Rahul Gandhi: प्रयागराज में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर जारी विवाद खत्म हो गया है। कायस्थ पाठशाला ने केपी कॉलेज मैदान की अनुमति बहाल कर दी है। जानिए पूरा मामला।
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे से पहले कार्यक्रम स्थल को लेकर चल रहा विवाद समाप्त हो गया है। कायस्थ पाठशाला (KP Trust) ने केपी कॉलेज मैदान में आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के लिए दोबारा अनुमति दे दी है। इससे कांग्रेस की तैयारियों को बड़ी राहत मिली है।
पहले रद्द हुई थी अनुमति
इससे पहले कायस्थ पाठशाला की ओर से जारी एक पत्र में कार्यक्रम की अनुमति रद्द कर दी गई थी। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने संस्था से बातचीत की और कार्यक्रम से जुड़ी सभी शर्तों का पालन करने का आश्वासन दिया।
अब संस्था ने नया आदेश जारी करते हुए पहले का निर्णय वापस ले लिया है।
आश्वासन के बाद बदला फैसला
कायस्थ पाठशाला के कार्यवाहक अध्यक्ष जितेंद्र नाथ सिंह द्वारा उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 6 अगस्त को दिए गए आश्वासन पत्र को देखते हुए 5 अगस्त का अनुमति रद्द करने वाला आदेश वापस लिया जाता है।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिला प्रशासन से आवश्यक अनुमति मिलने और उसकी सभी शर्तों का पालन किए जाने के बाद कार्यक्रम आयोजित किया जा सकेगा।
8 अगस्त को होगा ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम
राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शामिल होंगे। इससे पहले वे कोटा और देहरादून में भी छात्रों से संवाद कर चुके हैं।
कांग्रेस इस कार्यक्रम को युवाओं और छात्रों से सीधे संवाद के अभियान का हिस्सा बता रही है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने कायस्थ पाठशाला द्वारा रखी गई सभी शर्तों को स्वीकार कर लिया है।
उनके मुताबिक, मैदान की साफ-सफाई, व्यवस्था और अन्य सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी हुई है और लोगों का समर्थन मिल रहा है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्यक्रम?
प्रयागराज का यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि यह छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। हाल के दिनों में शिक्षा, भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के सवालों को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेरता रहा है। ऐसे में राहुल गांधी का यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी खास महत्व रखता है।












