई सम्मान भी मिल चुके हैं, जिनमें:
- अब्दुल कलाम टेक्नोलॉजी इनोवेशन नेशनल फेलोशिप (2020)
- आईईएसए टेक्नो विजनरी अवॉर्ड (2018)
- आईबीएम फैकल्टी अवॉर्ड (2016)
- डीआरडीओ एकेडमी एक्सीलेंस अवॉर्ड (2013)
शामिल हैं।











