• About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Friday, July 24, 2026
  • Login
jansandeshonline hindi news
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
jansandeshonline hindi news
No Result
View All Result
Home राष्ट्रीय

Resignation Politics: लाल बहादुर शास्त्री से लेकर माधवराव सिंधिया तक… क्या आज के नेताओं की खत्म हो गई है ‘नैतिक जिम्मेदारी’?

Mayank Gaur by Mayank Gaur
July 23, 2026
in राष्ट्रीय
0
Resignation Politics: लाल बहादुर शास्त्री से लेकर माधवराव सिंधिया तक... क्या आज के नेताओं की खत्म हो गई है 'नैतिक जिम्मेदारी'?
0
SHARES
10
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Resignation Politics: देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों एक बार फिर से एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बन रहा है। देश के एग्जामिनेशन सिस्टम, खासकर नीट (NEET-UG) परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर युवा और छात्र सड़कों पर उतरे हुए हैं। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन की सबसे बड़ी मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें।

सोमवार (20 जुलाई) को जब इन युवाओं ने ‘संसद चलो मार्च’ निकाला, तो उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान कई छात्र घायल भी हुए। लेकिन, पुलिस के डंडे भी युवाओं का जोश ठंडा नहीं कर पाए। आज ये छात्र फिर से जंतर-मंतर पर डटे हुए हैं। इस पूरे आंदोलन को करीब से देख रहे वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव (Yogendra Yadav) का मानना है कि यह कोई आम प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ‘ऐतिहासिक घटना’ है।

आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि योगेंद्र यादव इस आंदोलन को 1974 के ‘जेपी आंदोलन’ और 2011 के ‘अन्ना आंदोलन’ से क्यों जोड़ रहे हैं, और सरकार इस पूरे मामले पर क्या कह रही है।

Also Read

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: 'गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया...': दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: ‘गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया…’: दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

July 23, 2026
Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,'पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं'

Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,’पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं’

July 23, 2026

‘संसद चलो मार्च’ और दिल्ली पुलिस का एक्शन

सोमवार को सीजेपी और छात्रों का ‘संसद चलो मार्च’ शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही यह पुलिस के साथ टकराव में बदल गया। पुलिस के लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल से कई छात्र घायल हो गए। एक छात्रा की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उसे राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
लेकिन इतनी सख्ती के बावजूद, छात्रों का जज्बा टूटा नहीं है। वे वापस जंतर-मंतर पर आकर बैठ गए हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

50 साल बाद फिर गूंजी युवाओं की आवाज (1974 के जेपी आंदोलन से तुलना)

योगेंद्र यादव इस आंदोलन को एक बहुत बड़े बदलाव की शुरुआत मानते हैं। उन्होंने इसे ठीक 50 साल पहले हुए ‘जेपी आंदोलन’ (जयप्रकाश नारायण आंदोलन, 1974) से जोड़ा है।

उन्होंने कहा, “1974 में युवा शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सड़कों पर उतरे थे। सरकार जब नहीं सुनी, तो उन्होंने ठान लिया कि अब सरकार ही बदलनी है। ठीक 50 साल बाद, आज का युवा फिर से देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। जो सवाल (शिक्षा और रोजगार) केंद्र में होने चाहिए थे, वो आज वहां पहुंच गए हैं।”
योगेंद्र यादव का मानना है कि देश में धीरे-धीरे जो ‘तानाशाही’ आ रही थी, उसे पंक्चर करने का काम इस 20 जुलाई के प्रदर्शन ने किया है। उनका साफ कहना है कि अब लोकतंत्र का भविष्य संसद से नहीं, बल्कि सड़क के प्रतिरोध (विरोध) से तय होगा।

संस्थानों की नाकामी और ‘इस्तीफे की नैतिकता’ का इतिहास

छात्र शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस पर योगेंद्र यादव का कहना है कि यह सारी आग संस्थानों (जैसे NTA, CBSE आदि) की नाकामी की वजह से लगी है। जब सिस्टम फेल होता है, तो सबसे ऊपर बैठे व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी बनती है।

उन्होंने इतिहास की याद दिलाते हुए कहा कि भारतीय राजनीति में नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना कोई नई बात नहीं है:

  • भारत-चीन युद्ध के बाद जवाहरलाल नेहरू के चहेते मंत्री कृष्ण मेनन ने इस्तीफा दिया था।

  • लाल बहादुर शास्त्री ने एक रेल हादसे के बाद बिना किसी के कहे रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

  • हवाला डायरी में नाम आने और 1993 की विमान दुर्घटना के बाद माधवराव सिंधिया ने इस्तीफा दिया था।

  • 1999 में एक रेल हादसे के बाद नीतीश कुमार ने भी रेल मंत्री का पद छोड़ दिया था।

यादव का कहना है कि आज शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना सिर्फ एक व्यक्ति को हटाने की बात नहीं है, बल्कि यह सिस्टम में ‘जवाबदेही’ (Accountability) तय करने का प्रतीक है।

अन्ना आंदोलन से कितना अलग है आज का छात्र आंदोलन?

जब भी जंतर-मंतर पर भीड़ जुटती है, तो उसकी तुलना 2011 के अन्ना हजारे आंदोलन से जरूर होती है। लेकिन योगेंद्र यादव कहते हैं कि इन दोनों आंदोलनों में जमीन-आसमान का फर्क है:

  • रिस्क फैक्टर: अन्ना आंदोलन में कोई ‘रिस्क’ नहीं था। लोग वहां बच्चों के साथ एक ‘पिकनिक’ की तरह जाते थे। लेकिन आज जो युवा आ रहे हैं, वे अपनी प्रोफाइलिंग, नौकरी और पुलिस के डंडे का बहुत बड़ा रिस्क लेकर आ रहे हैं।

  • मीडिया का रोल: अन्ना आंदोलन के समय मीडिया पूरी तरह से सरकार के खिलाफ दहाड़ता था और आंदोलन के साथ खड़ा था। लेकिन आज का छात्र आंदोलन मेनस्ट्रीम मीडिया की चुप्पी और दुष्प्रचार के बावजूद अपनी ताकत बढ़ा रहा है।

जेपी नड्डा का पलटवार: ‘विपक्ष सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेंक रहा है’

छात्रों के प्रदर्शन और विपक्ष (कांग्रेस) के दबाव के बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा (JP Nadda) ने सरकार का पक्ष रखा।

बुधवार को नड्डा ने सफदरजंग से मेदांता अस्पताल शिफ्ट किए गए सोनम वांगचुक से मुलाकात की। नड्डा ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी सिर्फ ‘सिलेक्टिव राजनीति’ कर रहे हैं और इस गंभीर मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि जब यूपीए (UPA) की सरकारें थीं, तब भी राज्यों (जैसे राजस्थान, पश्चिम बंगाल, केरल) में पेपर लीक हुए थे। नड्डा ने साफ किया कि सरकार छात्रों से बातचीत करने और संसद में इस मुद्दे पर गहन चर्चा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

1975 की इमरजेंसी और आज के हालात: क्या है सबसे बड़ा फर्क?

योगेंद्र यादव खुद को ‘इमरजेंसी की पैदाइश’ बताते हैं। उन्होंने 70 के दशक की इंदिरा गांधी सरकार और मौजूदा मोदी सरकार की तुलना भी की।

उन्होंने कहा, “इंदिरा गांधी सुपर कॉन्फिडेंट थीं। उनके दरबारियों ने उन्हें समझा रखा था कि सब ठीक है और आप बहुत पॉपुलर हैं। चुनाव से एक दिन पहले तक किसी को नहीं लगा कि कोई लहर उनके खिलाफ है, लेकिन कांग्रेस बुरी तरह हारी।”
यादव के मुताबिक, मौजूदा सरकार भी उसी ‘अहंकार’ में है। उन्हें लगा था कि जंतर-मंतर पर 10 मिनट में आंदोलन की हवा निकल जाएगी, लेकिन जब पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो गुस्सा और बड़ा हो गया। आज का सबसे बड़ा अंतर तकनीक (Technology) है। आज भले ही निगरानी ज्यादा है, लेकिन ‘सोशल मीडिया’ ने विरोध की आवाज को दबाने के बजाय और भी तेज और व्यापक कर दिया है।

ShareTweetPin
Mayank Gaur

Mayank Gaur

Related Posts

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: 'गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया...': दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: ‘गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया…’: दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

by Mayank Gaur
July 23, 2026
0

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: राजनीति में विरोध प्रदर्शन होना कोई नई बात नहीं है। जब भी कोई बड़ा मुद्दा...

Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,'पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं'

Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,’पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं’

by Kavita Kelkar
July 23, 2026
0

Political Update: देश में इन दिनों 'नीट पेपर लीक' (NEET Paper Leak) और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सड़कों से लेकर...

NEET Protest: मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए..

NEET Protest: मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए..

by Kavya Bharadwaj
July 23, 2026
0

NEET Protest: दिल्ली मेट्रो को राजधानी की 'लाइफलाइन' कहा जाता है। ज़रा सोचिए, अगर किसी दिन अचानक दिल्ली के 16...

Jantar Mantar Protest: अन्ना आंदोलन से कितना अलग है छात्रों और सोनम वांगचुक का ये प्रदर्शन? समझें पूरी इनसाइड स्टोरी

Jantar Mantar Protest: अन्ना आंदोलन से कितना अलग है छात्रों और सोनम वांगचुक का ये प्रदर्शन? समझें पूरी इनसाइड स्टोरी

by Kavya Bharadwaj
July 23, 2026
0

Jantar Mantar Protest: दिल्ली का जंतर-मंतर सिर्फ एक ऐतिहासिक जगह नहीं है, बल्कि यह हमारे देश के लोकतंत्र की वो...

Education Crisis India: हर महीने लीक हुआ एक पेपर? राहुल गांधी के इस डराने वाले आंकड़े और पीएम मोदी के बयान की पूरी इनसाइड स्टोरी

Education Crisis India: हर महीने लीक हुआ एक पेपर? राहुल गांधी के इस डराने वाले आंकड़े और पीएम मोदी के बयान की पूरी इनसाइड स्टोरी

by Priyanshi Singh
July 23, 2026
0

Education Crisis India: आज के समय में देश के युवाओं और छात्रों के लिए सबसे बड़ी परेशानी 'पेपर लीक' का...

Next Post
Kamal Haasan on Student Protest: 'योग्यता की जगह अपराध ने ले ली', शिक्षा व्यवस्था पर साउथ के सुपरस्टार का तीखा प्रहार

Kamal Haasan on Student Protest: 'योग्यता की जगह अपराध ने ले ली', शिक्षा व्यवस्था पर साउथ के सुपरस्टार का तीखा प्रहार

NEET Protest: मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए..

NEET Protest: मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए..

RECOMMENDED

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: 'गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया...': दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: ‘गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया…’: दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

July 23, 2026
Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,'पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं'

Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,’पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं’

July 23, 2026

MOST VIEWED

  • Political Opinion: 'सबूत मांगा तो माइक हटाकर भागे नेता', राम मंदिर दान विवाद में कैसे एक्सपोज हुआ झूठ का नैरेटिव?

    Political Opinion: ‘सबूत मांगा तो माइक हटाकर भागे नेता’, राम मंदिर दान विवाद में कैसे एक्सपोज हुआ झूठ का नैरेटिव?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • US Politics: ‘नेतन्याहू को कोई हाथ नहीं लगाएगा…’, न्यूयॉर्क के मेयर की धमकी पर ट्रंप का करारा पलटवार

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • एथेनॉल के खिलाफ वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर्स पर गिरी गाज! मुंबई में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक ने मांगी माफी, दूसरा पीछे हटने को तैयार नहीं

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • UP Election 2027: अखिलेश यादव के ‘PDA’ में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Political Update: देश शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा, लड़कियों की शादी की उम्र पर मौलाना के बयान से भड़की BJP, जानें पूरा विवाद

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Jansandeshonline

Jan Sandesh Online is India’s fastest growing News Portal with over 150+ news each day. We cover all major hindi news ranging from National news to International news. Our team constantly publishes latest news to keep you updated.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: 'गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया...': दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

Delhi Police Vs Akhilesh Yadav: ‘गांधी आश्रम का था इसलिए बच गया…’: दिल्ली पुलिस पर क्यों भड़के अखिलेश यादव? जानें पूरा मामला

July 23, 2026
Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,'पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं'

Political Update: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा विपक्ष,’पब्लिक अब एक्शन चाहती है, बातें नहीं’

July 23, 2026
NEET Protest: मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए..

NEET Protest: मोदी जी, सीधे धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए..

July 23, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service

© 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल

© 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.