Noida Airport First Flight: जिस जमीन पर आप और आपके पूर्वज पीढ़ियों से खेती करते आ रहे हों, आज उसी जगह पर एक शानदार इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन जाए और आपको उसी जमीन से हवाई जहाज में उड़ने का मौका मिले। कैसा लगेगा? सुनने में यह किसी फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन सोमवार की सुबह उत्तर प्रदेश के जेवर (नोएडा) में यह सपना सच हो गया।
लंबे इंतजार के बाद आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) से पहली पैसेंजर फ्लाइट ने उड़ान भरी है। लेकिन इस पहली उड़ान की सबसे खास बात कोई नेता या बड़ा बिजनेसमैन नहीं था, बल्कि वे आम किसान और ग्रामीण थे जिन्होंने इस एयरपोर्ट को बनाने के लिए अपनी पुश्तैनी जमीनें सरकार को दी थीं। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में आपको बताते हैं कि जेवर एयरपोर्ट पर आज सुबह क्या-क्या हुआ, किसानों को कैसा लगा और इस एयरपोर्ट के बनने से यूपी को क्या फायदा होगा।
ऐतिहासिक सुबह: अपनी ही जमीन से किसानों ने भरी उड़ान
सोमवार की सुबह जेवर एयरपोर्ट के लिए बहुत हलचल और खुशी वाली थी। जानकारी के मुताबिक, सुबह ठीक 8:05 बजे लखनऊ से आई एक फ्लाइट नोएडा एयरपोर्ट के रनवे पर उतरी। इस फ्लाइट में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कारोबारी बैठे थे। यह फ्लाइट यहां से यात्रियों को लेकर बेंगलुरु के लिए रवाना हो गई।
लेकिन दिन का सबसे बड़ा और भावुक पल सुबह 8:30 बजे आया, जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए पहली कमर्शियल उड़ान शुरू हुई। इस फ्लाइट में 170 ऐसे किसान, कामगार और महिलाएं शामिल थीं, जिनकी जमीन पर यह एयरपोर्ट बना है। इन सभी को खास तौर पर इस पहली उड़ान का मेहमान बनाया गया था।
किसानों की खुशी: ‘कल जहां हल चलता था, आज वहां से उड़े’
पहली बार हवाई सफर करने वाले इन ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।
सीएम योगी से मिला न्योता: फ्लाइट में बैठे एक यात्री अबरार खान ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ से इस पहली फ्लाइट का हिस्सा बनने का बुलावा आया था। उन्होंने कहा, “हमने जो सपना देखा था, वह आज सच हो रहा है। यह हमारे लिए बहुत बड़े सम्मान की बात है।”
महिलाओं में दिखा उत्साह: पास के ही गांव की रहने वाली हेरा रशीद ने बताया कि यह सफर उनके लिए बिल्कुल मुफ्त (Free) है। उन्होंने कहा कि लखनऊ पहुंचकर वे सभी सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे।
30 बीघा जमीन देने वाले किसान: इस फ्लाइट में सफर कर रहे लगभग 65 साल के एक बुजुर्ग किसान ने बताया कि उन्होंने इस एयरपोर्ट के लिए अपनी 30 बीघा जमीन दे दी थी। आज इस इलाके का इतना बड़ा विकास देखकर उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
हाथों में बोर्डिंग पास देखकर भावुक हुए मंत्री और विधायक
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह भी इस पल को देखकर काफी भावुक हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर) पर लिखा कि जिन किसानों के हाथों ने कभी इस मिट्टी पर खेती की थी, आज उन्हीं हाथों में फ्लाइट का ‘बोर्डिंग पास’ है। उन्होंने कहा कि इन परिवारों ने देश और राज्य के अच्छे भविष्य के लिए अपनी जमीन दी थी, और आज वे उसी मिट्टी से आसमान छू रहे हैं।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भी इस मौके पर कहा कि यह सिर्फ एक गुड मॉर्निंग नहीं, बल्कि बहुत ही ‘इमोशनल सुबह’ है। उन्होंने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि अगर हम 10 साल पीछे मुड़कर देखें, तो जेवर जैसे गांव में इतने बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कल्पना करना भी नामुमकिन लगता था।
कैसा है नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट? (खास बातें और आंकड़े)
अब आपको इस शानदार एयरपोर्ट के बारे में कुछ काम के आंकड़े (Facts) भी बता देते हैं:
लागत और मॉडल: यह भारत का सबसे बड़ा ‘ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट’ प्रोजेक्ट है, जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत करीब 11,200 करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश से तैयार किया गया है।
शिलान्यास: इस बड़े प्रोजेक्ट की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को रखी थी।
कितनी फ्लाइट्स चलेंगी: शुरुआत में यहां से देश के 45 अलग-अलग शहरों के लिए करीब 65 कमर्शियल (यात्री) फ्लाइट्स शुरू की जा रही हैं।
कंपनी और एरिया: स्विट्जरलैंड की मशहूर ‘ज्यूरिख इंटरनेशनल’ (Zurich International) कंपनी ने इसे बनाया है। इसके पहले चरण (Phase 1) का काम 1334 हेक्टेयर जमीन पर पूरा हो चुका है।
दुनिया में बजेगा डंका: जब इस एयरपोर्ट के चारों चरण (Phases) बनकर पूरी तरह तैयार हो जाएंगे, तो यह एशिया का सबसे बड़ा और पूरी दुनिया का छठा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन जाएगा।
दोस्तों, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का चालू होना सिर्फ उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के एविएशन (Aviation) सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ी छलांग है। सबसे अच्छी बात यह रही कि सरकार ने इस खुशी में सबसे पहले उन किसानों को शामिल किया, जिनका इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा त्याग रहा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर भीड़ कम करने और यूपी में रोजगार व बिजनेस बढ़ाने में यह एयरपोर्ट एक ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला है।













