Indian Ship Safe: आज के डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर कोई भी खबर आग की तरह फैलती है। खासकर जब बात देश के नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी हो, तो अफवाहें लोगों के दिलों में दहशत पैदा कर देती हैं। पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर ओमान के तट के पास मौजूद एक भारतीय जहाज ‘लियाकी फ्रीडम’ (Liyaki Freedom) पर हमले की खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं।
चूंकि जहाज पर भारतीय नाविक (क्रू मेंबर्स) सवार हैं, इसलिए उनके परिवारों और देशवासियों की चिंता बढ़ना लाजमी था। लेकिन, अगर आपने भी यह खबर पढ़ी या सुनी है, तो गहरी सांस लीजिए और राहत महसूस कीजिए। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पूरे मामले की सच्चाई सामने रख दी है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि समुद्र के बीच आखिर क्या हुआ था, संपर्क क्यों टूटा और इस अफवाह के पीछे का असली कारण क्या है।
कैसे उड़ी जहाज पर हमले की अफवाह? (VHF रेडियो का कनेक्शन)
दरअसल, यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब ओमान के तट के पास से गुजर रहे कमर्शियल जहाज ‘लियाकी फ्रीडम’ से अचानक संपर्क टूट गया।
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (समुद्री नाविकों से जुड़ा संगठन) के मुताबिक, कुछ समय के लिए जहाज का वीएचएफ (VHF) रेडियो काम नहीं कर रहा था और वहां से कोई जवाब नहीं आ रहा था। जब समंदर में किसी जहाज का रेडियो सिग्नल काम करना बंद कर देता है, तो इसे खतरे की घंटी माना जाता है। इसी बीच किसी ने सोशल मीडिया पर लिख दिया कि जहाज पर हमला हो गया है, और बस फिर क्या था… यह झूठी खबर मिनटों में वायरल हो गई।
हालांकि, कुछ ही देर बाद संगठन ने सैटेलाइट और ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से जहाज की लोकेशन का पता लगा लिया और यह कंफर्म हो गया कि जहाज समंदर में बिल्कुल सुरक्षित है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने तुरंत सामने आकर बताया सच
जैसे ही यह अफवाह भारत सरकार के कानों तक पहुंची, विदेश मंत्रालय तुरंत एक्शन में आ गया। मंत्रालय ने बिना कोई देरी किए एक आधिकारिक फैक्ट चेक (Fact Check) जारी किया।
विदेश मंत्रालय ने साफ शब्दों में बताया कि ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज के मास्टर (कैप्टन) से उनकी सीधी बातचीत हो चुकी है। जहाज पर सवार सभी भारतीय क्रू मेंबर्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं। जहाज पर किसी भी तरह का कोई हमला नहीं हुआ है। मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि वे व्हाट्सएप या ट्विटर पर चल रही भ्रामक और झूठी खबरों पर बिल्कुल भरोसा न करें।
आखिर क्यों लोग इतनी जल्दी डर गए? (खाड़ी क्षेत्र का तनाव)
अब सवाल यह उठता है कि सिर्फ कुछ देर के लिए रेडियो खराब होने पर लोगों ने ‘हमले’ की ही बात क्यों सोची? इसके पीछे एक बहुत ही गंभीर वजह है।
दरअसल, पिछले कुछ समय से ओमान की खाड़ी (Gulf of Oman) और लाल सागर के आसपास के इलाकों में हालात बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही के दिनों में इस रास्ते से गुजरने वाले कई कमर्शियल जहाजों (जिन पर भारतीय क्रू सवार था) पर हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी डर और पिछले अनुभवों की वजह से जैसे ही ‘लियाकी फ्रीडम’ का संपर्क टूटा, लोगों को लगा कि यह भी किसी नए हमले का शिकार हो गया है।
3 भारतीय नाविकों की मौत और भारत का कड़ा रुख
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ रहे इस तनाव ने भारत को भी गहरा दर्द दिया है। पिछले कुछ दिनों में इसी इलाके में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर जो असली हमले हुए थे, उनमें तीन भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।
इन हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी खूब बयानबाजी हो रही है। जहां एक तरफ अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन हमलों को अपनी नौसेना की कार्रवाई का हिस्सा बताया था, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे विवाद के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया था।
एस. जयशंकर ने अमेरिका के सामने दर्ज कराया विरोध
भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं करता। 3 भारतीय नाविकों की दुखद मौत के मामले को भारत सरकार ने बहुत गंभीरता से लिया है।
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने खुद अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) को फोन मिलाया। इस बातचीत में भारत ने नाविकों की मौत पर अपना सख्त विरोध (Protest) दर्ज कराया है। जयशंकर ने दो टूक शब्दों में कहा कि कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर इस तरह की जानलेवा कार्रवाई किसी भी स्थिति में सही नहीं ठहराई जा सकती है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नाविकों को युद्ध या आपसी तनाव का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर राहत की बात यह है कि ‘लियाकी फ्रीडम’ जहाज और उस पर सवार हमारे सभी भारतीय भाई पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह घटना हमें यह भी सिखाती है कि सोशल मीडिया की हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। जब तक सरकार या किसी आधिकारिक संस्था की तरफ से कोई बयान न आए, तब तक अफवाहों को शेयर करने से बचें। वहीं, खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे हमारे नाविकों की सुरक्षा के लिए भारत सरकार लगातार कूटनीतिक स्तर पर सख्त कदम उठा रही है।











