Political Update: देश में इन दिनों ‘नीट पेपर लीक’ (NEET Paper Leak) और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सड़कों से लेकर संसद तक भारी बवाल मचा हुआ है। जंतर-मंतर पर छात्र और युवा लाठियां खा रहे हैं, सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे हैं और पूरा देश इस मुद्दे पर सरकार की तरफ देख रहा है।
लंबे समय की चुप्पी के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर एक पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी। पीएम ने भरोसा दिलाया कि पेपर लीक करने वाले दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ (Fast-Track Courts) बनाएगी और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
लेकिन, प्रधानमंत्री के इस आश्वासन से विपक्ष बिल्कुल भी संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी (SP) और जेएमएम (JMM) तक, सभी विपक्षी दलों ने पीएम मोदी के इस बयान पर तीखा पलटवार किया है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि विपक्ष के किन बड़े नेताओं ने सरकार पर क्या-क्या वार किए हैं और उनकी मुख्य मांगें क्या हैं।
क्या है पूरा मामला? (पीएम मोदी का ‘एक्स’ पोस्ट)
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के उग्र प्रदर्शन और पुलिस के लाठीचार्ज के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही और बताया कि विभागों को इसके निर्देश दे दिए गए हैं। सरकार की कोशिश थी कि इस बयान से छात्रों का गुस्सा थोड़ा शांत हो, लेकिन विपक्ष ने इसे ‘सिर्फ बातों’ का पुलिंदा करार दिया।
प्रियंका गांधी का सीधा वार: ‘बच्चों का भरोसा टूट चुका है, पहले शिक्षा मंत्री को हटाएं’
पीएम के पोस्ट पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) की तरफ से आई। उन्होंने साफ कहा कि प्रधानमंत्री जो कह रहे हैं और बच्चे जो मांग रहे हैं, उन दोनों बातों में कोई तालमेल नहीं है।
प्रियंका ने कहा, “ये तो वैसी ही बात हो गई कि बच्चे कुछ और कह रहे हैं और आप कुछ और कह रहे हैं। अब नेताओं को असली ‘नेतृत्व’ (Leadership) दिखाना चाहिए।”
उन्होंने सरकार के सामने छात्रों की स्पष्ट मांगें रखते हुए कहा कि सबसे पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। दूसरी मांग यह है कि जिन पुलिसवालों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बच्चों को मारा-पीटा है, उन पर सख्त कार्रवाई हो। प्रियंका ने बहुत गहरी बात कहते हुए कहा कि बच्चों का अब इस सिस्टम से भरोसा टूट चुका है। अगर सिस्टम खुद ही कोई समाधान निकालेगा, तो बच्चे उसे नहीं मानेंगे। पीएम को पहले बच्चों की सुननी चाहिए।
केसी वेणुगोपाल: ‘अब पीएम की बातों पर किसी को यकीन नहीं’
कांग्रेस के कद्दावर नेता केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार पर अविश्वास जताते हुए करारा हमला बोला।
वेणुगोपाल ने कहा, “आजकल प्रधानमंत्री की बातों पर कोई यकीन नहीं करता। उनके शब्दों का भरोसा जनता के बीच पहले ही खत्म हो चुका है।” उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि अगर सरकार सच में कुछ करना चाहती है, तो सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय से बाहर का रास्ता दिखाए और उसके बाद जाकर सीधे छात्रों से बात करे।
सपा और JMM ने भी घेरा: ‘इतने दिन तक सरकार बहरी क्यों थी?’
इस मुद्दे पर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के अन्य दल भी पूरी तरह हमलावर हैं:
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समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद आनंद भदौरिया ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि पीएम किस ‘क्रांति’ की बात कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, “क्या एक ‘एक्स’ पोस्ट कर देने से उन छात्रों का दर्द ठीक हो जाएगा जिन पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं? जो जंतर-मंतर पर 24 दिन से बैठे हैं?” भदौरिया ने कहा कि अगर पीएम को युवाओं को कोई संदेश देना ही था, तो उन्हें सोशल मीडिया के बजाय संसद भवन में आकर यह बात बोलनी चाहिए थी।
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जेएमएम (JMM) सांसद महुआ माजी ने सरकार की ‘देर से खुली नींद’ पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब छात्र 22 दिनों से शांतिपूर्ण विरोध कर रहे थे और सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर अपनी जान जोखिम में डाले बैठे थे, तब सरकार बहरी और खामोश क्यों थी? उन्होंने आंदोलन के बिगड़ने का पूरा जिम्मा सरकार के ‘दमनकारी रवैये’ पर डाल दिया।
कुमारी शैलजा का तंज: ‘सिर्फ पोस्ट आया, कोई एक्शन नहीं’
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद कुमारी शैलजा ने भी सरकार को आईना दिखाते हुए कहा कि देश की जनता अब सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीन पर ‘एक्शन’ (कार्रवाई) देखना चाहती है।
उन्होंने कहा, “अभी तक सिर्फ ‘एक्स’ पर एक पोस्ट आया है, असल में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भविष्य में हम ये करेंगे, वो करेंगे… ये सब सिर्फ बातें हैं।” उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि न तो अब तक किसी का इस्तीफा हुआ है, न ही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर कोई अफसोस जताया गया है।










