• About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Monday, July 20, 2026
  • Login
jansandeshonline hindi news
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
jansandeshonline hindi news
No Result
View All Result
Home प्रदेश खबरें राजस्थान

‘अब दिल्ली वाले तय करेंगे कि मेरे घर में चूल्हा जलेगा या नहीं’, नरेगा के नए विकल्प ‘वीबी-जी राम जी’ पर उठ रहे सवाल

JS Team by JS Team
July 7, 2026
in राजस्थान, राष्ट्रीय
0
'अब दिल्ली वाले तय करेंगे कि मेरे घर में चूल्हा जलेगा या नहीं', नरेगा के नए विकल्प 'वीबी-जी राम जी' पर उठ रहे सवाल
0
SHARES
6
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

दक्षिणी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के बीच नरेगा के स्थान पर प्रस्तावित ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत-ग्रामीण रोज़गार और आजीविका मिशन) अधिनियम को लेकर गहरी आशंकाएं पैदा हो गई हैं। सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्षों से नरेगा (MGNREGA) के जरिए वित्तीय आत्मनिर्भरता और सामाजिक पहचान हासिल करने वाली महिलाओं को डर है कि नई व्यवस्था से काम मांगने के उनके लोकतांत्रिक अधिकार और स्थानीय पंचायत की जवाबदेही काफी कमजोर पड़ जाएगी।

महिलाओं के लिए केवल मजदूरी नहीं, बल्कि सशक्तिकरण का जरिया है नरेगा

दक्षिणी राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों का बड़े पैमाने पर पलायन होता है। साल 2014 के एक राज्य-स्तरीय अध्ययन के अनुसार, इस क्षेत्र के लगभग 56.6 प्रतिशत परिवारों में कम से कम एक पुरुष प्रवासी है। ऐसे में घरों की आजीविका और श्रम की बड़ी जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर टिकी है। ‘उजाला संगठन’ से जुड़ी हजारों महिलाएं नरेगा के जरिए न केवल रोजगार पा रही हैं, बल्कि पहली बार घूंघट और चारदीवारी से बाहर निकलकर पंचायतों में अपनी बात रखना, सरपंच व सचिवों से सीधे सवाल पूछना और जवाबदेही मांगना सीख रही हैं।

Also Read

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

July 16, 2026
Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

July 16, 2026

वर्ष 2016-17 में डूंगरपुर जिले की एक पंचायत में जब लगभग 200 महिलाओं से नरेगा आवेदन के लिए गैर-कानूनी तरीके से 50 रुपये मांगे जा रहे थे, तब महिलाओं ने इसका सामूहिक विरोध किया और वह राशि वापस दिलवाई। यह केवल वित्तीय जीत नहीं थी, बल्कि स्थानीय प्रशासन पर उनकी सामूहिक पकड़ का प्रमाण था। नरेगा के जरिए मिली यह ताकत अब उन्हें पंचायत बैठकों में आंगनवाड़ी, राशन, स्कूल, सड़क, आधार कार्ड और पेंशन जैसी गंभीर समस्याओं पर भी खुलकर बोलने का साहस देती है।

श्रम बाजार में मोलभाव करने की बढ़ी ताकत

नरेगा ने न केवल महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता दी है, बल्कि स्थानीय श्रम बाजार में उनकी मोलभाव करने की क्षमता को भी काफी मजबूत किया है। कोदार गांव की संगठन लीडर किरण बाई (बदला हुआ नाम) कहती हैं, “नरेगा का पैसा आवे, तो खुसी मले, नरेगा न चाले, तो पैसा कोणी आए।”

इस योजना से मिलने वाला पैसा महिलाओं को अपने निजी खर्चों, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों से जुड़े फैसले लेने का आत्मविश्वास देता है। इसके साथ ही, स्थानीय काम के दौरान वे ठेकेदारों या मालिकों से न्यूनतम सम्मानजनक मजदूरी के लिए मोलभाव कर पाती हैं। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि महिलाएं अब बेहिचक कह देती हैं कि जब उन्हें नरेगा में 200-250 रुपये आसानी से मिल रहे हैं, तो वे निजी कामों में इससे कम मजदूरी पर काम नहीं करेंगी।

सरकारी योजनाओं तक पहुंच और मानसिक संबल का आधार

ग्रामीण क्षेत्रों में नरेगा केवल आर्थिक उपार्जन का माध्यम नहीं है। यहाँ होने वाले काम के स्थलों (वर्कसाइट्स) का महिलाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से भी गहरा नाता है। घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर वे यहाँ अपनी सहेलियों के साथ हंसी-मजाक करती हैं, रोजमर्रा के दुख-सुख साझा करती हैं और तनाव मुक्त होती हैं।

इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाओं के लिए नरेगा में 90 दिन काम करने का रिकॉर्ड ही ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम’ (BOCW Act) के तहत पंजीकरण का आधार बनता है, जिससे उन्हें छात्रवृत्ति, मातृत्व लाभ और अन्य सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का सीधा लाभ मिल पाता है।

‘वीबी-जी राम जी’ को लेकर ग्रामीण महिलाओं के मन में गहरा डर

नरेगा की तुलना में नए प्रस्तावित ‘वीबी-जी राम जी’ (विकसित भारत-ग्रामीण रोज़गार और आजीविका मिशन) अधिनियम को लेकर महिलाओं के मन में कई बड़ी आशंकाएं हैं। उन्हें डर है कि यदि काम की मांग करने, काम के चयन और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय करने की मौजूदा प्रक्रियाएं कमजोर हुईं, तो पंचायतों से उनका वर्षों पुराना लोकतांत्रिक संबंध टूट जाएगा।

महिलाओं को सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि इस नई व्यवस्था में काम का बजट, प्राथमिकताओं का निर्धारण और क्रियान्वयन से जुड़े फैसले स्थानीय स्तर के बजाय केंद्र द्वारा लिए जाएंगे। साबला क्षेत्र की संगठन लीडर गौरी (बदला हुआ नाम) अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहती हैं, “अब दिल्ली वाले तय करेंगे कि मेरे घर में चूल्हा जलेगा या नहीं।” महिलाओं को डर है कि यदि स्थानीय स्तर पर काम सीमित हुआ, तो उन्हें फिर से असंगठित निजी क्षेत्रों में बिना किसी मोलभाव के अत्यंत कम मजदूरी पर काम करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

FAQ:
Q1: दक्षिणी राजस्थान में आजीविका के मामले में महिलाओं पर निर्भरता अधिक क्यों है?
A1: साल 2014 के एक राज्य-स्तरीय अध्ययन के अनुसार, दक्षिणी राजस्थान के लगभग 56.6 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में कम से कम एक पुरुष रोजगार की तलाश में पलायन (प्रवास) करता है, जिसके कारण परिवारों की आजीविका मुख्य रूप से महिलाओं के श्रम पर निर्भर है।

Q2: ग्रामीण महिलाओं के लिए नरेगा का काम सामाजिक सुरक्षा और अधिकारों का जरिया कैसे बनता है?
A2: नरेगा के तहत 90 दिनों के काम का रिकॉर्ड ही महिलाओं के लिए ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम’ (BOCW Act) के तहत पंजीकरण, छात्रवृत्ति और मातृत्व लाभ जैसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंचने का मुख्य जरिया बनता है।

Q3: ग्रामीण महिलाएं प्रस्तावित ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम से क्यों आशंकित हैं?
A3: महिलाओं को डर है कि नए कानून से काम मांगने का अधिकार, काम का चयन और स्थानीय पंचायत की जवाबदेही कमजोर होगी, तथा निर्णय लेने की प्रक्रिया का पूरी तरह से केंद्रीकरण हो जाएगा।

ShareTweetPin
JS Team

JS Team

Related Posts

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

by Mayank Gaur
July 16, 2026
0

Political Update: लद्दाख की मांगों को लेकर मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर...

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

by Kavya Bharadwaj
July 16, 2026
0

Political Opinion:  दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों एक बार फिर से एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बन रहा है। देश...

Ganga Expressway vs Yamuna Expressway: क्यों यमुना एक्सप्रेसवे के सामने फीका पड़ रहा है गंगा एक्सप्रेसवे? समझें पूरा चुनावी गणित

Ganga Expressway vs Yamuna Expressway: क्यों यमुना एक्सप्रेसवे के सामने फीका पड़ रहा है गंगा एक्सप्रेसवे? समझें पूरा चुनावी गणित

by Priyanshi Singh
July 16, 2026
0

Ganga Expressway vs Yamuna Expressway: अगर आप उत्तर प्रदेश की राजनीति को थोड़ा भी करीब से देखते हैं, तो आपको...

UP Politics: 'चंपत राय का इस्तीफा एक झूठ', सीएम योगी को कालनेमि क्यों बोले शंकराचार्य? पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी

UP Politics: ‘चंपत राय का इस्तीफा एक झूठ’, सीएम योगी को कालनेमि क्यों बोले शंकराचार्य? पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी

by Kavita Kelkar
July 16, 2026
0

UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर का मुद्दा हमेशा से केंद्र में रहा है। लेकिन जब से...

Sonam Wangchuk Hunger Strike: अनशन का 19वां दिन, 9 किलो घटा वजन, जानिए 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च से क्या होगा?

Sonam Wangchuk Hunger Strike: अनशन का 19वां दिन, 9 किलो घटा वजन, जानिए 20 जुलाई को ‘चलो संसद’ मार्च से क्या होगा?

by Mehul Pandey
July 16, 2026
0

Sonam Wangchuk Hunger Strike: दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों शिक्षा सुधार और छात्रों के अधिकारों को लेकर चल रहे एक...

Next Post
मंत्रालयों के एआई रोडमैप जांच के अंतिम चरण में: MeitY के निकायों ने 47 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 700 केस स्टडीज की समीक्षा

मंत्रालयों के एआई रोडमैप जांच के अंतिम चरण में: MeitY के निकायों ने 47 प्रस्तावों को दी मंजूरी, 700 केस स्टडीज की समीक्षा

'समुद्र में जहर घोलने वालों को मिला रिटर्न गिफ्ट', मॉनसून के हाई टाइड ने मरीन ड्राइव और जुहू पर फेंका टनों कचरा

'समुद्र में जहर घोलने वालों को मिला रिटर्न गिफ्ट', मॉनसून के हाई टाइड ने मरीन ड्राइव और जुहू पर फेंका टनों कचरा

RECOMMENDED

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

July 16, 2026
Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

July 16, 2026

MOST VIEWED

  • Political Opinion: 'सबूत मांगा तो माइक हटाकर भागे नेता', राम मंदिर दान विवाद में कैसे एक्सपोज हुआ झूठ का नैरेटिव?

    Political Opinion: ‘सबूत मांगा तो माइक हटाकर भागे नेता’, राम मंदिर दान विवाद में कैसे एक्सपोज हुआ झूठ का नैरेटिव?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • UP Election 2027: अखिलेश यादव के ‘PDA’ में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • एथेनॉल के खिलाफ वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर्स पर गिरी गाज! मुंबई में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक ने मांगी माफी, दूसरा पीछे हटने को तैयार नहीं

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Political Update: देश शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा, लड़कियों की शादी की उम्र पर मौलाना के बयान से भड़की BJP, जानें पूरा विवाद

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Smartphone Camera: क्या खत्म होने वाला है बड़े कैमरा बम्प का दौर? नई जापानी टेक्नोलॉजी बदल देगी फोटोग्राफी

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Jansandeshonline

Jan Sandesh Online is India’s fastest growing News Portal with over 150+ news each day. We cover all major hindi news ranging from National news to International news. Our team constantly publishes latest news to keep you updated.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

July 16, 2026
Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

July 16, 2026
Vaishno Devi Yatra 2026: क्या जुलाई-अगस्त में वैष्णो देवी जाना सुरक्षित है?

Vaishno Devi Yatra 2026: क्या जुलाई-अगस्त में वैष्णो देवी जाना सुरक्षित है?

July 16, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service

© 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल

© 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.