Ketan Agrawal Murder Case: जब दो लोगों की सगाई होती है, तो दोनों परिवार एक नए और खुशहाल भविष्य के सपने देखने लगते हैं। लेकिन जरा सोचिए, जिस इंसान के साथ आप अपनी पूरी जिंदगी बिताने का ख्वाब देख रहे हों, वही आपकी जान का दुश्मन बन जाए तो?
पुणे के मशहूर ‘केतन अग्रवाल हत्याकांड‘ (Ketan Agrawal Murder Case) में रोज ऐसे ही डरावने और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। 18 जून को लोहगढ़ किले (Lohagad Fort) की खाई में गिरकर हुई 26 वर्षीय केतन की मौत अब एक ‘हादसे’ से बदलकर एक ‘गहरी साजिश’ बन चुकी है। पुलिस इस बात की तह तक जाने में जुटी है कि आखिर केतन की मंगेतर सिया गोयल ने अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर यह खौफनाक कदम क्यों उठाया? आइए, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि पुलिस की ताजा जांच में क्या-क्या नए और बड़े खुलासे हुए हैं।
सिया के भाई से 10 घंटे पूछताछ: क्या परिवार को कुछ पता था?
हर किसी के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर सिया को केतन से शादी नहीं करनी थी, तो उसने अपने घरवालों को यह बात क्यों नहीं बताई?
इसी सवाल का जवाब ढूंढने के लिए पुणे पुलिस ने सिया के भाई साहिल गोयल को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस ने साहिल से लगातार 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। साहिल ने पुलिस को जो बताया, वह काफी हैरान करने वाला है। साहिल के मुताबिक, सिया ने घर पर कभी इस बात का जिक्र ही नहीं किया कि वह केतन को पसंद नहीं करती या यह शादी नहीं करना चाहती।
भाई ने साफ कहा कि परिवार को सिया और चेतन के प्रेम प्रसंग के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। अगर सिया एक बार भी घर वालों को बता देती कि वह यह शादी नहीं करना चाहती, तो परिवार कभी उस पर दबाव नहीं डालता और यह शादी वहीं रोक दी जाती। लेकिन सिया ने सच बताने के बजाय कत्ल का रास्ता क्यों चुना, यह सवाल अब भी पुलिस के लिए एक पहेली बना हुआ है।
हत्या के बाद का ‘मास्टरप्लान’: क्यों डिलीट की गईं सारी चैट्स?
क्राइम पेट्रोल या थ्रिलर फिल्में देखने वाले जानते हैं कि अपराधी बचने के लिए क्या-क्या तरकीबें लगाते हैं। सिया और उसके प्रेमी चेतन ने भी पुलिस की आंखों में धूल झोंकने का पूरा मास्टरप्लान बनाया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों ने यह तय किया था कि केतन को रास्ते से हटाने के बाद वे कई दिनों तक एक-दूसरे से बिल्कुल नहीं मिलेंगे। ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुलिस या परिवार के किसी भी सदस्य को उन दोनों पर कोई शक न हो। इतना ही नहीं, खुद को बचाने के लिए सिया और चेतन ने अपने मोबाइल से एक-दूसरे की सारी व्हाट्सएप चैट्स (WhatsApp Chats) और कॉल हिस्ट्री भी डिलीट कर दी थी।
लेकिन, पुलिस भी अपराधियों से दो कदम आगे रहती है। पुलिस ने दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और उन्हें फोरेंसिक लैब (Forensic Lab) भेज दिया है। एक्सपर्ट्स अब डिलीट की गई चैट्स और डेटा को रिकवर (Recover) करने में जुटे हैं, जिससे इस पूरी साजिश का काला सच दुनिया के सामने आ सके।
बचाव पक्ष की दलील: वकील ने किया ये बड़ा दावा
जहां एक तरफ पुलिस सबूतों की कड़ियां जोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने एक बड़ा दावा कर दिया है।
हर कहानी के दो पहलू होते हैं। सिया के वकील का कहना है कि पुलिस के पास अभी तक ऐसा कोई भी ‘स्वतंत्र चश्मदीद गवाह’ (Independent Witness) नहीं है, जिसने सिया को यह अपराध करते हुए अपनी आंखों से देखा हो। वकील का दावा है कि बिना किसी ठोस गवाह के उनकी क्लाइंट (सिया) को सीधे तौर पर कातिल साबित नहीं किया जा सकता।
हादसा या मर्डर: क्या है 18 जून की वो खौफनाक कहानी?
अगर आपने इस मामले के बारे में पहले नहीं पढ़ा है, तो आपको बता दें कि यह पूरी घटना 18 जून की है। 26 साल का केतन अग्रवाल अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ पुणे के लोहगढ़ किले में ट्रैकिंग (Trekking) के लिए गया था।
शुरुआत में सिया ने केतन के परिवार और पुलिस को मनगढ़ंत कहानी सुनाई थी। उसने कहा था कि ट्रैकिंग करते समय अचानक केतन का पैर फिसल गया और वह एक गहरी खाई में जा गिरा। पुलिस ने भी इसे एक दर्दनाक हादसा मानकर जांच शुरू की थी। लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सिया के बयानों में झोल नजर आने लगा और यह तथाकथित ‘हादसा’ एक सोची-समझी हत्या की साजिश में बदल गया।
दोस्तों, केतन अग्रवाल का यह केस समाज के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। अगर रिश्तों में सच्चाई और ईमानदारी हो, तो शायद ऐसी नौबत कभी न आए। एक ‘ना’ बोलने की हिम्मत न जुटा पाने के कारण आज एक बेकसूर युवा की जान चली गई और दो परिवार बर्बाद हो गए। अब सबकी नजरें फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट पर टिकी हैं। देखना यह होगा कि डिलीट की गई चैट्स वापस आने के बाद इस खौफनाक हत्याकांड के कौन-कौन से नए राज बेनकाब होते हैं।











