Weather Update Today इन दिनों हमारे देश का मौसम काफी अजीब खेल खेल रहा है। एक तरफ जहाँ उत्तर भारत के लोग गर्मी और उमस से उबल रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ों पर कुदरत का ऐसा कहर टूटा है कि नदियां उफान पर हैं और पुल बह गए हैं। देश एक है, लेकिन मौसम की मार दो बिल्कुल अलग-अलग तरीकों से पड़ रही है।
असम और अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जिंदगी की रफ्तार रोक दी है, वहीं दिल्ली और राजस्थान में आसमान से आग बरस रही है। हालात की गंभीरता को देखते हुए खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक्शन में आ गए हैं। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि देश के किस हिस्से में मौसम का क्या हाल है, सरकार क्या कदम उठा रही है और आपके राज्य में मानसून कब तक राहत लेकर आएगा।
पूर्वोत्तर में भारी तबाही: अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों को लगाया फोन
सोमवार को पूर्वोत्तर राज्यों में हुई भारी बारिश ने भयानक तबाही मचाई है। कई जगहों पर सड़कें टूट गई हैं और पुल पानी में बह गए हैं। स्थिति को बिगड़ता देख केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत मोर्चा संभाला।
उन्होंने सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को फोन लगाया और वहां के हालात की पूरी जानकारी ली। इसके तुरंत बाद उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से भी बात की। अमित शाह ने दोनों मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया है कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार पूरी तरह उनके साथ खड़ी है और राहत-बचाव कार्य के लिए हर संभव मदद भेजी जाएगी।
असम और अरुणाचल प्रदेश में क्या हैं जमीनी हालात?
अगर हम जमीनी स्तर के आंकड़ों की बात करें, तो स्थिति वाकई चिंताजनक है:
अरुणाचल प्रदेश: राज्य के कम से कम 12 जिलों में बारिश और लैंडस्लाइड (भूस्खलन) की वजह से आम जनजीवन पूरी तरह से ठप हो गया है।
असम: असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के मुताबिक, अकेले धीमाजी जिले के 69 गांवों में पानी भर गया है। इस बाढ़ से करीब 16,000 लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हैं।
उत्तर भारत में गर्मी का टॉर्चर: पंजाब से लेकर दिल्ली तक बुरा हाल
जहां पूर्वोत्तर पानी में डूबा है, वहीं उत्तर भारत के लोग एक-एक बूंद पसीने से नहा रहे हैं।
दिल्ली की गर्मी: राजधानी दिल्ली में सोमवार को अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5 डिग्री ज्यादा है। हालांकि, शाम को आई हल्की आंधी ने कुछ पल की राहत जरूर दी, लेकिन उमस बरकरार है।
राजस्थान में आग: राजस्थान के श्रीगंगानगर में तो तापमान 45.1 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं जयपुर में पारा 40.4 डिग्री रहा।
पंजाब में बिजली का संकट: गर्मी और भारी उमस के कारण पंजाब में बिजली की डिमांड (मांग) रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। हालत ये हो गई कि राज्य के बिजली विभाग (PSPCL) को केंद्र से रिकॉर्ड मात्रा में एक्स्ट्रा बिजली मांगनी पड़ी।
हिमाचल प्रदेश में अचानक आई बाढ़: मनाली-लेह हाईवे बंद
पहाड़ों पर गर्मी के कारण जो बर्फ तेजी से पिघल रही है, उसने हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। बर्फ पिघलने से ‘झालमा नाला’ में अचानक बाढ़ आ गई।
बाढ़ के साथ आए मलबे ने ऐसा कहर बरपाया है कि मनाली-लेह नेशनल हाईवे (जिस्पा के पास) पूरी तरह से बंद हो गया है। करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क अपने जिला मुख्यालय केलांग से टूट गया है। लोगों को जोड़ने वाला अहम ‘जोबरंग पुल’ भी पानी में डूब गया है। फिलहाल, सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीमें अपनी भारी मशीनों के साथ रात-दिन हाईवे को खोलने के काम में जुटी हुई हैं।
राहत की खबर: अगले 2 से 3 दिनों में कहाँ पहुंचेगा मानसून?
इतनी सारी परेशानियों के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बहुत ही सुकून देने वाली खबर भी दी है। मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में दस्तक दे देगा।
उत्तराखंड के लिए खास अलर्ट जारी किया गया है। वहां के पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ है। अगले कुछ दिनों में उत्तराखंड का तापमान 4 से 6 डिग्री तक गिर जाएगा, जिससे वहां के लोगों और पर्यटकों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
मौसम का यह बदलता मिजाज हमें बताता है कि कुदरत के आगे किसी की नहीं चलती। ऐसे में सबसे जरूरी है सावधानी बरतना। अगर आप उत्तर भारत में हैं, तो लू से बचने के लिए पानी पीते रहें। और अगर आप पहाड़ों (खासकर हिमाचल या उत्तराखंड) की यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो मौसम और रास्तों की सही जानकारी लेकर ही घर से निकलें। सरकार और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं, लेकिन अपनी सुरक्षा हमारे अपने हाथों में है।













