Ayodhya Ram Mandir latest news: अयोध्या का राम मंदिर सिर्फ एक ईंट-पत्थर की इमारत नहीं है, बल्कि यह करोड़ों भारतीयों की आस्था और भरोसे का सबसे बड़ा केंद्र है। एक आम आदमी अपनी खून-पसीने की कमाई में से 10 रुपये से लेकर लाखों रुपये तक खुशी-खुशी भगवान राम के चरणों में दान करता है। लेकिन जरा सोचिए, जब उसी दान के पैसों और आभूषणों में चोरी या हेराफेरी की खबर सामने आए, तो एक रामभक्त के दिल पर क्या बीतेगी?
बीते 7 जून 2026 को राम मंदिर के दानपात्र में चोरी और पैसों की गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस खबर ने पूरे देश को हैरान कर दिया। अब इस मामले में पुलिस का डंडा चल गया है और 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, इस मुद्दे पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भी बहुत ही भावुक और कड़क बात कही है। आइए, एक दोस्त की तरह बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है, पुलिस को कितने पैसे मिले हैं और राजनीति में इसे लेकर क्या बयानबाजी चल रही है।
‘रावण ने माता जानकी को चुराया, इन्होंने श्रद्धा चुराई’: धीरेंद्र शास्त्री
राम मंदिर में हुई इस चोरी की घटना पर मशहूर कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपना दुख जताया है। उन्होंने चोरी करने वालों की तुलना सीधे रावण से कर दी है।
उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “ये लोग भी रावण ही हैं, बस इनके रूप बदल गए हैं। रावण ने माता जानकी का हरण किया था, लेकिन इन लोगों ने राम मंदिर के दान पात्र से करोड़ों लोगों की श्रद्धा और भरोसे को चुराया है।”
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ कहा कि जिन्होंने भी भगवान के पैसों में सेंध लगाई है, उन्हें पुलिस या सरकार की सजा तो मिलेगी ही, साथ ही भगवान का ‘महादंड’ भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने याद दिलाया कि रावण के बुरे कर्मों का नतीजा यह हुआ था कि उसका पूरा परिवार खत्म हो गया था, इसलिए भगवान के घर में चोरी करने वाले किसी भी कीमत पर बच नहीं सकते।
पुलिस का बड़ा एक्शन: 8 आरोपी जेल में, लाखों की रिकवरी
जब 7 जून को इस मामले ने तूल पकड़ा, तो उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत एक ‘स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम’ (SIT) बना दी। एसआईटी की जांच और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
इस मामले में पुलिस ने बहुत तेजी से काम करते हुए शुक्रवार (26 जून) को सभी 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने इन सभी को 29 जून तक के लिए ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में जेल भेज दिया है। सबसे राहत की बात यह है कि जांच टीम ने आरोपियों के पास से अब तक लगभग 79.85 लाख रुपये (करीब 80 लाख) बरामद कर लिए हैं। उम्मीद है कि आगे की पूछताछ में और भी कई बड़े राज सामने आएंगे।
चंपत राय के इस्तीफे की अफवाह और ट्रस्ट का रुख
सोशल मीडिया पर इस विवाद के बाद कई तरह की बातें चल रही हैं। इसी बीच अफवाह उड़ी कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने साफ किया है कि उनके पास चंपत राय के इस्तीफे की कोई जानकारी नहीं है। बता दें कि चंपत राय वीएचपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं।
चंदा चोरी पर गरमाई राजनीति: अखिलेश से लेकर केजरीवाल तक के वार
जब मुद्दा राम मंदिर का हो, तो राजनीति का गरमाना तय है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है:
अखिलेश यादव (SP): समाजवादी पार्टी के मुखिया ने इस घटना पर सीधा तंज कसते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ‘लंकाकांड’ अब अयोध्या से ही शुरू हो गया है।
अरविंद केजरीवाल (AAP): आम आदमी पार्टी के नेता ने इस मामले को ‘धर्मयुद्ध’ करार दिया। उन्होंने जनता से अपील की है कि ऐसे ‘चंदा चोरों’ का समाज से बहिष्कार कर देना चाहिए क्योंकि इन्होंने करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
कांग्रेस (Congress): कांग्रेस पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए और मौजूदा राम मंदिर ट्रस्ट को तुरंत भंग (खत्म) कर देना चाहिए।
सरकार का जवाब: इन सबके बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कर दिया है कि आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे सपा और कांग्रेस की रची हुई एक ‘साजिश’ बताया है।
दोस्तों, राम मंदिर के दान में हुई यह चोरी सिर्फ पैसों का गबन नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास की चोरी है जो एक आम आदमी भगवान के प्रति रखता है। पुलिस ने 8 लोगों को पकड़कर और 80 लाख रुपये बरामद करके एक अच्छा काम किया है। अब देश की जनता यही चाहती है कि इस मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच हो, ताकि भविष्य में भगवान के घर में कोई इस तरह की हिम्मत न कर सके।












