• About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Wednesday, July 22, 2026
  • Login
jansandeshonline hindi news
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल
No Result
View All Result
jansandeshonline hindi news
No Result
View All Result
Home प्रदेश खबरें

Democracy in India: ‘इंदिरा इज इंडिया’ से लेकर आज के बड़े होर्डिंग्स तक… चापलूसी का नया दौर और मीडिया का सच

Mayank Gaur by Mayank Gaur
June 28, 2026
in प्रदेश खबरें, राष्ट्रीय
0
Democracy in India: 'इंदिरा इज इंडिया' से लेकर आज के बड़े होर्डिंग्स तक... चापलूसी का नया दौर और मीडिया का सच
0
SHARES
10
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

Democracy in India:  अगर आप शाम के वक्त टीवी पर न्यूज़ चैनल खोलते हैं, तो आपको वहां क्या दिखता है? कुछ लोग जोर-जोर से चिल्ला रहे होते हैं, एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे होते हैं और एंकर किसी एक मुद्दे को सही ठहराने की कोशिश कर रहा होता है। इन बहसों में शोर तो बहुत होता है, लेकिन काम की बात या ‘रोशनी’ बहुत कम नजर आती है।

हाल ही में 25 जून को देश में लगाए गए ‘आपातकाल’ (Emergency 1975) के 50 साल पूरे हुए हैं। इस मौके पर सत्ताधारी पार्टी ने उस काले दौर को याद किया और बताया कि कैसे उस समय लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। लेकिन क्या आज हमारा मीडिया और लोकतंत्र पूरी तरह से आजाद है? वरिष्ठ पत्रकार कुमी कपूर ने इस मौजूदा माहौल पर एक बहुत ही बेबाक और सटीक विश्लेषण किया है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि आज के ‘सेल्फ-सेंसरशिप’ और 1975 की सेंसरशिप में क्या फर्क है।

‘सेल्फ-सेंसरशिप’ क्या है और टीवी बहसों में इतना शोर क्यों है?

साल 1975 के आपातकाल में सेंसरशिप का तरीका बहुत सीधा और सख्त था। अगर कोई पत्रकार सरकार के खिलाफ लिखता था, तो उसे बिना किसी मुकदमे के सीधा जेल में डाल दिया जाता था।

Also Read

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

July 21, 2026
Jantar Mantar Protest: 'बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं', संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest: ‘बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं’, संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

July 21, 2026

कुमी कपूर का मानना है कि आज हालात वैसे नहीं हैं। आज आपको सीधा जेल में नहीं डाला जाता, लेकिन पत्रकारों के मन में ‘सत्ता की नाराजगी’ का इतना डर बैठ गया है कि वे खुद ही अपने ऊपर पाबंदियां लगा लेते हैं। इसे ही ‘सेल्फ-सेंसरशिप’ (Self-Censorship) कहते हैं। यानी पत्रकार वह सच लिखने या बोलने से खुद ही पीछे हट जाता है, जिससे सरकार नाराज हो सकती है। यही वजह है कि आज के टीवी चैनल अपना ज्यादातर समय सिर्फ सरकारी नैरेटिव (सरकार की बातों) को आगे बढ़ाने में लगाते हैं और असली मुद्दों पर कोई शांत या काम की बहस नहीं होती।

आज के दौर में सेंसरशिप के नए और मॉर्डन हथियार

अब सवाल यह उठता है कि जब जेल का डर नहीं है, तो फिर मीडिया की आवाज कैसे दबाई जा रही है? आज के दौर में सेंसरशिप के तरीके मॉर्डन और हाईटेक हो गए हैं:

  1. सोशल मीडिया की ट्रोलिंग: अगर कोई पत्रकार सरकार के विचारों से अलग राय रखता है, तो सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ एक जहरीली ट्रोलिंग शुरू कर दी जाती है। उसे गालियां दी जाती हैं और देशद्रोही तक कह दिया जाता है।

  2. सरकारी एजेंसियों का डर: असहमत पत्रकारों को डराने के लिए कई बार सरकारी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जाता है।

  3. कड़े आईटी नियम: ‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ (National Security) का हवाला देकर नए आईटी नियमों (IT Rules) में ऐसे बदलाव किए जा रहे हैं, जिससे डिजिटल मीडिया पर भी शिकंजा कसा जा सके।

आजकल जो मीडिया सलाहकार हैं, वे पत्रकारों से खुलकर बात करने के बजाय किसी पीआर (PR) या विज्ञापन एजेंसी की तरह काम करते हैं, जिनका मकसद सिर्फ सरकार की अच्छी छवि बनाना होता है।

पुराने नेताओं वाला वो ‘संवाद’ अब गायब क्यों है?

एक समय था जब राजनीति में विरोधियों का भी सम्मान होता था। कुमी कपूर याद दिलाती हैं कि आज के मीडिया मैनेजरों को पुराने दौर के नेताओं से, जैसे दिवंगत अरुण जेटली से ‘विनम्रता’ सीखनी चाहिए।

अरुण जेटली जैसे नेता उन पत्रकारों से भी बातचीत का रास्ता खुला रखते थे, जो उनके या उनकी पार्टी के खिलाफ लिखते थे। वे कभी भी पत्रकारों के ‘सोर्स’ (खबर मिलने का जरिया) नहीं काटते थे। लेकिन आज अगर आप सत्ता से असहमत हैं, तो आपसे बातचीत के सारे दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। यह संवाद की कमी लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।

क्या राजनीतिक पार्टियों और संस्थाओं में अंदरूनी लोकतंत्र बचा है?

पत्रकारिता के अलावा, राजनीति के अंदर भी ‘लोकतंत्र’ की कमी साफ दिखाई दे रही है। कुमी कपूर ने बताया कि सत्ताधारी पार्टी के भीतर भी अब खुलकर बहस नहीं होती।
बड़े फैसले बिना किसी खास सलाह-मशविरे के लिए जाते हैं। कई बार ऐसे नेताओं को अचानक किसी राज्य का मुख्यमंत्री (CM) बना दिया जाता है, जिनके पास तजुर्बा बहुत कम होता है। इसके अलावा:

  • चुनाव आयोग (Election Commission) जैसी संवैधानिक संस्थाओं की आजादी और निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

  • विधायकों को तोड़कर (दलबदल कराकर) बहुमत हासिल करने की जो राजनीति चल रही है, वह भी लोकतंत्र के लिए गहरी चिंता का विषय है।

चापलूसी का नया दौर: ‘इंदिरा इज इंडिया’ से आज तक क्या बदला?

हम आज आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर पुरानी गलतियों को याद कर रहे हैं। उस दौर में कांग्रेस नेता डी.के. बरुआ का एक नारा बहुत मशहूर हुआ था— “इंदिरा इज इंडिया और इंडिया इज इंदिरा” (यानी इंदिरा गांधी ही भारत हैं)। उस समय चापलूसी अपने चरम पर थी।

लेकिन अगर आज हम अपने आसपास नजर दौड़ाएं, तो क्या हालात बहुत बदले हैं? आज भी सड़कों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स और विज्ञापनों में शासकों की जो गैर-जरूरी चापलूसी दिखाई देती है, वह हमें वापस उसी ‘डी.के. बरुआ’ वाले दौर की याद दिलाती है। विडंबना यह है कि जो लोग आपातकाल की बुराई करते हैं, वे अनजाने में उसी तरह की ‘पीआर राजनीति’ को बढ़ावा दे रहे हैं।

कुल मिलाकर बात यह है कि लोकतंत्र की असली ताकत ‘बहस’ और ‘असहमति’ में होती है। जब टीवी पर सिर्फ शोर हो, पत्रकार डर के मारे सच न बोलें और संस्थाएं कमजोर पड़ने लगें, तो यह एक खामोश आपातकाल जैसा ही है। एक मजबूत देश के लिए जरूरी है कि वहां विचारों का खुला बाजार हो, न कि सिर्फ ‘सेल्फ-सेंसरशिप’ की खामोशी।


ShareTweetPin
Mayank Gaur

Mayank Gaur

Related Posts

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

by Mehul Pandey
July 21, 2026
0

Delhi Protest: दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों युवाओं और छात्रों के गुस्से से सुलग रहा है। देश की शिक्षा व्यवस्था...

Jantar Mantar Protest: 'बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं', संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest: ‘बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं’, संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

by Kavita Kelkar
July 21, 2026
0

Jantar Mantar Protest: दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों युवाओं और छात्रों के गुस्से से सुलग रहा है। देश की शिक्षा...

Kisan Andolan 2026: पंढेर का हरियाणा CM पर निशाना, चढूनी हिरासत में... पढ़ें शंभू बॉर्डर का ताजा हाल

Kisan Andolan 2026: पंढेर का हरियाणा CM पर निशाना, चढूनी हिरासत में… पढ़ें शंभू बॉर्डर का ताजा हाल

by Mayank Gaur
July 21, 2026
0

Kisan Andolan 2026: पंजाब और हरियाणा के बीच स्थित शंभू बॉर्डर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है।...

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

Political Update: क्या अखिलेश यादव की बात मानकर अनशन खत्म करेंगे सोनम वांगचुक?

by Mayank Gaur
July 16, 2026
0

Political Update: लद्दाख की मांगों को लेकर मशहूर पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से भूख हड़ताल पर...

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

Political Opinion: 18 दिन में 8.5 किलो घटा वजन, आखिर राहुल गांधी और कांग्रेस क्यों बनाए हुए हैं दूरी?

by Kavya Bharadwaj
July 16, 2026
0

Political Opinion:  दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों एक बार फिर से एक बड़े जन-आंदोलन का गवाह बन रहा है। देश...

Next Post
Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद... जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है 'इस्तीफा'

Resignation Psychology: चंपत राय का डिलेड रेजिग्नेशन हो या नीट विवाद... जानें सत्ता और नैतिकता के बीच क्यों फंसा है 'इस्तीफा'

Akhilesh Yadav in Azamgarh: 'सरकार खुद मान रही है छेड़छाड़ हुई', चढ़ावा चोरी पर सपा प्रमुख का सीधा वार

Akhilesh Yadav in Azamgarh: 'सरकार खुद मान रही है छेड़छाड़ हुई', चढ़ावा चोरी पर सपा प्रमुख का सीधा वार

RECOMMENDED

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

July 21, 2026
Jantar Mantar Protest: 'बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं', संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest: ‘बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं’, संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

July 21, 2026

MOST VIEWED

  • Political Opinion: 'सबूत मांगा तो माइक हटाकर भागे नेता', राम मंदिर दान विवाद में कैसे एक्सपोज हुआ झूठ का नैरेटिव?

    Political Opinion: ‘सबूत मांगा तो माइक हटाकर भागे नेता’, राम मंदिर दान विवाद में कैसे एक्सपोज हुआ झूठ का नैरेटिव?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • US Politics: ‘नेतन्याहू को कोई हाथ नहीं लगाएगा…’, न्यूयॉर्क के मेयर की धमकी पर ट्रंप का करारा पलटवार

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • UP Election 2027: अखिलेश यादव के ‘PDA’ में हुई इस नई एंट्री ने बढ़ाई BJP और राजभर की टेंशन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • एथेनॉल के खिलाफ वीडियो बनाने वाले इन्फ्लुएंसर्स पर गिरी गाज! मुंबई में एफआईआर दर्ज होने के बाद एक ने मांगी माफी, दूसरा पीछे हटने को तैयार नहीं

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Political Update: देश शरिया से नहीं, संविधान से चलेगा, लड़कियों की शादी की उम्र पर मौलाना के बयान से भड़की BJP, जानें पूरा विवाद

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Jansandeshonline

Jan Sandesh Online is India’s fastest growing News Portal with over 150+ news each day. We cover all major hindi news ranging from National news to International news. Our team constantly publishes latest news to keep you updated.

  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service
Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

Delhi Protest: बच्चों के सिर फोड़े गए, सोनम वांगचुक की पत्नी से बदसलूकी, दिल्ली पुलिस पर क्यों लग रहे हैं बर्बरता के गंभीर आरोप?

July 21, 2026
Jantar Mantar Protest: 'बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं', संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

Jantar Mantar Protest: ‘बच्चों के सिर फोड़े, पसलियां तोड़ीं’, संसद मार्च के बाद दिल्ली पुलिस पर लगे गंभीर आरोप

July 21, 2026
US Politics: 'नेतन्याहू को कोई हाथ नहीं लगाएगा...', न्यूयॉर्क के मेयर की धमकी पर ट्रंप का करारा पलटवार

US Politics: ‘नेतन्याहू को कोई हाथ नहीं लगाएगा…’, न्यूयॉर्क के मेयर की धमकी पर ट्रंप का करारा पलटवार

July 21, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Editorial Policy
  • Join Whatsapp and Telegram group
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Terms of Service

© 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • Home
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • खेल
  • जॉब
  • बिजनेस
  • मनोरंजन
  • Viral खबरें
  • अध्यात्म
  • एजुकेशन
  • ऑटो
  • टेक Gyan
  • प्रदेश खबरें
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • दिल्ली
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • अरुणाचल प्रदेश
    • मध्य प्रदेश
    • हरियाणा
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • जम्मू और कश्मीर
    • झारखंड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • नागालैंड
    • मणिपुर
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • सिक्किम
  • लाइफस्टाइल

© 2026 Jansandesh Online - All Rights Reserved.