Weather Update Today: अगर आप आज घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं, तो एक बार खिड़की से बाहर जरूर देख लें। इस वक्त पूरे देश में मानसून ने ऐसा कोहराम मचा रखा है कि बड़े-बड़े शहर तालाब में तब्दील हो गए हैं। कहीं सड़कों पर गाड़ियां तैर रही हैं, तो कहीं हाईवे धंसने से मीलों लंबा जाम लग गया है।
8 जुलाई 2026 का दिन कई राज्यों के लिए आफत बनकर आया है। गुजरात के सूरत से लेकर दिल्ली-NCR और अरुणाचल प्रदेश से लेकर केरल तक, हर तरफ भारी बारिश और बाढ़ का अलर्ट है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पुलिस को कंपनियों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) देने की अपील करनी पड़ी है। आइए, एक दोस्त की तरह आसान भाषा में समझते हैं कि देश के किस हिस्से में क्या चल रहा है और अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
गुजरात और दिल्ली-NCR का हाल: कहीं कारें बहीं, तो कहीं धंसा हाईवे
सबसे बुरा हाल गुजरात के सूरत का है। ज़रा सोचिए, सिर्फ 36 घंटे के अंदर यहां 18 इंच बारिश हो गई! शहर की सड़कें नदियों में बदल गई हैं और पार्किंग में खड़ी कारें पानी में बहने लगी हैं। प्रशासन ने फुर्ती दिखाते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों से 2100 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। सूरत और नवसारी में स्कूल-कॉलेज सब बंद कर दिए गए हैं।
वहीं, अगर आप दिल्ली या गुरुग्राम में हैं, तो आज का दिन भारी पड़ सकता है। गुरुग्राम के कई इलाकों में दो-दो फीट तक पानी भर गया है। सबसे डराने वाली खबर यह है कि दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) धंस गया है, जिसकी वजह से 10 किलोमीटर लंबा भयंकर जाम लग गया। जाम और जलभराव को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कंपनियों से गुजारिश की है कि वे अपने कर्मचारियों को अगले कुछ दिनों तक घर से ही काम (Work From Home) करने दें।
पहाड़ों पर मौत का तांडव: अरुणाचल और केरल में भूस्खलन
पहाड़ी राज्यों में तो बारिश जानलेवा साबित हो रही है। अरुणाचल प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने 94 हजार से ज्यादा लोगों की जिंदगी रोक दी है। यहां 4 लोगों की मौत हो चुकी है। लोअर सियांग जिले के 14 गांव तो पिछले 10 दिनों से देश से पूरी तरह कट चुके हैं; न वहां सड़क बची है, न फोन का नेटवर्क।
इधर दक्षिण भारत में, केरल के वायनाड में एक टनल निर्माण वाली जगह पर पहाड़ खिसकने से 4 मजदूरों की जान चली गई और 6 लोग अभी भी लापता हैं। एनडीआरएफ (NDRF) की टीमें वहां जिंदगी बचाने की जद्दोजहद में लगी हुई हैं।
यूपी, एमपी और बिहार: भारी बारिश और 7 दिन का रेड अलर्ट
मध्य भारत और उत्तर प्रदेश का हाल भी कुछ ठीक नहीं है।
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उत्तर प्रदेश: यूपी के 68 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। मथुरा का एक वीडियो दिल दहलाने वाला है, जहां एक डिलीवरी बॉय अपनी बाइक समेत नाले के तेज बहाव में बहने लगा। गनीमत रही कि वहां मौजूद लोगों ने उसे खींचकर बचा लिया। शामली में तो सड़कों पर नदियों जैसा बहाव है।
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मध्य प्रदेश: जबलपुर में बारिश के बीच एक पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। पन्ना और छतरपुर में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात हैं। इंदौर-उज्जैन समेत 28 जिलों में अगले 4 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी है।
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राजस्थान और बिहार: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में बिजली गिरने से एक ही परिवार के 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बिहार में मौसम विभाग ने अगले 12 जुलाई तक पूरे राज्य के लिए ‘रेड अलर्ट’ (7 दिन की भारी बारिश) जारी कर दिया है।
फ्लाइट और ट्रेन यात्रियों के लिए क्या है अपडेट?
अगर आपकी आज कोई ट्रेन या फ्लाइट है, तो घर से निकलने से पहले स्टेटस जरूर चेक कर लें।
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ट्रेनें रद्द: गुजरात में पटरियों पर पानी भरने के कारण पश्चिम रेलवे ने 9 ट्रेनें (MEMU) रद्द कर दी हैं और 2 के रूट छोटे कर दिए हैं।
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फ्लाइट्स लेट: दिल्ली और मुंबई में लगातार हो रही बारिश की वजह से इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट की कई उड़ानें लेट चल रही हैं।
आखिर मौसम का मिजाज इतना क्यों बिगड़ रहा है? (एक्सपर्ट्स की राय)
शायद आप भी सोच रहे होंगे कि अचानक एक साथ पूरे देश में इतनी आफत क्यों आ गई? मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह सब ‘जलवायु परिवर्तन’ (Climate Change) और ‘अल नीनो’ (El Nino) का असर है। पहले मानसून में धीरे-धीरे बारिश होती थी, लेकिन अब पैटर्न बदल गया है। अब कुछ ही घंटों में इतनी ज्यादा बारिश हो जाती है कि शहरों का ड्रेनेज सिस्टम उसे संभाल ही नहीं पाता, और बाढ़ आ जाती है।











